दिल्ली-NCR को मिलेगी नई पहचान: 11 हजार एकड़ में फैलेगा नया शहर, 40 सेक्टर्स में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
दिल्ली से करीब 50 किलोमीटर दूर फरीदाबाद के पास एक नया शहर बसाने की तैयारी चल रही है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने फरीदाबाद और ग्रेटर फरीदाबाद के आसपास 51 गांवों की जमीन पर करीब 40 नए सेक्टर विकसित करने की योजना बनाई है। इस नए शहरी क्षेत्र में करीब 10 लाख लोगों को बसाने की तैयारी है।प्राधिकरण के मुताबिक, यह योजना फरीदाबाद में बढ़ती आबादी और भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।
HSVP करीब 1,895 एकड़ जमीन पर नए शहरी क्षेत्र को विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके अलावा करीब 19 गांवों में लगभग 4,500 एकड़ जमीन के लिए प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। इस जमीन पर 12 नए सेक्टर विकसित करने की योजना है।
नए शहर में सुनियोजित तरीके से सड़क, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बाजार, पार्क, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है।
फरीदाबाद की आबादी लगातार बढ़ रही है और शहर के कई बाहरी इलाकों में सड़क, सीवर, पेयजल, स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाओं पर दबाव है। ऐसे में नए शहरी क्षेत्र के जरिए आबादी के विस्तार को व्यवस्थित करने की योजना बनाई गई है।
HSVP की योजना के मुताबिक, करीब 40 नए सेक्टरों में लगभग 10 लाख लोगों के लिए आवासीय और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इन 51 गांवों की जमीन पर होगा विकासनए शहर के लिए फरीदाबाद और ग्रेटर फरीदाबाद के आसपास के कई गांवों की जमीन प्रस्तावित है।
इन क्षेत्रों में केवल रिहायशी इलाकों का विकास नहीं होगा, बल्कि कमर्शियल और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए भी जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा।
ट्रांसपोर्ट नगर भी विकसित होगाप्रस्तावित नए शहरी क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट से जुड़ी सुविधाओं को भी विकसित करने की योजना है।
HSVP ने 12 नए सेक्टरों के विकास के लिए 19 गांवों की करीब 4,500 एकड़ जमीन के लिए जमीन मालिकों से आवेदन मांगे हैं। जमीन मालिक तय प्रक्रिया के तहत अपनी जमीन के बदले मुआवजे का विकल्प चुन सकते हैं।
जमीन से जुड़ी प्रक्रिया के लिए HSVP के लैंड पूलिंग पोर्टल के जरिए आवेदन किया जा सकता है।
HSVP की योजना के मुताबिक, नए शहरी क्षेत्रों को अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से विकसित करने का लक्ष्य है। नए सेक्टरों के विकसित होने के साथ फरीदाबाद के बाहरी इलाकों में शहरीकरण और बुनियादी ढांचे का विस्तार होने की उम्मीद है।