Vegetable Price Hike: आसमान छू रहे हैं सब्जियों के दाम, जानिए क्यों बिगड़ रहा है आपकी रसोई का मासिक बजट
हम सब इस समय लगातार बढ़ती हुई महंगाई के दौर से गुजर रहे हैं, जहाँ हर जरूरी चीज के दाम तेजी से ऊपर जा रहे हैं। इस बढ़ती जीवन यापन लागत (Cost of Living) का सबसे सीधा और बुरा असर देश के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। रसोई गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल और ट्रांसपोर्ट की बढ़ती कीमतों ने पहले ही लोगों को परेशान कर रखा था, और अब रही-सही कसर टमाटर, प्याज और आलू जैसी बुनियादी सब्जियों के दामों ने पूरी कर दी है। देश भर के सब्जी बाजारों में ये जरूरी चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं, जिसने एक बार फिर से खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) के डर को बढ़ा दिया है। सब्जियों के इस तरह अचानक महंगे होने से आम परिवारों के किचन का मासिक बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है।
टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों के ताजा सरकारी आंकड़े
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के आधार पर सामने आई एक हालिया रिपोर्ट देश में सब्जी की कीमतों (Vegetable Prices) की वास्तविक और गंभीर स्थिति को दर्शाती है। इस सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महज एक महीने के भीतर खुले बाजार में टमाटर की औसत खुदरा कीमत में 18% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी तरह प्याज के दाम भी 11% तक चढ़ गए हैं, जबकि आलू की कीमत में 1.3% का मामूली इजाफा देखा गया है। यदि हम पिछले साल की तुलना इस साल से करें, तो सालाना आधार पर टमाटर के दाम 25% और प्याज के दाम 3.3% तक बढ़ चुके हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि पिछले साल के मुकाबले आलू की कीमतों में 17% की गिरावट दर्ज की गई है।देश भर में सब्जियां महंगी होने के मुख्य कारण
आखिर खुदरा बाजारों में सब्जियों के दाम इस कदर क्यों बढ़ रहे हैं? रिपोर्ट में इस रिटेल प्राइस हाइक (Retail Price Hike) के पीछे भीषण गर्मी और लू को सबसे बड़ा जिम्मेदार माना गया है, जिसने फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को पूरी तरह बाधित कर दिया है। इसके साथ ही, देश के कुछ हिस्सों में हुई बेमौसम बारिश ने कोल्ड स्टोरेज में रखी सब्जियों की गुणवत्ता को खराब कर दिया है, जिसकी वजह से कई राज्यों में कीमतें 10% से 20% तक बढ़ गई हैं। वैसे भी हर साल मानसून के मौसम (Monsoon Season) की शुरुआत में प्याज और टमाटर जैसी संवेदनशील फसलों की कीमतों में इस तरह का उछाल आना काफी आम माना जाता है।Next Story