PM Kisan 22nd Installment: होली से पहले किसानों को तोहफा, लेकिन इन लोगों का कट गया नाम
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अगली किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। 22वीं किस्त जारी होने से ठीक पहले केंद्र सरकार ने लाभार्थियों के डेटा का गहन पुनर्सत्यापन (re-verification) शुरू कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप पात्रता नियमों का उल्लंघन करने वाले लाखों किसानों के नाम मुख्य सूची से हटा दिए गए हैं।
अगर आप भी सालाना 6,000 रुपये की इस वित्तीय सहायता का लाभ उठा रहे हैं तो अब यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि आपका नाम अभी भी लाभार्थी सूची में बना हुआ है या नहीं। सरकार ने यह सख्त कदम इसलिए उठाया है ताकि योजना का पैसा केवल उन्हीं छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचे जो वास्तव में इसके पात्र हैं।
लिस्ट से क्यों हटाए जा रहे हैं नाम?
जांच के दौरान दो मुख्य कारण सामने आए हैं जिनकी वजह से अपात्र किसानों के नाम काटे गए हैं। पहला बड़ा कारण भूमि रिकॉर्ड में बदलाव और मालिकाना हक को लेकर स्पष्टता की कमी है। सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार उन किसानों की पात्रता की दोबारा जांच की जा रही है जिनकी जमीन 1 फरवरी 2019 के बाद पंजीकृत हुई थी। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर स्पष्ट दस्तावेज नहीं मिलते हैं तो उनका नाम पोर्टल से तुरंत हटा दिया जाएगा।
दूसरा गंभीर कारण परिवार से जुड़े नियमों का उल्लंघन है। योजना के प्रावधानों के अनुसार पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों वाले एक परिवार का केवल एक ही सदस्य इसका लाभ ले सकता है। जांच में ऐसे कई मामले मिले हैं जहाँ पति और पत्नी दोनों अलग-अलग किस्तें ले रहे थे। ऐसे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने न केवल भुगतान रोक दिया है बल्कि दोषी पाए जाने पर अब तक प्राप्त सभी किस्तों की वसूली की तैयारी भी कर ली है।
घर बैठे कैसे चेक करें अपना नाम और स्टेटस?
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपके खाते में अगले 2,000 रुपये आएंगे या नहीं तो अब आपको किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप अपने मोबाइल फोन से आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाकर स्थिति की जांच कर सकते हैं। वेबसाइट के होमपेज पर 'फार्मर्स कॉर्नर' सेक्शन में आपको 'नो योर स्टेटस' का विकल्प मिलेगा जहाँ आपको अपना पंजीकरण नंबर या पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा।
कैप्चा कोड डालने और डेटा सबमिट करते ही आपकी पूरी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। यहाँ आपको 'ई-केवाईसी' (e-KYC) और 'लैंड सीडिंग' के स्टेटस को ध्यान से देखना होगा। अगर इन दोनों विकल्पों के सामने हरे रंग में 'YES' नहीं लिखा है तो आपकी अगली किस्त तकनीकी रूप से अटक जाएगी। इसे ठीक करने के लिए आप तुरंत नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर जाकर अपना बायोमेट्रिक केवाईसी पूरा कर सकते हैं।
कब आएगी 22वीं किस्त?
हालांकि सरकार ने अभी तक किसी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की है लेकिन कृषि मंत्रालय के सूत्रों और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 22वीं किस्त मार्च 2026 के पहले सप्ताह में जारी की जा सकती है।
इस बात की पूरी संभावना है कि होली के पावन त्योहार से ठीक पहले करोड़ों किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी। अंतिम समय की भागदौड़ से बचने के लिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक खाते को आधार से लिंक करवा लें और सुनिश्चित करें कि उनका खाता डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के लिए पूरी तरह सक्रिय है।
अगर आप भी सालाना 6,000 रुपये की इस वित्तीय सहायता का लाभ उठा रहे हैं तो अब यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि आपका नाम अभी भी लाभार्थी सूची में बना हुआ है या नहीं। सरकार ने यह सख्त कदम इसलिए उठाया है ताकि योजना का पैसा केवल उन्हीं छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचे जो वास्तव में इसके पात्र हैं।
लिस्ट से क्यों हटाए जा रहे हैं नाम?
जांच के दौरान दो मुख्य कारण सामने आए हैं जिनकी वजह से अपात्र किसानों के नाम काटे गए हैं। पहला बड़ा कारण भूमि रिकॉर्ड में बदलाव और मालिकाना हक को लेकर स्पष्टता की कमी है। सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार उन किसानों की पात्रता की दोबारा जांच की जा रही है जिनकी जमीन 1 फरवरी 2019 के बाद पंजीकृत हुई थी। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर स्पष्ट दस्तावेज नहीं मिलते हैं तो उनका नाम पोर्टल से तुरंत हटा दिया जाएगा।You may also like
- Swami Avimukteshwarananda: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ सकती है मुश्किल!, बटुकों के यौन उत्पीड़न मामले में आई ये अहम जानकारी
- बिहार में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए 14,000 नई जेब्रा क्रॉसिंग, 30 अप्रैल तक पूरा
- तेजस्वी यादव ने अमित शाह के दौरे के बाद घुसपैठ और अपराध को चुनावी मुद्दा बनाया
- भारतीय रिफाइनरियों को वेनेज़ुएला का बड़ा तोहफा? सुपर टैंकरों से होगी तेल की सप्लाई, सस्ता या महंगा जाने कितना आएगा खर्च
- बस चालकों और संवाहकों के लिए आधुनिक डोरमेट्री मार्च से शुरू
दूसरा गंभीर कारण परिवार से जुड़े नियमों का उल्लंघन है। योजना के प्रावधानों के अनुसार पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों वाले एक परिवार का केवल एक ही सदस्य इसका लाभ ले सकता है। जांच में ऐसे कई मामले मिले हैं जहाँ पति और पत्नी दोनों अलग-अलग किस्तें ले रहे थे। ऐसे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने न केवल भुगतान रोक दिया है बल्कि दोषी पाए जाने पर अब तक प्राप्त सभी किस्तों की वसूली की तैयारी भी कर ली है।
घर बैठे कैसे चेक करें अपना नाम और स्टेटस?
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपके खाते में अगले 2,000 रुपये आएंगे या नहीं तो अब आपको किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप अपने मोबाइल फोन से आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाकर स्थिति की जांच कर सकते हैं। वेबसाइट के होमपेज पर 'फार्मर्स कॉर्नर' सेक्शन में आपको 'नो योर स्टेटस' का विकल्प मिलेगा जहाँ आपको अपना पंजीकरण नंबर या पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा।कैप्चा कोड डालने और डेटा सबमिट करते ही आपकी पूरी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। यहाँ आपको 'ई-केवाईसी' (e-KYC) और 'लैंड सीडिंग' के स्टेटस को ध्यान से देखना होगा। अगर इन दोनों विकल्पों के सामने हरे रंग में 'YES' नहीं लिखा है तो आपकी अगली किस्त तकनीकी रूप से अटक जाएगी। इसे ठीक करने के लिए आप तुरंत नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर जाकर अपना बायोमेट्रिक केवाईसी पूरा कर सकते हैं।
कब आएगी 22वीं किस्त?
हालांकि सरकार ने अभी तक किसी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की है लेकिन कृषि मंत्रालय के सूत्रों और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 22वीं किस्त मार्च 2026 के पहले सप्ताह में जारी की जा सकती है। इस बात की पूरी संभावना है कि होली के पावन त्योहार से ठीक पहले करोड़ों किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी। अंतिम समय की भागदौड़ से बचने के लिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक खाते को आधार से लिंक करवा लें और सुनिश्चित करें कि उनका खाता डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के लिए पूरी तरह सक्रिय है।









