'लोगों को गुमराह करके चुनाव नहीं जीत सकता विपक्ष', कांग्रेस की प्रस्तावित रैली पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

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नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस की एक नंबर को प्रस्तावित रैली को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेताओं ने कहा कि विपक्ष के लोग सिर्फ अराजक स्थिति पैदा कर रहे हैं, लेकिन वे लोगों को गुमराह करके चुनाव नहीं जीत सकते हैं।

भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "मुझे लगता है कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है, चाहे वह विपक्षी दल हों या कोई और।

लेकिन फैसला लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। अभी दिल्ली में दिवाली का माहौल है और देशभर से व्यापारी दिल्ली आते हैं। सभी व्यापारी अनुरोध कर रहे हैं कि इसे थोड़ा आगे या पीछे खिसका दिया जाए, लेकिन राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े हुए हैं।"

सांसद ने कहा, "राहुल गांधी ने व्यापारियों के सामने जो शर्तें रखी हैं, वे इतनी अनुचित हैं कि कोई भी उन्हें स्वीकार नहीं कर सकता। सभी जानते हैं कि 1 नवंबर को देश में बड़े दंगे हुए थे और मुझे लगता है कि ऐसे समय में इस तरह की तारीख तय करना बिल्कुल भी उचित नहीं है।

यह तारीख दो नवंबर भी हो सकती थी या 12 नवंबर को रखा जा सकता था, क्योंकि यह दिवाली का बाद का समय होता।"

भाजपा नेता राम कदम ने कहा, "राहुल गांधी का आचरण, चरित्र और हाल के फैसले पूरी तरह संवैधानिक संस्थाओं को अपमानित करने वाला है। यही वही लोग हैं, जो एक तरफ कहते हैं कि वे संविधान का सम्मान कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर राजनीतिक दबाव डालते हैं।"

राम कदम ने कहा कि अगर आपको कोई चिंता है, कोई सबूत या सुझाव है, तो सामने आएं और उन्हें पेश करें।

मतदाता सूची में सुधार से जुड़े दावे जमा करने की समय-सीमा भी बढ़ा दी गई है। जिन लोगों के नाम छूट गए हैं, वे अपनी बात रख सकते हैं।"

भाजपा नेता ने राहुल गांधी पर हमला जारी रखते हुए कहा, "उनके पास कोई सबूत या सुझाव नहीं है, वे बस लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों को गुमराह करके आप चुनाव नहीं जीत सकते। वे कहीं भी जाते हैं, उन्हें पैसों के बलबूते भीड़ जुटानी पड़ती है। जब भीड़ नहीं आ रही है तो उनके नेता कहते हैं कि ट्रेन को रोका गया है। विपक्षी दल को कोई एक उदाहरण बताना चाहिए, जब ट्रेन को रोका गया हो।

कहीं किसी ट्रेन को नहीं रोका गया। यह सारे मनगढ़ंत और झूठे आरोप हैं।"

जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कांग्रेस की रैली पर कहा, "देश ने अब बैलेट पेपर पर भी चुनाव देख लिया है कि कांग्रेस का क्या हाल हुआ है। विपक्ष के लोग सिर्फ अराजक स्थिति पैदा कर रहे हैं। इन लोगों के साथ ऐसे लोग हैं, जो चाहते हैं कि बिना वोट के सत्ता पलट कर दें।

संजय झा ने कहा कि विपक्ष को पता है कि वे चुनाव में नहीं जीत पाएंगे। उसी कारण से विपक्ष यह सब कुछ (विरोध प्रदर्शन) कर रहा है। उन्होंने कहा, "बिहार में एसआईआर के बाद ही चुनाव हुए।

अगर विपक्ष चुनाव जीतता है तो सब ठीक है, लेकिन जहां हार होती हैं, वहां गड़बड़ी का दावा करते हैं। इसलिए देश की जनता बार-बार विपक्ष को आईना दिखा रही है।"

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, "1 नवंबर 1984 को कत्लेआम शुरू हुआ था। उसको लेकर सिखों में आज भी रोष है, उनके जख्म आज भी हरे हैं। 1 नवंबर को राहुल गांधी ने रैली रखकर उन सब जख्मों को वापस हरा कर दिया है। अच्छा होता अगर राहुल गांधी जो दुनियाभर में एकमात्र विधवा कॉलोनी है, वहां जाते और अपने पिता और अपनी दादी की गलतियों की माफी मांगते।"

--आईएएनएस

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