BREAKING : देशभर में मौसम का बदला मिजाज, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; सिक्किम में लैंडस्लाइड, यूपी-MP में भी तेज बारिश

Newspoint

देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। कहीं भारी बारिश के कारण बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है, तो कहीं तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी है। सिक्किम से लेकर ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड तक मौसम का असर देखने को मिल रहा है।सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के रिंबी गांव में लगातार बारिश के कारण गुरुवार रात लैंडस्लाइड हो गई। भूस्खलन की चपेट में आने से 20 से ज्यादा घर और सरकारी क्वार्टर बह गए।

Hero Image
राहत की बात यह है कि अभी तक किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है।

वहीं, बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती सिस्टम अब कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसका असर कई राज्यों में दिखाई दे रहा है। ओडिशा में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है। राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में निचले और भूस्खलन प्रभावित इलाकों से करीब 10 हजार लोगों को निकालकर लगभग 200 राहत केंद्रों में पहुंचाया गया है।मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में भारी बारिश हो सकती है।

इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है।

मध्य प्रदेश में भी बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। जबलपुर समेत 13 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 16 जिलों में भी भारी बारिश होने का अनुमान है। कुछ इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई गई है।

बिहार में आज 19 जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

झारखंड में भी बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर दिखाई दे रहा है और कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश में भी एक बार फिर मानसून एक्टिव हो गया है। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, वाराणसी, प्रयागराज और जौनपुर समेत करीब 20 शहरों में बारिश का दौर जारी है। लखनऊ में गुरुवार शाम से तेज हवाओं के साथ लगातार बारिश हो रही है, जिससे मौसम में हल्की ठंडक महसूस होने लगी है।

उत्तराखंड में भी मानसून ने फिर जोर पकड़ा है। देहरादून, नैनीताल और हरिद्वार में रुक-रुककर बारिश हो रही है।

हरिद्वार में देर रात हुई तेज बारिश के बाद हरकी पैड़ी के घाट खाली करा दिए गए। वहीं चमोली में कर्णप्रयाग-गैरसैंण हाईवे पर लैंडस्लाइड के कारण रास्ता बंद हो गया और मलबे में एक स्कूटी दब गई। बद्रीनाथ-सतोपंथ मार्ग के चक्रतीर्थ क्षेत्र में भारी बर्फबारी भी हुई है।

हिमाचल प्रदेश में भी अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक 25 से 30 सितंबर के बीच कई इलाकों में बारिश हो सकती है।

हरियाणा में भी मौसम बदलने वाला है। यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, पलवल और फरीदाबाद समेत 6 जिलों में बारिश के आसार हैं।

आसपास के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।

हालांकि, राजस्थान में मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग है। राज्य के पश्चिमी हिस्सों में सितंबर की गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। जैसलमेर और बाड़मेर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 43.6 और जैसलमेर में 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जोधपुर, चूरू और बीकानेर में भी तापमान 40 डिग्री के ऊपर रहा।

अगले दो दिनों का मौसम

26 सितंबर को उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी कई जगह तेज बारिश हो सकती है। बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

27 सितंबर को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

कुल मिलाकर आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी, बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना और प्रभावित इलाकों में सावधानी बरतना जरूरी है।