खुशखबरी: गर्भवती महिलाओं को सरकार दे रही है 5000 रुपये की आर्थिक सहायता, जानिए कैसे उठाएं इस सरकारी योजना का लाभ
एक महिला के जीवन में मां बनना सबसे सुखद अहसास होता है, लेकिन इस दौरान सही पोषण और आराम की भी उतनी ही जरूरत होती है। मध्यम और गरीब वर्गीय परिवारों में कई बार आर्थिक तंगी के कारण गर्भवती महिलाएं अपनी सेहत का ठीक से ध्यान नहीं रख पातीं। इसी समस्या को दूर करने और मां-बच्चे दोनों को स्वस्थ रखने के लिए भारत सरकार 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' (PMMVY) चला रही है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को कुल 5000 रुपये की नकद सहायता दी जाती है।
यह योजना न केवल महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बेहतर पोषण लेने में मदद करती है, बल्कि मजदूरी करने वाली महिलाओं को उस समय आर्थिक सहारा भी देती है जब वे शारीरिक स्थिति के कारण काम पर नहीं जा पातीं।
किसे मिलता है इस योजना का फायदा?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ पात्रता शर्तें तय की गई हैं:
कैसे मिलती है 5000 रुपये की राशि?
सरकार यह पैसा एक साथ न देकर किस्तों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजती है (DBT के माध्यम से), ताकि इसका सही उपयोग हो सके:
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
इस सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए आपके पास कुछ बुनियादी दस्तावेजों का होना जरूरी है:
आवेदन कैसे करें?
आवेदन की प्रक्रिया बहुत ही सरल रखी गई है। आप अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र (ASHAs/ANMs) पर जाकर फॉर्म भर सकती हैं। इसके अलावा, सरकार ने इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है जहां जाकर आप खुद भी पंजीकरण कर सकती हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य हर गर्भवती महिला को सम्मान और सुरक्षा देना है। यदि आपके घर में या आसपास कोई पात्र महिला है, तो उन्हें इस योजना के बारे में जरूर बताएं। सही समय पर मिला यह छोटा सा आर्थिक सहयोग एक स्वस्थ मां और एक स्वस्थ बच्चे की नींव रखने में बड़ा मददगार साबित होता है।
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यह योजना न केवल महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बेहतर पोषण लेने में मदद करती है, बल्कि मजदूरी करने वाली महिलाओं को उस समय आर्थिक सहारा भी देती है जब वे शारीरिक स्थिति के कारण काम पर नहीं जा पातीं।
किसे मिलता है इस योजना का फायदा?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ पात्रता शर्तें तय की गई हैं: - यह योजना उन महिलाओं के लिए है जो पहली बार गर्भवती हुई हैं।
- आवेदन करने वाली महिला की उम्र कम से कम 19 वर्ष होनी चाहिए।
- जो महिलाएं केंद्र या राज्य सरकार के किसी संस्थान में कार्यरत हैं या जिन्हें किसी अन्य कानून के तहत समान लाभ मिल रहा है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
- यदि किसी महिला का दूसरा बच्चा बालिका (बेटी) है, तो सरकार विशेष प्रावधानों के तहत दूसरी संतान पर भी लाभ प्रदान करती है।
कैसे मिलती है 5000 रुपये की राशि?
सरकार यह पैसा एक साथ न देकर किस्तों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजती है (DBT के माध्यम से), ताकि इसका सही उपयोग हो सके: - पहली किस्त (1000 रुपये): गर्भावस्था के पंजीकरण के समय जब आप आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में अपना नाम दर्ज कराती हैं।
- दूसरी किस्त (2000 रुपये): गर्भधारण के 6 महीने बाद, जब कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच (ANC) पूरी हो चुकी हो।
- तीसरी किस्त (2000 रुपये): बच्चे के जन्म के पंजीकरण और बच्चे को टीकाकरण का पहला चक्र (BCG, OPV, DPT आदि) लगने के बाद।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
इस सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए आपके पास कुछ बुनियादी दस्तावेजों का होना जरूरी है: - माता का आधार कार्ड।
- बैंक पासबुक (जिसमें आधार लिंक हो)।
- एमसीपी कार्ड (माता और बाल संरक्षण कार्ड)।
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (तीसरी किस्त के लिए)।
आवेदन कैसे करें?
आवेदन की प्रक्रिया बहुत ही सरल रखी गई है। आप अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र (ASHAs/ANMs) पर जाकर फॉर्म भर सकती हैं। इसके अलावा, सरकार ने इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है जहां जाकर आप खुद भी पंजीकरण कर सकती हैं।प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य हर गर्भवती महिला को सम्मान और सुरक्षा देना है। यदि आपके घर में या आसपास कोई पात्र महिला है, तो उन्हें इस योजना के बारे में जरूर बताएं। सही समय पर मिला यह छोटा सा आर्थिक सहयोग एक स्वस्थ मां और एक स्वस्थ बच्चे की नींव रखने में बड़ा मददगार साबित होता है।









