PM Kisan New Update: अब खाद खरीदने के लिए भी पड़ेगी फार्मर आईडी की जरूरत, जानें क्या है नया नियम
खेती-किसानी को डिजिटल बनाने की दिशा में सरकार एक के बाद एक बड़े कदम उठा रही है। अब तक आपने सुना होगा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त पाने के लिए फार्मर आईडी (Farmer ID) अनिवार्य कर दी गई है। लेकिन अब खबर आ रही है कि आने वाले समय में यूरिया, डीएपी और अन्य खाद खरीदने के लिए भी आपको इस यूनिक डिजिटल आईडी की जरूरत पड़ सकती है।
सरकार का उद्देश्य साफ है कि खाद और सब्सिडी का लाभ सीधे उन असली किसानों तक पहुँचे जो खेतों में पसीना बहाते हैं। आइए जानते हैं कि यह फार्मर आईडी क्या है, यह खाद खरीदने के लिए क्यों जरूरी हो रही है और आप इसे आसानी से कैसे बना सकते हैं।
क्या है यह डिजिटल फार्मर आईडी?
जैसे हर नागरिक की पहचान के लिए आधार कार्ड होता है, वैसे ही अब हर किसान की एक अपनी डिजिटल पहचान होगी जिसे 'फार्मर आईडी' कहा जा रहा है। यह आईडी 'एग्री स्टैक' (AgriStack) प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसमें आपकी पहचान के साथ-साथ आपकी जमीन का ब्यौरा, उगाई जाने वाली फसल और आपके द्वारा लिए गए सरकारी लाभों की पूरी जानकारी एक ही जगह डिजिटल रूप में दर्ज होगी।
खाद खरीदने के लिए क्यों जरूरी है यह आईडी?
अक्सर देखा जाता है कि सीजन के समय खाद की किल्लत हो जाती है या फिर खाद की कालाबाजारी होने लगती है। सरकार का मानना है कि फार्मर आईडी के जरिए खाद की बिक्री को ट्रैक करना आसान हो जाएगा:
असली किसानों की पहचान: इससे यह सुनिश्चित होगा कि खाद केवल वही व्यक्ति खरीद रहा है जिसके नाम पर खेती योग्य जमीन है।
जरूरत के हिसाब से खाद: आपकी आईडी से पता चलेगा कि आपके पास कितनी जमीन है और आपको कितनी खाद की आवश्यकता है। इससे खाद की जमाखोरी पर लगाम लगेगी।
सब्सिडी का सही उपयोग: खाद पर मिलने वाली भारी सब्सिडी का लाभ सही हाथों में जाएगा और फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म होगी।
घर बैठे कैसे बनाएं अपनी फार्मर आईडी? (स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस)
अच्छी बात यह है कि आपको इस आईडी के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप इसे खुद अपने मोबाइल या कंप्यूटर से बना सकते हैं:
आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: अपने राज्य के 'फार्मर रजिस्ट्री' पोर्टल (जैसे मध्य प्रदेश के लिए mpfr.agristack.gov.in) या केंद्र सरकार के एग्री स्टैक पोर्टल पर जाएं।
पंजीकरण शुरू करें: होमपेज पर 'New Registration' या 'Create Farmer ID' के विकल्प पर क्लिक करें।
आधार वेरिफिकेशन: अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें। आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, उसे डालकर ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा करें।
जमीन का विवरण दें: अपना जिला, तहसील और गांव चुनें। इसके बाद अपना खसरा या खाता नंबर डालें। आपकी जमीन की जानकारी अपने आप स्क्रीन पर आ जाएगी।
फोटो और अन्य डिटेल्स: अपनी एक साफ फोटो अपलोड करें और बैंक खाते की जानकारी भरें।
फाइनल सबमिट: सभी जानकारी की जांच करने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें। राजस्व विभाग के सत्यापन के बाद आपकी डिजिटल फार्मर आईडी जेनरेट हो जाएगी, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज जो आपके पास होने चाहिए
आवेदन करते समय इन चीजों को अपने पास रखें ताकि प्रक्रिया बीच में न रुके:
फार्मर आईडी भविष्य की खेती का आधार बनने जा रही है। यह न केवल आपको खाद और बीज आसानी से दिलाने में मदद करेगी, बल्कि फसल बीमा, केसीसी (KCC) लोन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पाने की प्रक्रिया को भी बहुत सरल बना देगी। अगर आपने अभी तक अपनी डिजिटल आईडी नहीं बनाई है, तो इसे आज ही बनवा लें ताकि आपको अपनी फसल के लिए खाद या पीएम किसान की किस्त के लिए परेशान न होना पड़े।
सरकार का उद्देश्य साफ है कि खाद और सब्सिडी का लाभ सीधे उन असली किसानों तक पहुँचे जो खेतों में पसीना बहाते हैं। आइए जानते हैं कि यह फार्मर आईडी क्या है, यह खाद खरीदने के लिए क्यों जरूरी हो रही है और आप इसे आसानी से कैसे बना सकते हैं।
क्या है यह डिजिटल फार्मर आईडी?
जैसे हर नागरिक की पहचान के लिए आधार कार्ड होता है, वैसे ही अब हर किसान की एक अपनी डिजिटल पहचान होगी जिसे 'फार्मर आईडी' कहा जा रहा है। यह आईडी 'एग्री स्टैक' (AgriStack) प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसमें आपकी पहचान के साथ-साथ आपकी जमीन का ब्यौरा, उगाई जाने वाली फसल और आपके द्वारा लिए गए सरकारी लाभों की पूरी जानकारी एक ही जगह डिजिटल रूप में दर्ज होगी।खाद खरीदने के लिए क्यों जरूरी है यह आईडी?
अक्सर देखा जाता है कि सीजन के समय खाद की किल्लत हो जाती है या फिर खाद की कालाबाजारी होने लगती है। सरकार का मानना है कि फार्मर आईडी के जरिए खाद की बिक्री को ट्रैक करना आसान हो जाएगा: असली किसानों की पहचान: इससे यह सुनिश्चित होगा कि खाद केवल वही व्यक्ति खरीद रहा है जिसके नाम पर खेती योग्य जमीन है।
जरूरत के हिसाब से खाद: आपकी आईडी से पता चलेगा कि आपके पास कितनी जमीन है और आपको कितनी खाद की आवश्यकता है। इससे खाद की जमाखोरी पर लगाम लगेगी।
सब्सिडी का सही उपयोग: खाद पर मिलने वाली भारी सब्सिडी का लाभ सही हाथों में जाएगा और फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म होगी।
घर बैठे कैसे बनाएं अपनी फार्मर आईडी? (स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस)
अच्छी बात यह है कि आपको इस आईडी के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप इसे खुद अपने मोबाइल या कंप्यूटर से बना सकते हैं: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: अपने राज्य के 'फार्मर रजिस्ट्री' पोर्टल (जैसे मध्य प्रदेश के लिए mpfr.agristack.gov.in) या केंद्र सरकार के एग्री स्टैक पोर्टल पर जाएं।
पंजीकरण शुरू करें: होमपेज पर 'New Registration' या 'Create Farmer ID' के विकल्प पर क्लिक करें।
आधार वेरिफिकेशन: अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें। आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, उसे डालकर ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा करें।
जमीन का विवरण दें: अपना जिला, तहसील और गांव चुनें। इसके बाद अपना खसरा या खाता नंबर डालें। आपकी जमीन की जानकारी अपने आप स्क्रीन पर आ जाएगी।
फोटो और अन्य डिटेल्स: अपनी एक साफ फोटो अपलोड करें और बैंक खाते की जानकारी भरें।
फाइनल सबमिट: सभी जानकारी की जांच करने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें। राजस्व विभाग के सत्यापन के बाद आपकी डिजिटल फार्मर आईडी जेनरेट हो जाएगी, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज जो आपके पास होने चाहिए
आवेदन करते समय इन चीजों को अपने पास रखें ताकि प्रक्रिया बीच में न रुके: - आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है)
- जमीन के दस्तावेज (खसरा-खतौनी की नकल)
- बैंक पासबुक
- राशन कार्ड या फैमिली आईडी
फार्मर आईडी भविष्य की खेती का आधार बनने जा रही है। यह न केवल आपको खाद और बीज आसानी से दिलाने में मदद करेगी, बल्कि फसल बीमा, केसीसी (KCC) लोन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पाने की प्रक्रिया को भी बहुत सरल बना देगी। अगर आपने अभी तक अपनी डिजिटल आईडी नहीं बनाई है, तो इसे आज ही बनवा लें ताकि आपको अपनी फसल के लिए खाद या पीएम किसान की किस्त के लिए परेशान न होना पड़े।
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