हंसते-हंसाते समाज का सच दिखाना ज्यादा असरदार : माधुरी दीक्षित
मुंबई, 10 जून (आईएएनएस)। बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री माधुरी दीक्षित आज भी अपनी शानदार अदाकारी और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के लिए जानी जाती हैं। पिछले कई दशकों से वह दर्शकों का मनोरंजन करती आ रही हैं और हर दौर में खुद को नए किरदारों के साथ साबित कर रही हैं। इन दिनों उनकी नई फिल्म 'मां बहन' चर्चा में है। फिल्म को लेकर आईएएनएस से बात करते हुए माधुरी दीक्षित ने मनोरंजन और समाज के रिश्ते पर अपने विचार साझा किए।
उनका मानना है कि अगर किसी जरूरी बात को लोगों तक पहुंचाना हो, तो मनोरंजन से बेहतर तरीका कोई नहीं हो सकता।
माधुरी दीक्षित ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, ''जब लोग किसी फिल्म या शो को देखने बैठते हैं, तो उनका मकसद कुछ समय के लिए तनाव से दूर होकर अच्छा समय बिताना होता है। ऐसे में अगर कहानी के जरिए समाज की सच्चाई भी दिखाई जाए, तो उसका असर कहीं ज्यादा होता है। लोग हंसते हुए भी यह समझ सकते हैं कि हमारे आसपास क्या हो रहा है और समाज में कौन-सी बातें सही हैं या गलत। मनोरंजन के साथ दिया गया संदेश लोगों के दिल और दिमाग तक आसानी से पहुंचता है।''
अभिनेत्री ने आगे कहा, ''किसी बात को बार-बार समझाने या उपदेश देने से लोग कई बार दूरी बना लेते हैं। लेकिन, जब वही बात मजेदार और दिलचस्प तरीके से दिखाई जाती है, तो लोग उसे ध्यान से देखते हैं और उस पर सोचते भी हैं। फिल्मों और कहानियों की यही सबसे बड़ी ताकत है। मुझे ऐसी कहानियां पसंद हैं, जिनमें मनोरंजन भी हो और कोई अच्छा संदेश भी छिपा हो।''
इसके अलावा, माधुरी ने समाज में महिलाओं और पुरुषों के प्रति अलग-अलग नजरिए की बात करते हुए पितृसत्तात्मक सोच पर सवाल उठाया।
माधुरी ने कहा, "यह एक पितृसत्तात्मक समाज है जो प्यार और रिश्तों के मामलों में आज भी दोहरे मापदंड अपनाता हुआ आया है।
अगर कोई पुरुष गर्लफ्रेंड बनाता है तो उसे रोमियो कहा जाता है, लेकिन अगर कोई महिला वैसा ही करती है तो उसे बुरा-भला कहा जाता है और नकारात्मक नजरिए से देखा जाता है।"अभिनेत्री ने कहा, ''मेरी फिल्म 'मां बहन' इन्हीं पुरानी परंपराओं और नियमों को चुनौती देती है। फिल्म में महिलाओं को मजबूत और पारंपरिक नियमों को तोड़ने वाला किरदार दिया गया है। हर महिला सम्मान और गरिमा के साथ जीने की हकदार है।''
'मां बहन' का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है। फिल्म में माधुरी के साथ तृप्ति डिमरी, धारणा दुर्गा, रवि किशन, गीतांजलि कुलकर्णी, अरुणोदय सिंह और शार्दुल भारद्वाज भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
--आईएएनएस
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