अयोध्या में कोई नहीं चाहता था कि चंपत राय इस्तीफा दें: महंत कमल नयन दास
नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद कई महत्वपूर्ण फैसले सामने आए हैं। ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों को आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया है। साथ ही, स्पेशल इनवाइटी सदस्य गोपाल नागरकट्टे को भविष्य में ट्रस्ट की बैठकों में आमंत्रित नहीं किए जाने का भी निर्णय लिया गया है।
महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर महंत कमल नयन दास ने कहा कि पिछले कुछ समय से दान और ट्रस्ट की संपत्तियों को लेकर कई बेबुनियाद आरोप लगाए गए थे।
उन्होंने कहा कि दान में प्राप्त प्रत्येक वस्तु का विधिवत रजिस्टर तैयार किया गया है और सभी सामग्री सुरक्षित रखी गई है। मीडिया के समक्ष भी रजिस्टर तथा दान में मिली वस्तुएं प्रस्तुत की गई थीं।
महंत कमल नयन दास ने कहा कि नकदी सहित प्राप्त हर दान का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है और कोई भी इसकी जांच कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी जानकारी में अयोध्या का कोई भी व्यक्ति नहीं चाहता था कि चंपत राय अपने पद से इस्तीफा दें।
गोपाल नागरकट्टे को ट्रस्ट की बैठकों में स्पेशल इनवाइटी के रूप में बुलाए जाने का उल्लेख करते हुए महंत कमल नयन दास ने कहा कि अब यह निर्णय लिया गया है कि उन्हें आगे से आमंत्रित नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में इस विषय पर इसके अलावा कोई अन्य चर्चा नहीं हुई।
वहीं, पत्थर मंदिर के महंत मनीष दास ने इस घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ट्रस्ट में सुधार की प्रक्रिया जारी है और यह एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि चंपत राय ने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देकर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।