शहीदों का अपमान या बयान का गलत अर्थ? इमरान मसूद पर सियासत तेज

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देश की राजनीति में एक नया विवाद छा गया है, जब कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भगत सिंह जैसे क्रांतिकारी की तुलना हमास से कर दी। यह बयान एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान आया, जिसने सहारनपुर समेत कई जगहों पर आक्रोश पैदा कर दिया। पंजाबी महासंघ जैसे संगठनों ने सड़कों पर उतरकर काले बंधन पहन विरोध जताया। बीजेपी ने इसे सुनियोजित साजिश करार दिया, खासकर बिहार चुनाव के ठीक पहले। मसूद ने तुरंत सफाई पेश की, लेकिन बहस थमने का नाम नहीं ले रही। यह मामला शहीदों के सम्मान और राजनीतिक बयानबाजी के बीच की रेखा को उजागर करता है।
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बयान और विरोध की शुरुआत


कुछ दिनों पहले इमरान मसूद ने एक पॉडकास्ट में कहा कि हमास और भगत सिंह दोनों ही अपनी जमीनों के लिए लड़े हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भगत सिंह ने अपने देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था, जबकि हमास भी अपनी जमीन और आजादी के लिए लड़ रहा है। इस बयान ने आग लगा दी। सहारनपुर में पंजाबी महासंघ ने बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया। सदस्यों ने काली पट्टियां बांधकर सड़कों पर उतरे और मसूद से सार्वजनिक माफी की मांग की। उनका कहना था कि यह शहीदों के सम्मान पर सीधा हमला है।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया


बयान पर बीजेपी ने तीखा प्रहार किया। पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर इसे बिहार विधानसभा चुनाव से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यह बिहार के लोगों का अपमान है, क्योंकि भगत सिंह का बिहार से गहरा नाता था। मालवीय ने इसे कांग्रेस की सुनियोजित रणनीति बताया, जो 6 और 11 नवंबर को होने वाले चुनावों के लिए की गई है। अन्य दलों ने भी निंदा की, लेकिन कांग्रेस ने इसे बीजेपी का राजनीतिक ड्रामा करार दिया। प्रदर्शन जारी हैं, और मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है।


मसूद की सफाई और स्पष्टीकरण


विरोध की लहर बढ़ने पर इमरान मसूद ने सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भगत सिंह की तुलना किसी से नहीं की। मसूद ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वे उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही हैं। उन्होंने दोहराया कि हिंसा का कोई समर्थन नहीं किया जाता। पंजाबी महासंघ के अध्यक्ष योगेश दुआ ने बयान की आलोचना करते हुए कहा कि "हमास एक ऐसा संगठन है जिसने निर्दोष लोगों की हत्या की है और आजादी के लिए लड़ने का दावा करता है। भगत सिंह ने कभी किसी की हत्या नहीं की और अगर उन्होंने बम भी फेंका, तो वह अंग्रेजों को एक संदेश देने के लिए प्रतीकात्मक रूप से किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने कभी किसी की हत्या नहीं की। हमास एक आतंकवादी संगठन है।" अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा- "बिहार चुनाव के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा भगत सिंह की तुलना आतंकवादी संगठन हमास से करना एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। यह बिहार के लोगों का अपमान है। भगत सिंह का बिहार से गहरा नाता था।" मसूद ने सफाई में कहा: "शहीद-ए-आज़म, जैसा कि भगत सिंह जाने जाते थे. उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती है। क्योंकि दोनों एक जैसे नहीं हैं। भगत सिंह की तुलना किसी से नहीं की जा सकती। मैंने साफ कहा है कि अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति की हत्या करता है, तो यह अच्छी बात नहीं है। हम हिंसा का समर्थन नहीं करते हैं।" उन्होंने आगे कहा: "बीजेपी के लोग चुन-चुनकर यह झूठ फैला रहे हैं। मैंने बस इतना कहा था कि हमास अपनी जमीन के लिए लड़ रहा है, जैसे भगत सिंह हमारी जमीन के लिए लड़े थे।"






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