PM Kisan Scheme: किसानों को मिलेंगे 6000 रुपये, जानिए फसल बीमा और क्रेडिट कार्ड के बड़े फायदे
खेती-किसानी को बेहतर बनाने और किसानों की आर्थिक हालत सुधारने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। सरकार समय-समय पर ऐसी योजनाएं लाती है जिनसे किसानों को फसल बोने का खर्च मिल सके, आपदा में नुकसान की भरपाई हो सके, कम ब्याज पर कर्ज मिल पाए और बुढ़ापे में किसी पर निर्भर न रहना पड़े।
इन योजनाओं का मकसद सिर्फ मदद देना ही नहीं है, बल्कि खेती को एक फायदे का सौदा बनाना है। इस समय देश में चार बड़ी योजनाएं किसानों के बहुत काम आ रही हैं। इनमें पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान मानधन योजना शामिल हैं। इनके जरिए किसानों के बैंक खाते में सीधे पैसे भेजे जाते हैं।
इस योजना के तहत किसानों को हर साल कुल 6,000 रुपये दिए जाते हैं। यह रकम एक साथ नहीं मिलती, बल्कि 4-4 महीने के अंतराल पर तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। यानी हर किस्त में किसान के खाते में 2,000 रुपये आते हैं।
ये भी पढ़ें: PM Kisan Yojana Fraud: केवाईसी के नाम पर किसान से लूटे ₹3.90 लाख, आप भूलकर भी न करें ये गलती
किसान इसके लिए आधिकारिक पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या फिर पास के जन सेवा केंद्र (CSC), बैंक या कृषि विभाग के दफ्तर जाकर भी फॉर्म भर सकते हैं।
केंद्र सरकार की ये चारों योजनाएं किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह काम करती हैं। पीएम किसान से समय पर खेती के लिए पैसा मिलता है, फसल बीमा आपदा के समय ढाल बनता है, केसीसी साहूकारों के जाल से बचाता है और मानधन योजना बुढ़ापे की लाठी बनती है। पात्र किसान समय पर अपना पंजीकरण कराकर इन सभी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकते हैं।
इन योजनाओं का मकसद सिर्फ मदद देना ही नहीं है, बल्कि खेती को एक फायदे का सौदा बनाना है। इस समय देश में चार बड़ी योजनाएं किसानों के बहुत काम आ रही हैं। इनमें पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान मानधन योजना शामिल हैं। इनके जरिए किसानों के बैंक खाते में सीधे पैसे भेजे जाते हैं।
पीएम किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
यह योजना देश के छोटे और सीमांत किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसकी शुरुआत किसानों को सीधा आर्थिक सहारा देने के लिए की गई थी। अब इसका दायरा काफी बढ़ चुका है और पात्र किसानों के खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं।इस योजना के तहत किसानों को हर साल कुल 6,000 रुपये दिए जाते हैं। यह रकम एक साथ नहीं मिलती, बल्कि 4-4 महीने के अंतराल पर तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। यानी हर किस्त में किसान के खाते में 2,000 रुपये आते हैं।
क्या है इस योजना का मुख्य उद्देश्य?
पीएम किसान योजना का सीधा सा मकसद किसानों की रोजमर्रा की जरूरतों और खेती के खर्च में मदद करना है। इस पैसे से किसान समय पर बीज, खाद और कीटनाशक खरीद सकते हैं, जिससे उन पर अचानक से कर्ज का बोझ नहीं पड़ता।ये भी पढ़ें: PM Kisan Yojana Fraud: केवाईसी के नाम पर किसान से लूटे ₹3.90 लाख, आप भूलकर भी न करें ये गलती
पैसे कैसे मिलते हैं?
सरकार यह पैसा सीधे किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजती है। इसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) कहा जाता है। इसमें किसी बिचौलिए की भूमिका नहीं होती और पूरा पैसा पारदर्शी तरीके से सीधे किसान तक पहुंचता है।किस पोर्टल से होता है काम?
इस योजना का सारा काम इसके आधिकारिक पोर्टल के जरिए किया जाता है। किसान इस पोर्टल पर:- नया पंजीकरण करा सकते हैं।
- अपने आवेदन की स्थिति जांच सकते हैं।
- लाभार्थियों की सूची में अपना नाम देख सकते हैं।
- अपनी ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं।
- अपनी किस्तों का स्टेटस चेक कर सकते हैं।
पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY)
खेती पूरी तरह से मौसम के मिजाज पर टिकी होती है। कभी सूखा, कभी ओलावृष्टि तो कभी कीड़े लगने से पूरी की पूरी फसल बर्बाद हो जाती है। किसानों को इस तरह के नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने पीएम फसल बीमा योजना शुरू की है। अगर बाढ़, सूखा, तूफान या किसी बीमारी से फसल खराब होती है, तो किसान को बीमा क्लेम के रूप में मुआवजा मिलता है।You may also like
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फसल बीमा का फायदा और प्रीमियम
इस योजना का मुख्य मकसद प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान का भरपाई करना है ताकि किसान निराश होकर खेती न छोड़े। इसमें किसान को बहुत मामूली प्रीमियम देना होता है। बाकी का बड़ा हिस्सा सरकार सब्सिडी के रूप में देती है। किसानों को खरीफ फसल के लिए सिर्फ 2 प्रतिशत, रबी फसल के लिए 1.5 प्रतिशत और बागवानी फसलों के लिए केवल 5 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है।किसान इसके लिए आधिकारिक पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या फिर पास के जन सेवा केंद्र (CSC), बैंक या कृषि विभाग के दफ्तर जाकर भी फॉर्म भर सकते हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
खेती में बुआई से लेकर कटाई तक समय-समय पर पैसों की जरूरत पड़ती रहती है। अगर सही समय पर पैसा न मिले, तो किसान को गांव के साहूकारों से भारी ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था। इसी परेशानी को दूर करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना बनाई गई है। इसके जरिए बैंकों से बहुत कम ब्याज दर पर खेती के लिए लोन मिल जाता है।कितना लगता है ब्याज?
केसीसी पर सरकार ब्याज में भारी छूट देती है। इस पर 2 प्रतिशत की छूट तो सीधी मिलती है। इसके अलावा, जो किसान समय पर लोन चुका देते हैं, उन्हें 3 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाती है। इस तरह सही समय पर भुगतान करने वाले किसानों को यह लोन सिर्फ 4 प्रतिशत सालाना के मामूली ब्याज पर मिल जाता है।प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना
उम्र के ढलने के साथ किसानों के सामने अपनी जरूरतों को पूरा करने की चिंता खड़ी हो जाती है। नौकरीपेशा लोगों की तरह किसानों के पास पेंशन का कोई जरिया नहीं होता। इसी सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पीएम किसान मानधन योजना लाई गई है।कितनी मिलती है पेंशन?
60 साल की उम्र पूरी होने के बाद किसान को हर महीने कम से कम 3,000 रुपये की निश्चित पेंशन दी जाती है। यानी साल भर में 36,000 रुपये की मदद मिलती है। 18 से 40 वर्ष की आयु के किसान इस योजना में जुड़कर अंशदान कर सकते हैं।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
अलग-अलग योजनाओं के हिसाब से दस्तावेजों में थोड़ा बदलाव हो सकता है, लेकिन आमतौर पर इन कागजातों की जरूरत पड़ती है:- आधार कार्ड
- बैंक खाते की जानकारी
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- जमीन से जुड़े कागजात
- पासपोर्ट साइज फोटो
- पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र
केंद्र सरकार की ये चारों योजनाएं किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह काम करती हैं। पीएम किसान से समय पर खेती के लिए पैसा मिलता है, फसल बीमा आपदा के समय ढाल बनता है, केसीसी साहूकारों के जाल से बचाता है और मानधन योजना बुढ़ापे की लाठी बनती है। पात्र किसान समय पर अपना पंजीकरण कराकर इन सभी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकते हैं।





