फायर सेफ्टी एक्ट में बड़ा बदलाव: भवन मालिकों को देना होगा सालाना 'फायर टैक्स'
सरकार ने फायर सेफ्टी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत अब भवन मालिकों को हर साल ‘फायर टैक्स’ के रूप में एक निर्धारित राशि जमा करनी होगी। इस कदम का उद्देश्य आग से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और आपातकालीन सेवाओं को अधिक सक्षम बनाना बताया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इस नए नियम के लागू होने के बाद भवनों की फायर सेफ्टी ऑडिट और इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि यह प्रावधान विशेष रूप से व्यावसायिक भवनों, मॉल, बहुमंजिला इमारतों और बड़े संस्थानों पर लागू होगा। आवासीय भवनों के लिए नियमों में कुछ राहत या अलग श्रेणी तय किए जाने की संभावना है, जिसे अंतिम गाइडलाइन में स्पष्ट किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते शहरीकरण और ऊंची इमारतों के कारण आगजनी की घटनाओं का जोखिम भी बढ़ा है।
ऐसे में यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।हालांकि, कुछ भवन मालिकों और व्यापारिक संगठनों ने इस नए टैक्स पर चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि इससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ सकता है, इसलिए इसके दायरे और दरों को लेकर स्पष्टता जरूरी है।
फिलहाल सरकार की ओर से नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जल्द ही विस्तृत गाइडलाइन जारी किए जाने की उम्मीद है।