दिल्ली में प्रीमियम फ्यूल महंगा, XP100 पेट्रोल 160 रुपये प्रति लीटर पहुंचा, Xtra Green डीजल के दाम भी बढ़े
दिल्ली में ईंधन कीमतों को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है, जहां प्रीमियम फ्यूल के दामों में बढ़ोतरी की गई है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने हाई-ऑक्टेन पेट्रोल और प्रीमियम डीजल के रेट बढ़ाए हैं। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब ग्लोबल क्रूड ऑयल बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और लॉजिस्टिक्स लागत भी बढ़ रही है।
प्रीमियम फ्यूल प्राइस हाइक का असर केवल लग्जरी वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक रूप से ईंधन बाजार के ट्रेंड को भी दिखाता है।
XP100 पेट्रोल को भारत का पहला 100-ऑक्टेन फ्यूल माना जाता है, जिसे खास तौर पर हाई-परफॉर्मेंस कारों और सुपरबाइक्स के लिए डिजाइन किया गया है। यह बेहतर इंजन एफिशिएंसी और स्मूद ड्राइविंग एक्सपीरियंस देने के लिए जाना जाता है।
इस प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी यह दिखाती है कि ग्लोबल एनर्जी ट्रेंड्स का असर अब हाई-एंड फ्यूल सेगमेंट पर भी साफ नजर आ रहा है।
हालांकि यह बढ़ोतरी XP100 पेट्रोल की तुलना में कम है, लेकिन फिर भी यह संकेत देती है कि प्रीमियम फ्यूल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। इससे कुल ईंधन खर्च पर असर पड़ना तय है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति, सप्लाई चेन को प्रभावित कर रही है। इसके चलते ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ रही है, जिसका सीधा असर ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है।
यह स्थिति साफ करती है कि भारत में फ्यूल प्राइसिंग अब भी काफी हद तक ग्लोबल फैक्टर्स पर निर्भर है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बाद से अब तक LPG की कीमतों में 300 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। यह मार्च के बाद तीसरी और साल 2026 की पांचवीं बढ़ोतरी है।
इस LPG प्राइस हाइक का सीधा असर रेस्टोरेंट, होटल और छोटे कारोबारों पर पड़ेगा, जो रोजमर्रा के काम के लिए कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर हैं।
यह पहली बार है जब ATF की कीमत 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार गई है। इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान कीमतें करीब 1.1 लाख रुपये तक पहुंची थीं।
मार्च 1 को भी ATF की कीमतों में 5.7 प्रतिशत यानी 5,244.75 रुपये प्रति किलोलीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इस तेज उछाल का असर एयरलाइंस की लागत पर पड़ेगा और आने वाले समय में हवाई किराए बढ़ सकते हैं।
यह दिखाता है कि अलग-अलग ऑयल कंपनियों के बीच भी प्रीमियम फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी का ट्रेंड जारी है।
27 मार्च को सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। इस फैसले का मकसद ऑयल कंपनियों पर दबाव कम करना और आम लोगों को राहत देना था।
इस कदम की वजह से नियमित पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम जनता को बढ़ती महंगाई के बीच कुछ राहत जरूर मिली है।
प्रीमियम फ्यूल प्राइस हाइक का असर केवल लग्जरी वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक रूप से ईंधन बाजार के ट्रेंड को भी दिखाता है।
XP100 पेट्रोल हुआ 160 रुपये प्रति लीटर
XP100 पेट्रोल की कीमत में बड़ा इजाफा किया गया है। पहले यह 149 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा था, जो अब बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर हो गया है। यानी सीधे 11 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।XP100 पेट्रोल को भारत का पहला 100-ऑक्टेन फ्यूल माना जाता है, जिसे खास तौर पर हाई-परफॉर्मेंस कारों और सुपरबाइक्स के लिए डिजाइन किया गया है। यह बेहतर इंजन एफिशिएंसी और स्मूद ड्राइविंग एक्सपीरियंस देने के लिए जाना जाता है।
इस प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी यह दिखाती है कि ग्लोबल एनर्जी ट्रेंड्स का असर अब हाई-एंड फ्यूल सेगमेंट पर भी साफ नजर आ रहा है।
Xtra Green डीजल की कीमत में भी बढ़ोतरी
पेट्रोल के साथ-साथ प्रीमियम डीजल की कीमतों में भी बदलाव किया गया है। Xtra Green डीजल अब 92.99 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है, जो पहले 91.49 रुपये था।हालांकि यह बढ़ोतरी XP100 पेट्रोल की तुलना में कम है, लेकिन फिर भी यह संकेत देती है कि प्रीमियम फ्यूल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। इससे कुल ईंधन खर्च पर असर पड़ना तय है।
क्यों बढ़ रहे हैं प्रीमियम फ्यूल के दाम
प्रीमियम फ्यूल प्राइस हाइक के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन इसके पीछे मुख्य वजह ग्लोबल क्रूड ऑयल मार्केट की अस्थिरता मानी जा रही है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति, सप्लाई चेन को प्रभावित कर रही है। इसके चलते ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ रही है, जिसका सीधा असर ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है।
यह स्थिति साफ करती है कि भारत में फ्यूल प्राइसिंग अब भी काफी हद तक ग्लोबल फैक्टर्स पर निर्भर है।
कमर्शियल LPG की कीमतों में तेज उछाल
प्रीमियम फ्यूल के अलावा कमर्शियल LPG के दामों में भी भारी बढ़ोतरी देखी गई है। 19 किलो वाला LPG सिलेंडर अब 2,078.50 रुपये में मिल रहा है, जो 1 मार्च को 1,768.50 रुपये था।मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बाद से अब तक LPG की कीमतों में 300 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। यह मार्च के बाद तीसरी और साल 2026 की पांचवीं बढ़ोतरी है।
इस LPG प्राइस हाइक का सीधा असर रेस्टोरेंट, होटल और छोटे कारोबारों पर पड़ेगा, जो रोजमर्रा के काम के लिए कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर हैं।
ATF की कीमत 2 लाख के पार
एविएशन टर्बाइन फ्यूल, जिसे ATF कहा जाता है, की कीमतों में भी भारी उछाल आया है। दिल्ली में ATF का रेट 96,638.14 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़कर 2,07,341.22 रुपये प्रति किलोलीटर हो गया है।You may also like
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यह पहली बार है जब ATF की कीमत 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार गई है। इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान कीमतें करीब 1.1 लाख रुपये तक पहुंची थीं।
मार्च 1 को भी ATF की कीमतों में 5.7 प्रतिशत यानी 5,244.75 रुपये प्रति किलोलीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इस तेज उछाल का असर एयरलाइंस की लागत पर पड़ेगा और आने वाले समय में हवाई किराए बढ़ सकते हैं।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने भी बढ़ाए दाम
हाल ही में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने भी अपने प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ाए थे। कंपनी ने दिल्ली में कीमत को 99.87 रुपये से बढ़ाकर 101.89 रुपये प्रति लीटर कर दिया था।यह दिखाता है कि अलग-अलग ऑयल कंपनियों के बीच भी प्रीमियम फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी का ट्रेंड जारी है।
आम उपभोक्ताओं को मिली थोड़ी राहत
जहां एक तरफ प्रीमियम फ्यूल, LPG और ATF की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं आम उपभोक्ताओं के लिए थोड़ी राहत की खबर भी है।27 मार्च को सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। इस फैसले का मकसद ऑयल कंपनियों पर दबाव कम करना और आम लोगों को राहत देना था।
इस कदम की वजह से नियमित पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम जनता को बढ़ती महंगाई के बीच कुछ राहत जरूर मिली है।









