भीषण गर्मी और कूलिंग संसाधनों की कमी से कई देशों में मृत्यु दर बढ़ने का अनुमान: रिपोर्ट

Newspoint

नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते तापमान से वर्ष 2050 तक हर साल करीब 4.3 लाख अतिरिक्त लोगों की मौत होने का अनुमान है। इनमें से लगभग 10 गुना अधिक मौत गरीब देशों में होंगी, जबकि अमीर देशों में यह संख्या काफी कम रहेगी।

सोमवार को जारी 'क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब' की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इन मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है, लेकिन इसके लिए लोगों को ऊर्जा, खासकर 'कूलिंग (ठंडक) के लिए जरूरी बिजली' तक पहुंच मिलनी चाहिए।

Hero Image