PM Mudra Yojana New Update: क्या है 'तरुण प्लस' कैटेगरी? जानें कैसे पाएँ 20 लाख रुपये की सरकारी मदद
हर किसी का सपना होता है कि उसका अपना एक छोटा या बड़ा कारोबार हो। लेकिन अक्सर 'पूंजी' की कमी इन सपनों की राह में रोड़ा बन जाती है। अगर आप भी किसी नए बिजनेस का आईडिया लेकर बैठे हैं या अपने मौजूदा काम को बड़े स्तर पर ले जाना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। सरकार ने इस योजना के तहत दी जाने वाली लोन की सीमा को दोगुना कर दिया है।
पहले जहाँ इस योजना के माध्यम से अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लोन मिलता था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस लोन के लिए आपको अपनी कोई जमीन, सोना या कीमती सामान गिरवी रखने की जरूरत नहीं है।
क्या है 'तरुण प्लस' कैटेगरी और किसे मिलेगा फायदा?
मुद्रा योजना के तहत अब तक तीन प्रमुख श्रेणियां थीं: शिशु, किशोर और तरुण। लेकिन नई घोषणा के बाद अब इसमें एक नई कैटेगरी जोड़ी गई है जिसका नाम है 'तरुण प्लस'।
यह उन उद्यमियों के लिए है जो पहले से 'तरुण' कैटेगरी के तहत 10 लाख रुपये तक का लोन ले चुके हैं और उसे समय पर चुका भी चुके हैं। ऐसे सफल कारोबारियों को अब अपना बिजनेस और अधिक विस्तार देने के लिए 10 लाख से लेकर 20 लाख रुपये तक का अतिरिक्त लोन मिल सकेगा। सरकार का उद्देश्य उन छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देना है जो मार्केट में अपनी पकड़ बना चुके हैं और अब बड़े स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं।
मुद्रा योजना की चार श्रेणियां:
बिना गारंटी वाला सुरक्षा कवच
इस योजना की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसका 'कोलेटरल फ्री' होना है। छोटे व्यापारियों के पास अक्सर बैंक को देने के लिए कोई बड़ी सिक्योरिटी नहीं होती। इसी समस्या को समझते हुए सरकार ने क्रेडिट गारंटी फंड फॉर माइक्रो यूनिट्स (CGFMU) के जरिए इन लोन्स की गारंटी खुद ली है। इसका मतलब है कि अगर आप लोन लेते हैं, तो बैंक आपसे कोई गारंटी नहीं मांगेगा क्योंकि आपकी गारंटी सरकार ने दी है।
कौन कर सकता है आवेदन?
यह लोन उन सभी गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि आधारित छोटे व्यवसायों के लिए है जो आय उत्पन्न करने वाली गतिविधियों में लगे हुए हैं। इसमें छोटे दुकानदार, फल और सब्जी विक्रेता, ट्रक ऑपरेटर, मरम्मत की दुकानें, लघु उद्योग, कारीगर और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां शामिल हैं। सेवा क्षेत्र, व्यापार और विनिर्माण (Manufacturing) से जुड़े लोग इसका पूरा लाभ उठा सकते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
मुद्रा लोन लेने के लिए आप किसी भी सरकारी बैंक, निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या एनबीएफसी (NBFC) में आवेदन कर सकते हैं। आप 'जन समर्थ' पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं जो प्रक्रिया को काफी आसान और पारदर्शी बनाता है।
आवेदन के लिए मुख्य रूप से इन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एक मील का पत्थर साबित हो रही है। लोन की सीमा 20 लाख रुपये तक बढ़ाना इस बात का संकेत है कि सरकार छोटे उद्यमियों की क्षमता पर भरोसा करती है। अगर आपके पास एक ठोस बिजनेस प्लान है और आप मेहनत करने को तैयार हैं, तो अब फंड की कमी आपके आड़े नहीं आएगी। अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाएँ और आज ही अपनी उद्यमिता की यात्रा को एक नया आयाम दें।
पहले जहाँ इस योजना के माध्यम से अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लोन मिलता था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस लोन के लिए आपको अपनी कोई जमीन, सोना या कीमती सामान गिरवी रखने की जरूरत नहीं है।
क्या है 'तरुण प्लस' कैटेगरी और किसे मिलेगा फायदा?
मुद्रा योजना के तहत अब तक तीन प्रमुख श्रेणियां थीं: शिशु, किशोर और तरुण। लेकिन नई घोषणा के बाद अब इसमें एक नई कैटेगरी जोड़ी गई है जिसका नाम है 'तरुण प्लस'।You may also like
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यह उन उद्यमियों के लिए है जो पहले से 'तरुण' कैटेगरी के तहत 10 लाख रुपये तक का लोन ले चुके हैं और उसे समय पर चुका भी चुके हैं। ऐसे सफल कारोबारियों को अब अपना बिजनेस और अधिक विस्तार देने के लिए 10 लाख से लेकर 20 लाख रुपये तक का अतिरिक्त लोन मिल सकेगा। सरकार का उद्देश्य उन छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देना है जो मार्केट में अपनी पकड़ बना चुके हैं और अब बड़े स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं।
मुद्रा योजना की चार श्रेणियां:
- शुशु लोन: 50,000 रुपये तक (शुरुआती छोटे कामों के लिए)
- किशोर लोन: 50,000 से 5 लाख रुपये तक (बिजनेस बढ़ाने के लिए)
- तरुण लोन: 5 लाख से 10 लाख रुपये तक (स्थापित बिजनेस के विस्तार के लिए)
- तरुण प्लस: 10 लाख से 20 लाख रुपये तक (सफल रिपेमेंट के बाद बड़ी ग्रोथ के लिए)
बिना गारंटी वाला सुरक्षा कवच
इस योजना की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसका 'कोलेटरल फ्री' होना है। छोटे व्यापारियों के पास अक्सर बैंक को देने के लिए कोई बड़ी सिक्योरिटी नहीं होती। इसी समस्या को समझते हुए सरकार ने क्रेडिट गारंटी फंड फॉर माइक्रो यूनिट्स (CGFMU) के जरिए इन लोन्स की गारंटी खुद ली है। इसका मतलब है कि अगर आप लोन लेते हैं, तो बैंक आपसे कोई गारंटी नहीं मांगेगा क्योंकि आपकी गारंटी सरकार ने दी है।कौन कर सकता है आवेदन?
यह लोन उन सभी गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि आधारित छोटे व्यवसायों के लिए है जो आय उत्पन्न करने वाली गतिविधियों में लगे हुए हैं। इसमें छोटे दुकानदार, फल और सब्जी विक्रेता, ट्रक ऑपरेटर, मरम्मत की दुकानें, लघु उद्योग, कारीगर और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां शामिल हैं। सेवा क्षेत्र, व्यापार और विनिर्माण (Manufacturing) से जुड़े लोग इसका पूरा लाभ उठा सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
मुद्रा लोन लेने के लिए आप किसी भी सरकारी बैंक, निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या एनबीएफसी (NBFC) में आवेदन कर सकते हैं। आप 'जन समर्थ' पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं जो प्रक्रिया को काफी आसान और पारदर्शी बनाता है। आवेदन के लिए मुख्य रूप से इन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी या पैन कार्ड)
- निवास प्रमाण पत्र (बिजली का बिल या राशन कार्ड)
- बिजनेस का पता और स्थापना का प्रमाण
- पिछले कुछ महीनों का बैंक स्टेटमेंट
- पासपोर्ट साइज फोटो
भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एक मील का पत्थर साबित हो रही है। लोन की सीमा 20 लाख रुपये तक बढ़ाना इस बात का संकेत है कि सरकार छोटे उद्यमियों की क्षमता पर भरोसा करती है। अगर आपके पास एक ठोस बिजनेस प्लान है और आप मेहनत करने को तैयार हैं, तो अब फंड की कमी आपके आड़े नहीं आएगी। अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाएँ और आज ही अपनी उद्यमिता की यात्रा को एक नया आयाम दें।









