जमीन विवाद को लेकर यूपी में BJP के दो विधायक आमने-सामने, गाली-गलौज और हाथापाई भी हुई, जानिए पूरा मामला
उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई, जब जमीन विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी के दो विधायक आमने-सामने आ गए। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और कथित हाथापाई तक की नौबत आ गई। इस घटना की चर्चा अब राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हो रही है। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर निशाना साध रहा है।
जानकारी के मुताबिक, विवाद एक जमीन को लेकर शुरू हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बातचीत के दौरान दोनों विधायकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया। आरोप है कि दोनों पक्षों के समर्थक भी आमने-सामने आ गए और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन स्थिति और बिगड़ती चली गई।
चर्चा है कि इस दौरान धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति भी बन गई।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। हालांकि इस मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, दोनों विधायक लंबे समय से क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर भी प्रतिस्पर्धा में हैं। जमीन विवाद ने इस राजनीतिक खींचतान को और बढ़ा दिया। बताया जा रहा है कि समर्थकों के बीच भी पहले कई बार तनाव की स्थिति बन चुकी है।
वहीं घटना के बाद विपक्षी दलों ने बीजेपी पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि जब सत्ताधारी दल के विधायक ही आपस में भिड़ रहे हैं, तो कानून व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। सोशल मीडिया पर भी घटना को लेकर कई वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिन पर लोग जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
हालांकि बीजेपी की ओर से मामले को ज्यादा तूल न देने की कोशिश की जा रही है। पार्टी के कुछ नेताओं का कहना है कि यह आपसी विवाद था, जिसे बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा। वहीं कुछ नेताओं ने हाथापाई की खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। यदि किसी पक्ष की ओर से शिकायत मिलती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है।
इस घटना ने एक बार फिर राजनीतिक दलों के भीतर बढ़ते आंतरिक विवादों को उजागर कर दिया है। जनता के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब जनप्रतिनिधि ही सार्वजनिक रूप से विवाद और झगड़े में उलझेंगे, तो आम लोगों को क्या संदेश जाएगा।
फिलहाल दोनों विधायकों के समर्थकों के बीच तनाव बना हुआ है और राजनीतिक हलकों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।