Explainer: सरकार दे रही है फसल खराब होने पर मदद, लेकिन ये शर्तें जानना जरूरी है
इस बार मानसून ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तस्वीर पेश की है। इस बार मानसून की अनियमित बारिश ने जहां किसानों की टेंशन बढ़ा दी है वहीं कुछ हिस्सों में ज्यादा बारिश के कारण जलभराव की स्थिती पैदा हो गई है। मानसून के देश में आने के कई हफ्तों बाद भी देश के कई हिस्सों में बारिश नहीं हुई है, जिसकी वजह से कई इलाकों में तापमान 40-45 डिग्री तक पहुंच गया है। बारिश न होने और तापमान ज्यादा रहने के कारण धान, मक्का जैसी फसलों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) इसी तरह के हालात में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए शुरू की गई है। हालांकि, सिर्फ बीमा करवाना ही काफी नहीं है, बल्कि नुकसान होने पर सही समय पर Claim करना भी बेहद जरूरी होता है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान की भरपाई के लिए की गई है। इस योजना के तहत खरीफ और रबी फसलों का बीमा कराया जा सकता है। किसान कम प्रीमियम देकर अपनी फसल का बीमा कराते हैं, जबकि बाकी प्रीमियम का बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारें वहन करती हैं।
योजना का मकसद सिर्फ फसल खराब होने पर आर्थिक सहायता देना ही नहीं, बल्कि किसानों की आय को स्थिर बनाए रखना और उन्हें खेती जारी रखने में मदद करना भी है। हालांकि, योजना का फायदा तभी मिलता है, जब किसान तय समय के भीतर बीमा करवाएं और नुकसान होने पर नियमों के अनुसार Claim करें।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत हर तरह के नुकसान पर मुआवजा नहीं मिलता। यह योजना सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं या अनियमित मौसम से होने वाले नुकसान को कवर करती है।
अगर भारी बारिश, बाढ़, जलभराव, सूखा, चक्रवात, ओलावृष्टि, बिजली गिरने या भूस्खलन जैसी प्राकृतिक घटनाओं से फसल को नुकसान पहुंचता है, तो किसान Claim के लिए आवेदन कर सकते हैं। कुछ मामलों में कटाई के बाद खेत में रखी फसल को प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर भी बीमा का फायदा मिल सकता है, लेकिन यह हर राज्य द्वारा घोषित फसलों और बीमा नियमों पर निर्भर करता है।
ध्यान रखें कि सभी फसलें और सभी प्रकार के नुकसान बीमा के दायरे में नहीं आते। इसलिए अपने जिले और फसल से संबंधित अधिसूचना जरूर जांच लें।
फसल खराब होने के बाद सबसे जरूरी काम है कि किसान समय पर इसकी सूचना दें। अगर नुकसान की जानकारी तय समय सीमा के भीतर नहीं दी जाती, तो Claim मिलने में परेशानी हो सकती है।
कई राज्यों में नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देने का प्रावधान है। हालांकि, यह समय सीमा राज्य, फसल और बीमा कंपनी की अधिसूचना के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए नुकसान होने के तुरंत बाद संबंधित बीमा कंपनी, कृषि विभाग, बैंक या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से संपर्क करना सबसे बेहतर माना जाता है।
Claim करने के लिए सबसे पहले किसान को फसल नुकसान की सूचना संबंधित बीमा कंपनी, कृषि विभाग, बैंक (अगर बैंक के माध्यम से बीमा कराया गया हो) या नजदीकी CSC सेंटर पर देनी होती है। कई जगहों पर PMFBY Portal और मोबाइल App के जरिए भी सूचना दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध होती है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान की भरपाई के लिए की गई है। इस योजना के तहत खरीफ और रबी फसलों का बीमा कराया जा सकता है। किसान कम प्रीमियम देकर अपनी फसल का बीमा कराते हैं, जबकि बाकी प्रीमियम का बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारें वहन करती हैं।
योजना का मकसद सिर्फ फसल खराब होने पर आर्थिक सहायता देना ही नहीं, बल्कि किसानों की आय को स्थिर बनाए रखना और उन्हें खेती जारी रखने में मदद करना भी है। हालांकि, योजना का फायदा तभी मिलता है, जब किसान तय समय के भीतर बीमा करवाएं और नुकसान होने पर नियमों के अनुसार Claim करें।
कब फसल बीमा का Claim किया जा सकता है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत हर तरह के नुकसान पर मुआवजा नहीं मिलता। यह योजना सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं या अनियमित मौसम से होने वाले नुकसान को कवर करती है।
अगर भारी बारिश, बाढ़, जलभराव, सूखा, चक्रवात, ओलावृष्टि, बिजली गिरने या भूस्खलन जैसी प्राकृतिक घटनाओं से फसल को नुकसान पहुंचता है, तो किसान Claim के लिए आवेदन कर सकते हैं। कुछ मामलों में कटाई के बाद खेत में रखी फसल को प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर भी बीमा का फायदा मिल सकता है, लेकिन यह हर राज्य द्वारा घोषित फसलों और बीमा नियमों पर निर्भर करता है।
ध्यान रखें कि सभी फसलें और सभी प्रकार के नुकसान बीमा के दायरे में नहीं आते। इसलिए अपने जिले और फसल से संबंधित अधिसूचना जरूर जांच लें।
फसल खराब होने पर Claim कब करना चाहिए?
फसल खराब होने के बाद सबसे जरूरी काम है कि किसान समय पर इसकी सूचना दें। अगर नुकसान की जानकारी तय समय सीमा के भीतर नहीं दी जाती, तो Claim मिलने में परेशानी हो सकती है।
कई राज्यों में नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देने का प्रावधान है। हालांकि, यह समय सीमा राज्य, फसल और बीमा कंपनी की अधिसूचना के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए नुकसान होने के तुरंत बाद संबंधित बीमा कंपनी, कृषि विभाग, बैंक या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से संपर्क करना सबसे बेहतर माना जाता है।
फसल बीमा का Claim कैसे करें?
Claim करने के लिए सबसे पहले किसान को फसल नुकसान की सूचना संबंधित बीमा कंपनी, कृषि विभाग, बैंक (अगर बैंक के माध्यम से बीमा कराया गया हो) या नजदीकी CSC सेंटर पर देनी होती है। कई जगहों पर PMFBY Portal और मोबाइल App के जरिए भी सूचना दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध होती है।
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