PM Kisan Yojana: 10 करोड़ किसानों के लिए बड़ा अपडेट, ₹63,500 करोड़ के फंड को मिली हरी झंडी
बजट 2026 में किसानों के लिए मिली-जुली खबरें सामने आई हैं। बजट से पहले देशभर के किसानों को उम्मीद थी कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली सालाना राशि में बढ़ोतरी की जाएगी, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। हालांकि सरकार ने योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त बजट आवंटन की घोषणा जरूर की है।
इस बार के केंद्रीय बजट में किसानों के कल्याण के लिए 63,500 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है। इसका मतलब है कि आवंटन पिछले वर्ष के बराबर ही रखा गया है। साल 2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है और सरकार ने इस फंडिंग लेवल को बरकरार रखने का फैसला किया है।
सालाना तीन किस्तों में मिलती है मदद
केंद्र सरकार पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर साल तीन किस्तों में पैसा जारी करती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेती से जुड़े निवेशों में किसानों की मदद करना और कृषि क्षेत्र को सहारा देना है। वर्तमान में देश भर के 10 करोड़ से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
योजना की शुरुआत से अब तक सरकार किसानों के बैंक खातों में 3.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर कर चुकी है। इससे देश के छोटे और सीमांत किसान परिवारों को बड़ी राहत मिली है। 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी सहायता राशि बढ़ने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन सरकार ने इस साल भी पुराने आवंटन पर ही भरोसा जताया है।
फंडिंग में होते रहे हैं बदलाव
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार हर साल फंडिंग के आंकड़ों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। साल 2023-24 में वास्तविक खर्च 61,441 करोड़ रुपये था, जो शुरुआती अनुमान से काफी अधिक रहा। वहीं 2024-25 के लिए शुरुआती 60,000 करोड़ रुपये के आवंटन को बाद में लाभार्थियों की संख्या के आधार पर बढ़ाकर 66,121 करोड़ रुपये कर दिया गया था। यह दर्शाता है कि सरकार जमीनी हकीकत के हिसाब से खर्च में बदलाव करती रहती है।
मांग के बावजूद नहीं बढ़ी राशि
किसान संगठनों ने लगातार मांग की थी कि पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त राशि को बढ़ाया जाए, लेकिन बजट में कोई राहत नहीं मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में किस्त की राशि बढ़ाने का कोई जिक्र नहीं किया। दिसंबर में हुई बैठकों में मांग की गई थी कि इस राशि को कम से कम 9,000 से 12,000 रुपये सालाना किया जाए। इन मांगों के बावजूद सरकार ने राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए मौजूदा राशि को ही बरकरार रखने का फैसला किया।
कब आएगी 22वीं किस्त?
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त फरवरी के आखिरी हफ्ते में होली से पहले लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर होने की उम्मीद है। योजना से जुड़े किसान इस भुगतान का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब तक इस योजना के तहत 2,000 रुपये की 21 किस्तें बांटी जा चुकी हैं और संभावना है कि 22वीं किस्त 28 फरवरी तक जारी कर दी जाएगी।
इस बार के केंद्रीय बजट में किसानों के कल्याण के लिए 63,500 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है। इसका मतलब है कि आवंटन पिछले वर्ष के बराबर ही रखा गया है। साल 2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है और सरकार ने इस फंडिंग लेवल को बरकरार रखने का फैसला किया है।
सालाना तीन किस्तों में मिलती है मदद
केंद्र सरकार पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर साल तीन किस्तों में पैसा जारी करती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेती से जुड़े निवेशों में किसानों की मदद करना और कृषि क्षेत्र को सहारा देना है। वर्तमान में देश भर के 10 करोड़ से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।योजना की शुरुआत से अब तक सरकार किसानों के बैंक खातों में 3.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर कर चुकी है। इससे देश के छोटे और सीमांत किसान परिवारों को बड़ी राहत मिली है। 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी सहायता राशि बढ़ने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन सरकार ने इस साल भी पुराने आवंटन पर ही भरोसा जताया है।
फंडिंग में होते रहे हैं बदलाव
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार हर साल फंडिंग के आंकड़ों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। साल 2023-24 में वास्तविक खर्च 61,441 करोड़ रुपये था, जो शुरुआती अनुमान से काफी अधिक रहा। वहीं 2024-25 के लिए शुरुआती 60,000 करोड़ रुपये के आवंटन को बाद में लाभार्थियों की संख्या के आधार पर बढ़ाकर 66,121 करोड़ रुपये कर दिया गया था। यह दर्शाता है कि सरकार जमीनी हकीकत के हिसाब से खर्च में बदलाव करती रहती है।मांग के बावजूद नहीं बढ़ी राशि
किसान संगठनों ने लगातार मांग की थी कि पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त राशि को बढ़ाया जाए, लेकिन बजट में कोई राहत नहीं मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में किस्त की राशि बढ़ाने का कोई जिक्र नहीं किया। दिसंबर में हुई बैठकों में मांग की गई थी कि इस राशि को कम से कम 9,000 से 12,000 रुपये सालाना किया जाए। इन मांगों के बावजूद सरकार ने राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए मौजूदा राशि को ही बरकरार रखने का फैसला किया। कब आएगी 22वीं किस्त?
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त फरवरी के आखिरी हफ्ते में होली से पहले लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर होने की उम्मीद है। योजना से जुड़े किसान इस भुगतान का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब तक इस योजना के तहत 2,000 रुपये की 21 किस्तें बांटी जा चुकी हैं और संभावना है कि 22वीं किस्त 28 फरवरी तक जारी कर दी जाएगी। Next Story