प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2026: गर्भवती महिलाओं को मिलेंगे 6,000 रुपये, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया
भारत सरकार देश के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। विशेष रूप से महिलाओं, किसानों और श्रमिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख पहल है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)। यह एक मातृत्व लाभ योजना है जिसके तहत पात्र गर्भवती महिलाओं को 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था और प्रसव के दौरान महिलाओं को बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना है।
इस योजना की शुरुआत 1 जनवरी 2017 को की गई थी। इसे 'प्रधानमंत्री गर्भावस्था सहायता योजना' के नाम से भी जाना जाता है। तब से लेकर अब तक लाखों महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाकर एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इसने न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से संबल दिया है बल्कि शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है।
क्या है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक ऐसी योजना है जो गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है। अक्सर देखा गया है कि आर्थिक तंगी के कारण कई महिलाएं गर्भावस्था के दौरान सही खानपान और इलाज नहीं ले पाती हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार किस्तों में सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजती है।इस योजना की शुरुआत 1 जनवरी 2017 को की गई थी। इसे 'प्रधानमंत्री गर्भावस्था सहायता योजना' के नाम से भी जाना जाता है। तब से लेकर अब तक लाखों महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाकर एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया है।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ सरल मापदंड निर्धारित किए हैं:- आवेदन करने वाली महिला केवल गर्भवती होनी चाहिए।
- यह सहायता मुख्य रूप से पहले जीवित बच्चे के जन्म के समय दी जाती है।
- सरकारी नौकरी करने वाली महिलाएं या वे महिलाएं जिन्हें किसी अन्य कानून के तहत समान लाभ मिल रहा है, वे इसके लिए पात्र नहीं मानी जाती हैं।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
यदि आप इस योजना का लाभ लेना चाहती हैं तो आपके पास निम्नलिखित दस्तावेजों का होना अनिवार्य है:- माता और पिता दोनों का आधार कार्ड।
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (बाद की किस्तों के लिए)।
- बैंक खाते का विवरण और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी (ताकि पैसा सीधे खाते में आ सके)।
6,000 रुपये की राशि का वितरण कैसे होता है?
योजना के तहत मिलने वाली 6,000 रुपये की कुल राशि को चरणों में विभाजित किया गया है ताकि गर्भावस्था के हर मोड़ पर सहायता मिल सके:- पहली किस्त: 1,000 रुपये गर्भावस्था के पंजीकरण के समय दिए जाते हैं।
- दूसरी किस्त: 2,000 रुपये गर्भावस्था के छह महीने बाद और कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच के बाद मिलते हैं।
- तीसरी किस्त: 2,000 रुपये बच्चे के जन्म के पंजीकरण और टीकाकरण चक्र शुरू होने के बाद दिए जाते हैं।
- अंतिम चरण: शेष 1,000 रुपये प्रसव के समय अस्पताल को दिए जाते हैं या संबंधित चिकित्सा लाभों के लिए आवंटित किए जाते हैं।
2026 के नए अपडेट: क्या बदला है?
समय के साथ सरकार ने इस योजना को और भी सरल और सुलभ बना दिया है। वर्ष 2026 में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव और सुविधाएं जोड़ी गई हैं:- निजी अस्पतालों में कवरेज: अब लाभार्थी महिलाएं निजी अस्पतालों में भी अपना उपचार करा सकती हैं और योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
- ऑनलाइन आवेदन की सुविधा: दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत कम करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल को और अधिक अपडेट किया गया है।
- हेल्पलाइन नंबर: किसी भी प्रकार की शिकायत या जानकारी के लिए राज्यवार हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। आप सहायता के लिए 7998799804 पर संपर्क कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
यदि आप घर बैठे आवेदन करना चाहती हैं तो इन चरणों का पालन करें:- आधिकारिक वेबसाइट wcd.nic.in पर जाएं।
- वहां 'बैक ऑफिस लॉगिन' के विकल्प पर क्लिक करें।
- अपनी ईमेल आईडी, पासवर्ड और कैप्चा कोड दर्ज करें।
- लॉगिन करने के बाद आवेदन पत्र आपकी स्क्रीन पर होगा।
- सभी पूछी गई जानकारी को ध्यान से भरें और सबमिट करने से पहले एक बार दोबारा जांच लें।
ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया
जो महिलाएं ऑनलाइन आवेदन करने में सहज नहीं हैं वे अपनी नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र पर जा सकती हैं। वहां आपको तीन निर्धारित फॉर्म भरने होंगे। फॉर्म जमा करने के बाद वहां से एक पावती रसीद जरूर लें। इस रसीद का उपयोग बाद में अस्पताल में लाभ लेने के लिए किया जा सकता है।प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इसने न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से संबल दिया है बल्कि शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है।
Next Story