Feroz Khan Birth Anniversary: शानदार करियर के बीच निजी जिंदगी में आए उतार-चढ़ाव, प्यार के लिए टूटी थी 20 साल की शादी
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता फिरोज खान अपनी शानदार स्क्रीन प्रेजेंस, स्टाइल और दमदार अभिनय के लिए लंबे समय तक याद किए जाते रहे हैं। अभिनेता के अलावा उन्होंने फिल्म निर्माण और निर्देशन में भी अपनी पहचान बनाई। पर्दे पर उनका करियर काफी सफल रहा, लेकिन निजी जिंदगी कई उतार-चढ़ाव से गुजरी।
25 सितंबर को फिरोज खान की बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर आइए उनके फिल्मी सफर और निजी जीवन से जुड़ी कुछ चर्चित बातों पर नजर डालते हैं।
फिरोज खान का जन्म 25 सितंबर 1939 को बेंगलुरु में हुआ था। उनका वास्तविक नाम जुल्फिकार अली शाह खान बताया जाता है। फिल्मों में आने के बाद उन्होंने फिरोज खान नाम से पहचान बनाई और आगे चलकर इसी नाम से बॉलीवुड में मशहूर हुए।
1959 में शुरू हुआ फिल्मी सफर
फिरोज खान ने 1959 में रिलीज हुई फिल्म 'दीदी' से बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उनके साथ सुनील दत्त, शुभा खोटे और ललिता पवार जैसे कलाकार भी नजर आए थे।
'कुर्बानी' से मिली अलग पहचान
फिरोज खान के करियर की चर्चित फिल्मों में 'धर्मात्मा', 'कुर्बानी', 'खोटे सिक्के', 'मेला', 'आरजू' और 'वेलकम' जैसी फिल्में शामिल हैं। उनका स्टाइल और पर्दे पर दिखाई देने वाला व्यक्तित्व उनकी खास पहचान बन गया था।
फिल्मी करियर के शुरुआती दौर में फिरोज खान की मुलाकात सुंदरी खान से हुई थी। दोनों के बीच रिश्ता आगे बढ़ा और करीब पांच साल तक एक-दूसरे को जानने के बाद दोनों ने 1965 में शादी कर ली।
शादी के बाद उनके परिवार में बेटे फरदीन खान और बेटी लैला खान का जन्म हुआ। फरदीन खान ने भी बाद में बॉलीवुड में अभिनेता के तौर पर करियर बनाया।
एयर होस्टेस ज्योतिका से जुड़ा नाम
फिरोज खान की निजी जिंदगी का एक चर्चित अध्याय एयर होस्टेस ज्योतिका धनराजगीर के साथ उनके रिश्ते से जुड़ा रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों की मुलाकात बेंगलुरु में हुई थी और समय के साथ उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं।
1985 में खत्म हुई शादी
कुछ समय बाद फिरोज खान और ज्योतिका का रिश्ता भी खत्म हो गया। इसके बाद अभिनेता अपने परिवार के पास लौटे, लेकिन तब तक वैवाहिक रिश्ते में काफी दूरी आ चुकी थी।
आखिरकार शादी के करीब 20 साल बाद 1985 में फिरोज खान और सुंदरी खान का तलाक हो गया।
2006 में अपने भाई अकबर खान की फिल्म 'ताज महल' के प्रचार के लिए फिरोज खान पाकिस्तान गए थे। वहां एक कार्यक्रम में भारत और पाकिस्तान से जुड़े उनके बयानों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
उनके बयान के बाद पाकिस्तान में उनकी काफी आलोचना हुई और बाद में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के निर्देश पर उनके पाकिस्तान जाने पर रोक लगाए जाने की खबरें सामने आई थीं।
लंबे फिल्मी करियर के बाद फिरोज खान का 27 अप्रैल 2009 को बेंगलुरु में निधन हो गया। उस समय उनकी उम्र 69 वर्ष थी।
फिरोज खान आज भी हिंदी सिनेमा में अपने अभिनय, स्टाइल और फिल्मों में निभाई अलग तरह की भूमिकाओं के लिए याद किए जाते हैं।
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