सर्दियों में उत्तराखंड में घूमने के लिए क्या हैं सबसे अच्छी जगहें, जानिए यहां तक कैसे पहुंचे?
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। अगर सर्दियों के मौसम में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो उत्तराखंड एक बेहतर विकल्प है। उत्तराखंड में ऐसी कई जगह हैं, जहां आप घूम सकते हैं। खासकर दिसंबर महीना उत्तराखंड घूमने के लिए सबसे जादुई महीनों में से एक है, जो बर्फीले पहाड़, सुंदर हिल स्टेशन, सुहावना सर्दियों का मौसम और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।
उत्तराखंड में मसूरी को एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन बनाने वाली कई चीजें हैं।
शांति का अनुभव करने, प्रकृति से फिर से जुड़ने और आध्यात्मिकता की गहराई को जानने के लिए सर्दियों में ऋषिकेश एक स्वर्ग के समान है। हिमालय की भव्य तलहटी में बसा यह शांत शहर रोमांच और आंतरिक शांति की तलाश करने वाले यात्रियों को आकर्षित करता है। योग रिट्रीट से लेकर रोमांचक नदी यात्राओं तक, सर्दियों में ऋषिकेश अविस्मरणीय अनुभवों से भरपूर एक खूबसूरत जगह में बदल जाता है।
ऋषिकेश में गंगा नदी धीरे-धीरे बहती है, जो किसी पोस्टकार्ड की तस्वीर जैसी मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करती है। सर्दियों की हल्की धूप नदी के किनारों पर सुनहरी चमक बिखेरती है, जिससे प्राकृतिक सुंदरता और भी बढ़ जाती है। ताजी हवा, धुंध भरी सुबह और बर्फ से ढकी चोटियों के मनोरम दृश्य इसे फोटोग्राफरों, प्रकृति प्रेमियों और ध्यान के शौकीनों के लिए आदर्श स्थान बनाते हैं। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में गंगा की बर्फीली धाराओं में राफ्टिंग का आनंद ले सकते हैं।
दिल्ली से ऋषिकेश लगभग 239 किलोमीटर है।
इसी तरह पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित लैंसडाउन भी सर्दियों में घूमने के लिए अच्छी जगह है। लैंसडाउन एक सुंदर और शांत हिल स्टेशन है। लैंसडाउन में बर्फबारी आमतौर पर दिसंबर से फरवरी के बीच सर्दियों के मौसम में होती है। दिल्ली से लैंसडाउन की दूरी लगभग 250-270 किलोमीटर है। दिल्ली से कोटद्वार होते हुए यहां सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
नैनीताल उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय शीतकालीन पर्यटन स्थलों में से एक है। सर्दियों के दौरान, झील, आसपास की पहाड़ियां और बर्फ से ढके परिदृश्य एक जादुई वातावरण बनाते हैं। ठंडा मौसम, धुंध भरी सुबह और झील के सुंदर दृश्य इसे परिवारों और जोड़ों के लिए एक आदर्श स्थान बनाते हैं। दिल्ली से नैनीताल की दूरी करीब 286 से 300 किलोमीटर है और यहां पहुंचने के लिए ट्रेन, बस और कार, टैक्सी के बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। नैनीताल में कोई रेलवे स्टेशन नहीं है लेकिन दिल्ली से काठगोदाम होते हुए ट्रेन से नैनीताल जा सकते हैं।
भीमताल नैनीताल के पास स्थित एक खूबसूरत जगह है। यहां भीड़ कम होती है और प्रकृति की गोद में सुकून पाने के इच्छुक यात्रियों को शांतिपूर्ण वातावरण मिलता है। शांत झील, सुहावना मौसम और मनमोहक प्राकृतिक दृश्य भीमताल को सर्दियों में घूमने के लिए एक आदर्श स्थान बनाते हैं। भीमताल से नैनीताल की दूरी लगभग 22 से 25 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से यहां पहुंचने में करीब 1 से 1.5 घंटे का समय लगता है।
कौसानी हिमालय की चोटियों के मनमोहक दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। सर्दियों में बर्फ से ढके पहाड़ एक अविस्मरणीय दृश्य प्रस्तुत करते हैं। यहां अनाशक्ति आश्रम, रुद्रधारी जलप्रपात, चाय बागान और बैजनाथ मंदिर देख सकते हैं। कौसानी से नैनीताल की दूरी लगभग 118 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से यहाँ पहुँचने में करीब 4 से 4.5 घंटे लगते हैं।
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क घूमने के लिए सर्दियों का मौसम सबसे अच्छा माना जाता है। सुहावना मौसम सफारी के दौरान वन्यजीवों को देखने की संभावना को बढ़ा देता है।
चमोली जिले में औली भारत के सबसे बेहतरीन स्कीइंग स्थलों में से एक है। अगर आपको बर्फ के खेल पसंद हैं, तो यह आपके लिए एकदम सही जगह है।
रुद्रप्रयाग जिले में गढ़वाल हिमालय क्षेत्र में स्थित चोपता गांव प्रकृति प्रेमियों और रोमांच के शौकीनों के लिए पसंदीदा शीतकालीन स्थलों में से एक बनता जा रहा है।
--आईएएनएस
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