मेरी बहन ने मेरा बहुत साथ दिया, उन्हें लगता है कि मैं एशियन गेम्स में मेडल जीत सकती हूं: टेंडेनथोई देवी
नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की नौकायन खिलाड़ी टेंडेनथोई देवी हाओबिजाम ने कहा कि एशियन गेम्स 2026 की तैयारी के दौरान टीम के साथ बिताया गया समय बहुत फायदेमंद रहा। उनका मानना है कि टीम के खिलाड़ियों के बीच अच्छी समझ और तालमेल बना है, जिससे उन्हें भरोसा है कि वे शनिवार से आइची-नागोया में शुरू होने वाले एशियन गेम्स में अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे।
टेंडेनथोई देवी ने 2023 एशियन गेम्स में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था।
उन्होंने कहा, "मेरी पहली इंटरनेशनल प्रतियोगिता 2023 में एशियन गेम्स था। मेरा प्रदर्शन अच्छा था, लेकिन मैं बहुत कॉन्फिडेंट नहीं थी क्योंकि मैं उस समय जूनियर थी। मुझे सीनियर्स से बहुत कुछ सीखना पड़ा और उनकी सलाह लेनी पड़ी। इस बार हमें लंबे समय तक एक साथ प्रैक्टिस करने का मौका मिला।
23 वर्षीय भारतीय नौकायन टेंडेनथोई देवी पूनम, अलीना एंटो और गुरबानी कौर के साथ विमेंस कॉक्सलेस फोर स्पर्धा में हिस्सा लेंगी। इस टीम ने लंबे समय तक साथ में ट्रेनिंग की है और कई प्रतियोगिताओं में एक साथ हिस्सा लिया है। इससे खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल और आपसी समझ विकसित हुई है, जो एशियन गेम्स में अच्छे प्रदर्शन के लिए टीम का आत्मविश्वास बढ़ा रही है।
दूसरे इंटरनेशनल प्रतियोगिता के अलावा, जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में ट्रेनिंग कैंप में ट्रेनिंग की, तो उन्हें अतिरिक्त तैयारी करने का मौका मिला। उन्होंने आगे कहा, "हम एक कैंप के लिए ऑस्ट्रेलिया गए और यूरोप में भी काफी समय बिताया। हमें वहां दो या तीन प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिला, और हमने बहुत कुछ सीखा – प्रतियोगिता को कैसे मैनेज करना है, दबाव को कैसे हैंडल करना है, कॉन्फिडेंस के साथ कैसे प्रदर्शन करना है और एक क्रू के तौर पर एक साथ कैसे परफॉर्म करना है। मैंने उन अनुभवों से बहुत कुछ सीखा।"
टेंडेनथोई देवी ने बताया कि कैसे इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट (आईआईएस) ने उनकी ट्रेनिंग के दौरान उन्हें सपोर्ट किया। उन्होंने कहा, "आईआईएस आने के बाद बहुत सारे बदलाव आए हैं। पहले हम एक-दूसरे से मुकाबला करते थे, लेकिन यहां आने के बाद हमें ज्यादा कॉन्फिडेंस महसूस होता है और लगता है कि हम और भी बहुत कुछ कर सकते हैं। मैं पूरे साल यहां ट्रेनिंग करती रही हूं, आईआईएस का स्टाफ हमारा अच्छा ख्याल रखता है, वे हमारे न्यूट्रिशन, फिजियोलॉजी और साइकोलॉजी का ध्यान रखते हैं।"
उन्होंने आईआईएस आने के बाद कोच लक्ष्मी के करीब आने के बारे में भी बताया।
नौकायन खिलाड़ी खिलाड़ी ने इस खेल में अपने पूरे सफर में अपने घर से मिले सपोर्ट के बारे में भी बताया, और कहा कि उनकी बहन को विश्वास है कि वह आने वाले एशियाड में मेडल जीत सकती हैं।
--आईएएनएस
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