Explainer: मोदी युग के 8 बड़े फैसले: जानें 12 साल में भारत में क्या-क्या बदला?
नरेन्द्र मोदी आज देश के सबसे लंबे समय तक पद में रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गये. प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित जवाहर लाल नेहरू के 4398 दिन के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए आज प्रधानमंत्री के तौर पर अपना 4399 दिन पूरा किया. प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल उनके लिए कई चुनौतियां भी लेकर आया है. उनके 12 साल के कार्यकाल में देश ने कई सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों का सामना किया. इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने कई बड़े और बोल्ड फैसले लिए. इस एक्सप्लेनर में हम आज आपके उनके सबसे निर्णायक फैसलों के बारे में बतायेंगे.
8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा कर पूरे देश को चौका दिया. नोटबंदी के तहत ₹500 और ₹1000 के पुराने नोटों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया। सरकार ने इस कदम का मकसद काले धन पर रोक लगाना, नकली नोटों को खत्म करना और आतंकवाद की फंडिंग को कमजोर करना बताया। लोगों को पुराने नोट बदलने के लिए बैंकों में लंबी कतारों का सामना करना पड़ा। इस फैसले का अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा और यह आजाद भारत के सबसे बड़े आर्थिक फैसलों में से एक माना जाता है। इस कदम को लेकर आज भी बहस जारी है।
1 जुलाई 2017 को भारत सरकार ने पूरे देश में GST (Goods and Services Tax) लागू किया। इसे “एक देश, एक टैक्स ” प्रणाली के रूप में पेश किया गया, जिसका मकसद अलग-अलग राज्यों में लगने वाले कई अप्रत्यक्ष करों को खत्म कर एक समान टैक्स सिस्टम बनाना था। इसके तहत VAT, Service Tax, Excise Duty जैसे कई टैक्स को मिलाकर एक ही टैक्स सिस्टम बनाया गया। GST लागू होने से व्यापार प्रक्रिया आसान हुई और टैक्स सिस्टम अधिक पारदर्शी बना। हालांकि शुरुआती दौर में व्यापारियों और कंपनियों को कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा।

5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को खत्म कर दिया। इस आर्टिकल के तहत राज्य को विशेष दर्जा दिया गया था। सरकार ने इसे हटाकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में अलग कर दिया। इस फैसले का मकसद देश की एकता और समान कानून व्यवस्था को मजबूत करना बताया गया। इस कदम के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था में कई बदलाव हुए। यह फैसला भारत के राजनीतिक इतिहास के सबसे बड़े और चर्चित फैसलों में से एक माना जाता है।
महिला आरक्षण विधेयक भारत की संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने के मकसद से लाया गया एक अहम कानून है। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में कुल सीटों का 33% हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में मजबूत भूमिका देना है। लंबे समय से लंबित इस मुद्दे पर सरकार ने इसे पारित कर एक ऐतिहासिक कदम उठाया। इससे भविष्य में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
नरेन्द्र मोदी ने अपने कार्यकाल के शुरूआत से ही पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद पर कड़ा रूख अपनाया. जब भी पाकिस्तान की तरफ से भारत में किसी आतंकवादी घटना को अंजाम दिया गया भारत ने मिलिट्री स्ट्राइक करके उसका जवाब दिया.
उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने PoK में सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया. पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में सीधे हवाई हमलें किए गये और पहलगाम हमले के बाद दोनों देशों के बीच कई दिनों तक सैन्य संघर्ष हुआ. पाकिस्तानी आतंकवाद पर नरेन्द्र मोदी ने जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई है.

तीन तलाक पर रोक मुस्लिम महिलाओं को एकतरफा और तत्काल तलाक की प्रथा से सुरक्षा देने के लिए लागू किया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। इसके तहत “तलाक-ए-बिद्दत” को गैरकानूनी घोषित किया गया और ऐसा करने पर कानूनी सजा का प्रावधान किया गया। इस कदम का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें सामाजिक व कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है। इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जाता है।
आयुष्मान भारत योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य बीमा कवर देने की एक बड़ी सरकारी योजना है। इसके तहत आयुष्मान कार्डधारक परिवारों को हर साल तय राशि तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज का आर्थिक बोझ कम होता है।
डिजिटल इंडिया अभियान का मकसद सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और आसान बनाना है। UPI ने भारत में डिजिटल पेमेंट को तेजी से बढ़ाया और कैशलेस लेनदेन को आम बना दिया। इससे बैंकिंग और पेमेंट सिस्टम अधिक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी हुई है।
भारत ने कोविड-19 महामारी के दौरान दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन अभियानों में से एक चलाया। करोड़ों लोगों को मुफ्त वैक्सीन दी गई, जिससे कोविड को काबू करने में मदद मिली।
भारत में पुराने IPC, CrPC और Evidence Act की जगह नए आपराधिक कानून लागू किए गए। इनका मकसद न्याय प्रणाली को अधिक आधुनिक, तेज और पारदर्शी बनाना है, जिससे मामलों का निपटारा तेजी से हो सके।
नोटबंदी
8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा कर पूरे देश को चौका दिया. नोटबंदी के तहत ₹500 और ₹1000 के पुराने नोटों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया। सरकार ने इस कदम का मकसद काले धन पर रोक लगाना, नकली नोटों को खत्म करना और आतंकवाद की फंडिंग को कमजोर करना बताया। लोगों को पुराने नोट बदलने के लिए बैंकों में लंबी कतारों का सामना करना पड़ा। इस फैसले का अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा और यह आजाद भारत के सबसे बड़े आर्थिक फैसलों में से एक माना जाता है। इस कदम को लेकर आज भी बहस जारी है।
GST लागू करना
1 जुलाई 2017 को भारत सरकार ने पूरे देश में GST (Goods and Services Tax) लागू किया। इसे “एक देश, एक टैक्स ” प्रणाली के रूप में पेश किया गया, जिसका मकसद अलग-अलग राज्यों में लगने वाले कई अप्रत्यक्ष करों को खत्म कर एक समान टैक्स सिस्टम बनाना था। इसके तहत VAT, Service Tax, Excise Duty जैसे कई टैक्स को मिलाकर एक ही टैक्स सिस्टम बनाया गया। GST लागू होने से व्यापार प्रक्रिया आसान हुई और टैक्स सिस्टम अधिक पारदर्शी बना। हालांकि शुरुआती दौर में व्यापारियों और कंपनियों को कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा।
अनुच्छेद 370 हटाना
5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को खत्म कर दिया। इस आर्टिकल के तहत राज्य को विशेष दर्जा दिया गया था। सरकार ने इसे हटाकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में अलग कर दिया। इस फैसले का मकसद देश की एकता और समान कानून व्यवस्था को मजबूत करना बताया गया। इस कदम के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था में कई बदलाव हुए। यह फैसला भारत के राजनीतिक इतिहास के सबसे बड़े और चर्चित फैसलों में से एक माना जाता है।
महिला आरक्षण विधेयक
महिला आरक्षण विधेयक भारत की संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने के मकसद से लाया गया एक अहम कानून है। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में कुल सीटों का 33% हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में मजबूत भूमिका देना है। लंबे समय से लंबित इस मुद्दे पर सरकार ने इसे पारित कर एक ऐतिहासिक कदम उठाया। इससे भविष्य में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
पाकिस्तान पर सीधी मिलिट्री स्ट्राइक
नरेन्द्र मोदी ने अपने कार्यकाल के शुरूआत से ही पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद पर कड़ा रूख अपनाया. जब भी पाकिस्तान की तरफ से भारत में किसी आतंकवादी घटना को अंजाम दिया गया भारत ने मिलिट्री स्ट्राइक करके उसका जवाब दिया.
उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने PoK में सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया. पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में सीधे हवाई हमलें किए गये और पहलगाम हमले के बाद दोनों देशों के बीच कई दिनों तक सैन्य संघर्ष हुआ. पाकिस्तानी आतंकवाद पर नरेन्द्र मोदी ने जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई है.
तीन तलाक पर प्रतिबंध
तीन तलाक पर रोक मुस्लिम महिलाओं को एकतरफा और तत्काल तलाक की प्रथा से सुरक्षा देने के लिए लागू किया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। इसके तहत “तलाक-ए-बिद्दत” को गैरकानूनी घोषित किया गया और ऐसा करने पर कानूनी सजा का प्रावधान किया गया। इस कदम का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें सामाजिक व कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है। इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जाता है।
आयुष्मान भारत योजना
आयुष्मान भारत योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य बीमा कवर देने की एक बड़ी सरकारी योजना है। इसके तहत आयुष्मान कार्डधारक परिवारों को हर साल तय राशि तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज का आर्थिक बोझ कम होता है।
डिजिटल इंडिया और UPI का विस्तार
डिजिटल इंडिया अभियान का मकसद सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और आसान बनाना है। UPI ने भारत में डिजिटल पेमेंट को तेजी से बढ़ाया और कैशलेस लेनदेन को आम बना दिया। इससे बैंकिंग और पेमेंट सिस्टम अधिक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी हुई है।
कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान
भारत ने कोविड-19 महामारी के दौरान दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन अभियानों में से एक चलाया। करोड़ों लोगों को मुफ्त वैक्सीन दी गई, जिससे कोविड को काबू करने में मदद मिली।
नए आपराधिक कानून
भारत में पुराने IPC, CrPC और Evidence Act की जगह नए आपराधिक कानून लागू किए गए। इनका मकसद न्याय प्रणाली को अधिक आधुनिक, तेज और पारदर्शी बनाना है, जिससे मामलों का निपटारा तेजी से हो सके।
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