PM Surya Ghar Yojana: 5 kW सोलर पैनल पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?

बिजली का बढ़ता खर्च कई परिवारों को अपनी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित कर रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना काफी चर्चा में है। लेकिन 5 kW का सोलर सिस्टम लगाने वाले परिवारों के लिए सब्सिडी को लेकर अक्सर भ्रम रहता है। कई लोग मान लेते हैं कि जितने ज्यादा किलोवाट का सिस्टम होगा, उतनी ही ज्यादा केंद्रीय सब्सिडी मिलेगी। वास्तव में ऐसा नहीं है। योजना के तहत केंद्रीय वित्तीय सहायता की एक अधिकतम सीमा तय है। इसलिए 5 kW का सिस्टम लगाने से सब्सिडी अपने आप ₹1 लाख से ज्यादा नहीं हो जाती।
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5 kW सोलर सिस्टम पर कितनी सब्सिडी?

पीएम सूर्य घर योजना के तहत आवासीय रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए पहले 2 kW तक ₹30,000 प्रति kW की केंद्रीय सहायता मिलती है। इसके बाद अतिरिक्त क्षमता पर ₹18,000 प्रति kW की सहायता दी जाती है, लेकिन यह लाभ कुल 3 kW तक सीमित है।

इस गणना के अनुसार अधिकतम केंद्रीय सब्सिडी ₹78,000 बनती है। इसलिए यदि कोई परिवार 5 kW का सिस्टम लगाता है, तब भी केंद्रीय सब्सिडी की अधिकतम सीमा ₹78,000 ही रहती है।


कौन कर सकता है आवेदन?

यह योजना मुख्य रूप से घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए है। आवेदक के पास उपयुक्त घर और उसकी छत पर सोलर सिस्टम लगाने की सुविधा होनी चाहिए। साथ ही वैध घरेलू बिजली कनेक्शन जरूरी है।

आवेदन के लिए सरकार के आधिकारिक रूफटॉप सोलर पोर्टल का इस्तेमाल किया जाता है, जहां पात्र विक्रेता और स्थापना प्रक्रिया से संबंधित जानकारी उपलब्ध होती है।


फिर 5 kW सिस्टम लगाने का फायदा क्या है?

सब्सिडी 3 kW पर सीमित होने का मतलब यह नहीं कि 5 kW सिस्टम बेकार है। जिस घर की बिजली खपत ज्यादा है, वहां बड़ा सोलर सिस्टम अधिक बिजली पैदा कर सकता है और लंबे समय में बिजली बिल कम करने में मदद कर सकता है।

असल सवाल यह होना चाहिए कि घर में हर महीने कितनी बिजली खर्च होती है और उसके हिसाब से कौन-सी क्षमता का सिस्टम उपयुक्त रहेगा।

योजना क्यों महत्वपूर्ण है?

सोलर ऊर्जा घर के बिजली खर्च को कम करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देती है। लेकिन सिस्टम लगाने से पहले केवल सब्सिडी की राशि देखना पर्याप्त नहीं है।

छत की स्थिति, धूप की उपलब्धता, बिजली की खपत, सिस्टम की लागत और भविष्य के रखरखाव को भी ध्यान में रखना चाहिए। सही क्षमता का सोलर सिस्टम लंबे समय में सब्सिडी से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।