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PPF Alert: पीपीएफ में 1.5 लाख से ज्यादा जमा करने पर लगेगा झटका, नहीं मिलेगा एक भी रुपया ब्याज

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पीपीएफ (Public Provident Fund) भारत में निवेश के सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्पों में से एक माना जाता है। मध्यम वर्ग के परिवारों से लेकर बड़े निवेशकों तक, हर कोई अपनी गाढ़ी कमाई का एक हिस्सा इसमें सुरक्षित रखना चाहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सुरक्षित स्कीम में भी एक ऐसी गलती हो सकती है जो आपके मुनाफे को पूरी तरह खत्म कर सकती है?
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जी हां, हालिया नियमों और जानकारियों के अनुसार, अगर आप अपने पीपीएफ खाते में एक निश्चित सीमा से अधिक पैसा जमा करते हैं, तो उस अतिरिक्त राशि पर आपको एक पैसा भी ब्याज नहीं मिलेगा। आइए जानते हैं कि यह नियम क्या है और आप इससे कैसे बच सकते हैं।

निवेश की सीमा और ब्याज का गणित

सरकारी नियमों के मुताबिक, एक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के दौरान एक व्यक्ति अपने पीपीएफ खाते में अधिकतम 1.5 लाख रुपये ही जमा कर सकता है। अक्सर लोग टैक्स बचाने या अधिक रिटर्न पाने के चक्कर में इससे ज्यादा राशि जमा कर देते हैं। नियम बहुत स्पष्ट है कि अगर आपकी जमा राशि 1.5 लाख रुपये की सीमा को पार करती है, तो उस अतिरिक्त पैसे पर कोई ब्याज देय नहीं होगा।

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इतना ही नहीं, यह अतिरिक्त राशि आपको आयकर की धारा 80C के तहत मिलने वाली टैक्स छूट के लिए भी पात्र नहीं बनाएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि आपने साल भर में 1.7 लाख रुपये जमा किए हैं, तो ब्याज केवल 1.5 लाख पर मिलेगा और बाकी के 20 हजार रुपये बिना किसी मुनाफे के खाते में पड़े रहेंगे या उन्हें वापस कर दिया जाएगा।

नाबालिग के नाम पर खाता और आपकी जिम्मेदारी

कई माता-पिता अपने साथ-साथ अपने बच्चों के नाम पर भी पीपीएफ खाता खुलवाते हैं। यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि एक अभिभावक के रूप में आप अपने और अपने नाबालिग बच्चे के खाते को मिलाकर भी कुल 1.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा नहीं कर सकते। अगर दोनों खातों का कुल योग इस सीमा से ऊपर जाता है, तो उसे 'अनियमित जमा' माना जाएगा और अतिरिक्त राशि पर शून्य ब्याज मिलेगा।


अनियमित खातों पर सख्त रुख

सरकार ने हाल ही में अनियमित पीपीएफ खातों को लेकर नियमों को और सख्त किया है। यदि किसी निवेशक के पास एक से अधिक पीपीएफ खाते हैं, तो केवल प्राथमिक खाता ही सक्रिय माना जाएगा और उस पर ब्याज मिलेगा। दूसरे खाते को बंद किया जा सकता है या उसे मुख्य खाते के साथ जोड़ने की प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है। इस दौरान अतिरिक्त जमा पर मिले ब्याज को वापस भी लिया जा सकता है।

कैसे रहें सुरक्षित?

सीमा का ध्यान रखें: हमेशा सुनिश्चित करें कि आपके सभी पीपीएफ खातों (स्वयं और नाबालिग बच्चे) का कुल योगदान साल भर में 1.5 लाख रुपये से अधिक न हो।
5 तारीख का नियम: अधिकतम ब्याज पाने के लिए अपनी किस्त महीने की 5 तारीख से पहले जमा करने की कोशिश करें।
नियमित जांच: समय-समय पर अपनी पासबुक अपडेट करवाएं ताकि आपको अपनी जमा राशि का सही अंदाजा रहे।

पीपीएफ एक बेहतरीन बचत साधन है, बशर्ते आप इसके नियमों के दायरे में रहकर निवेश करें। थोड़ी सी सावधानी आपको भविष्य में होने वाले वित्तीय नुकसान से बचा सकती है।





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