मोदी सरकार की नीतियों के आलोचक यशवंत सिन्हा ने की तारीफ, बोले- BRICS सम्मेलन में भारत ने चीन के सामने मजबूती से रखी बात

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी से अलग हो चुके यशवंत सिन्हा ने कई वर्षों बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के किसी काम की सार्वजनिक तौर पर सराहना की है। उन्होंने दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन को सफल बताते हुए भारत की कूटनीतिक भूमिका की तारीफ की। सिन्हा ने कहा कि सम्मेलन के दौरान भारत ने चीन के सामने भी अपनी बात मजबूती के साथ रखी।

यशवंत सिन्हा लंबे समय से मोदी सरकार की नीतियों के आलोचक रहे हैं।

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भाजपा से अलग होने के बाद उन्होंने कई मौकों पर केंद्र सरकार की आर्थिक और राजनीतिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं। ऐसे में अब उनके द्वारा सरकार के एक महत्वपूर्ण आयोजन की तारीफ किया जाना राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है।

सिन्हा ने BRICS सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने इस मंच का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया। उनके मुताबिक, सम्मेलन के दौरान भारत ने अपने हितों और प्राथमिकताओं को मजबूती से सामने रखा। खासतौर पर चीन के संदर्भ में भारत के रुख को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।

BRICS एक महत्वपूर्ण बहुपक्षीय मंच है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका समेत सदस्य देश आर्थिक और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करते हैं। इस मंच पर भारत लंबे समय से विकासशील देशों की आवाज, आर्थिक सहयोग और वैश्विक संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दों को प्रमुखता देता रहा है।

यशवंत सिन्हा की टिप्पणी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि वह मोदी सरकार के आलोचकों में प्रमुख नाम रहे हैं। भाजपा से अलग होने के बाद उन्होंने केंद्र की नीतियों को लेकर कई बार तीखी टिप्पणियां कीं।

ऐसे में सरकार की किसी पहल की तारीफ करना उनके सामान्य राजनीतिक रुख से अलग नजर आता है।

उन्होंने सम्मेलन को सफल बताते हुए भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक क्षमता की ओर भी संकेत किया। चीन के साथ सीमा और रणनीतिक मुद्दों को लेकर भारत के संबंध लंबे समय से संवेदनशील रहे हैं। ऐसे में किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोनों देशों के बीच भारत के रुख को लेकर सिन्हा की सकारात्मक टिप्पणी राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों नजरिए से चर्चा में है।

हालांकि, सिन्हा की ओर से BRICS सम्मेलन की तारीफ को केंद्र सरकार की पूरी नीतियों का समर्थन नहीं माना जा सकता।

उन्होंने केवल सम्मेलन और उसमें भारत की भूमिका को लेकर सकारात्मक राय जाहिर की है। उनकी इस टिप्पणी का राजनीतिक अर्थ अलग-अलग तरीके से निकाला जा रहा है।

यशवंत सिन्हा पहले केंद्र सरकार में वित्त और विदेश जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल चुके हैं। भाजपा छोड़ने के बाद भी वह राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं और कई मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखते रहे हैं।

अब उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि क्या यह केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर उनके आकलन में बदलाव का संकेत है या केवल BRICS सम्मेलन की उपलब्धि पर उनकी व्यक्तिगत राय।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि मोदी सरकार के लंबे समय से आलोचक रहे यशवंत सिन्हा ने इस बार केंद्र के एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन की खुलकर सराहना की है।