School Closed: IMD का ऑरेंज अलर्ट जारी, रांची में दो दिन बंद रहेंगे स्कूल

School Closed News : झारखंड की राजधानी रांची में चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से 28 और 29 अक्टूबर को लगातार बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग (IMD) की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों को दो दिनों तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
IMD का ऑरेंज अलर्ट



दो दिनों तक बंद रहेंगे स्कूल

रांची में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्कूलों को दो दिनों तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर मंजूनाथ भजंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए हैं। हालांकि, जिन स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं, उन्हें मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार फैसला लेने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, रांची में लगातार बारिश से निचले इलाकों और सड़कों पर जलभराव हो सकता है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिला प्रशासन संभावित भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए सतर्क है और जरूरी तैयारियां कर रहा है।


लगातार बारिश से कमजोर इमारतों और कृषि फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कच्चे मकानों, अस्थायी बस्तियों और कमजोर भवनों को आंशिक या गंभीर क्षति हो सकती है। इसके अलावा, नदियों और प्रमुख जलधाराओं का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। खेतों में पानी भरने से खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा है।

मौसम विभाग ने तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत स्कूलों में कक्षाएं स्थगित करने का फैसला लिया है।



जलभराव और पेड़ गिरने की घटनाओं से निपटने की तैयारी

चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव और मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए रांची नगर निगम ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका के बीच निगम की संबंधित शाखाओं को अगले तीन दिनों तक 24 घंटे अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

रांची के सभी 53 वार्डों में चार-चार आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षेत्र बनाए गए हैं। प्रत्येक क्षेत्र में दो क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की जाएंगी। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य बारिश के दौरान जलभराव, पेड़ गिरने और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।