सीबीएसई ओएसएम विवाद पर कंपनी ने दी सफाई, कहा-यह मानवीय चूक थी, हमारा सिस्टम सुरक्षित

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नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली से जुड़े विवाद के बीच शिक्षा एवं कौशल विकास क्षेत्र से जुड़ी कंपनी कॉम्प्ट एडुटेक ने गुरुवार को सफाई दी। कंपनी ने कहा कि उसके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले स्कैनर उद्योग में प्रचलित मानक और उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण हैं। हर वर्ष इनमें तकनीकी अपग्रेडेशन किया जाता है, ताकि उत्तर पुस्तिकाओं की हाई-रिजॉल्यूशन स्कैनिंग सुनिश्चित की जा सके।

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कंपनी ने यह भी कहा कि उसके सभी रिकॉर्ड सरकारी जांच और समीक्षा के लिए पूरी तरह खुले हैं। उसने टेंडर शर्तों में बदलाव कर निम्न गुणवत्ता वाले उपकरणों को शामिल करने के आरोपों को भी खारिज कर दिया।

छात्र द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं की धुंधली इमेज से जुड़े मामले पर सफाई देते हुए कंपनी ने कहा कि ऐसे मामलों की समीक्षा संबंधित मूल्यांकन प्राधिकरणों के साथ मिलकर की जा रही है।

उस विशेष घटना पर, जिसमें एक सीबीएसई छात्र को किसी अन्य छात्र की उत्तर पुस्तिका मिल गई थी, कंपनी ने स्पष्ट किया कि कहा कि यह समस्या सॉफ्टवेयर की नहीं, बल्कि भौतिक स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान मानवीय त्रुटि से जुड़ी थी।

कंपनी ने कहा, "हमने उस स्थान और संबंधित कर्मचारी की पहचान कर ली है, जिसने स्कैनिंग की थी। हमारी 100 प्रतिशत जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि तकनीकी स्तर पर इस मामले में कोई त्रुटि नहीं थी।"

कोएम्प्ट एडुटेक ने यह भी दावा किया कि कुछ अलग-थलग मामलों को छोड़कर, उत्तरपुस्तिकाओं तक पहुंच के लिए आवेदन करने वाले लगभग 95 प्रतिशत छात्रों को उनकी उत्तरपुस्तिकाएं सफलतापूर्वक उपलब्ध करा दी गई हैं।

19 वर्षीय एथिकल हैकर द्वारा कंपनी के प्लेटफॉर्म की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले पर कंपनी ने कहा कि हैकर ने जिस सर्वर तक पहुंच बनाई थी, वह केवल टेस्टिंग सर्वर था, जिसका किसी भी क्लाइंट के वास्तविक डेटा या सेवाओं से कोई संबंध नहीं है।