आधार कार्ड से पैसे कैसे निकालें? जानिए माइक्रो एटीएम के फायदे और इस्तेमाल का तरीका
आज के दौर में बैंकिंग सेवाएं डिजिटल हो चुकी हैं, लेकिन कैश यानी नकदी की जरूरत हमें कभी भी पड़ सकती है। अक्सर ऐसा होता है कि हमें पैसों की जरूरत होती है और पास में कोई एटीएम नहीं होता, या फिर एटीएम होने पर भी वहां लंबी लाइन होती है या मशीन में कैश नहीं होता। ऐसी स्थिति के लिए 'माइक्रो एटीएम' एक क्रांतिकारी समाधान बनकर उभरा है। अब आपको अपने बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए न तो बैंक के चक्कर काटने की जरूरत है और न ही डेबिट कार्ड की तलाश करने की। आपका आधार कार्ड ही अब आपके लिए चाबी का काम करेगा।
क्या होता है माइक्रो एटीएम?
माइक्रो एटीएम एक छोटी सी मशीन होती है जो दिखने में कार्ड स्वाइप मशीन (POS machine) जैसी लगती है। इसे बैंक के प्रतिनिधि या 'बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट' अपने पास रखते हैं। यह मशीन इंटरनेट के जरिए बैंक के सर्वर से जुड़ी होती है और फिंगरप्रिंट या आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन के जरिए आपकी पहचान की पुष्टि करती है। इसे 'आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम' (AePS) के जरिए संचालित किया जाता है।
बिना डेबिट कार्ड के कैसे निकलता है पैसा?
माइक्रो एटीएम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपको किसी प्लास्टिक कार्ड या पिन नंबर को याद रखने की जरूरत नहीं होती। इसमें पैसे निकालने की प्रक्रिया बहुत सरल है:
जैसे ही बायोमेट्रिक पहचान सफल होती है, आप जितनी राशि निकालना चाहते हैं, वह आपके खाते से कट जाती है और एजेंट आपको नकद दे देता है।
माइक्रो एटीएम के शानदार फायदे
यह तकनीक खासकर उन इलाकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जहां बैंकों की शाखाएं दूर हैं। इसके कई फायदे हैं:
सुरक्षा का रखें ध्यान
यद्यपि यह प्रणाली बहुत सुरक्षित है, फिर भी कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। हमेशा अधिकृत केंद्रों या भरोसेमंद एजेंटों के पास ही जाएं। पैसा निकालने के बाद रसीद जरूर लें और अपने मोबाइल पर आने वाले ट्रांजैक्शन मैसेज की जांच करें।
माइक्रो एटीएम ने बैंकिंग को इतना आसान बना दिया है कि अब बैंकिंग सेवाएं आपके दरवाजे तक पहुंच गई हैं। यह न केवल ग्रामीण भारत के लिए बल्कि शहरी व्यस्तताओं के बीच भी एक बेहतरीन विकल्प है। तकनीक के इस मेल ने साबित कर दिया है कि अब आम आदमी को अपनी ही मेहनत की कमाई निकालने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है।
क्या होता है माइक्रो एटीएम?
माइक्रो एटीएम एक छोटी सी मशीन होती है जो दिखने में कार्ड स्वाइप मशीन (POS machine) जैसी लगती है। इसे बैंक के प्रतिनिधि या 'बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट' अपने पास रखते हैं। यह मशीन इंटरनेट के जरिए बैंक के सर्वर से जुड़ी होती है और फिंगरप्रिंट या आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन के जरिए आपकी पहचान की पुष्टि करती है। इसे 'आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम' (AePS) के जरिए संचालित किया जाता है। बिना डेबिट कार्ड के कैसे निकलता है पैसा?
माइक्रो एटीएम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपको किसी प्लास्टिक कार्ड या पिन नंबर को याद रखने की जरूरत नहीं होती। इसमें पैसे निकालने की प्रक्रिया बहुत सरल है:- आपको बस अपने नजदीकी माइक्रो एटीएम केंद्र पर जाना होता है।
- वहां आपको अपना आधार नंबर और बैंक का नाम बताना होता है।
- इसके बाद मशीन पर अपना अंगूठा या उंगली लगानी होती है ताकि आपकी पहचान प्रमाणित हो सके।
जैसे ही बायोमेट्रिक पहचान सफल होती है, आप जितनी राशि निकालना चाहते हैं, वह आपके खाते से कट जाती है और एजेंट आपको नकद दे देता है।
माइक्रो एटीएम के शानदार फायदे
यह तकनीक खासकर उन इलाकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जहां बैंकों की शाखाएं दूर हैं। इसके कई फायदे हैं:- कार्ड की जरूरत नहीं: अगर आप अपना डेबिट कार्ड घर भूल गए हैं या आपके पास कार्ड नहीं है, तो भी आप केवल आधार नंबर से पैसे निकाल सकते हैं।
- तुरंत समाधान: यह प्रक्रिया बहुत तेज है और इसमें समय की बचत होती है।
- सुरक्षित तकनीक: चूंकि यह आपके बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) पर आधारित है, इसलिए इसमें धोखाधड़ी की संभावना बहुत कम हो जाती है।
- अन्य सुविधाएं: आप न केवल पैसे निकाल सकते हैं, बल्कि अपने खाते का बैलेंस चेक करना और छोटी राशि जमा करना जैसे काम भी कर सकते हैं।
सुरक्षा का रखें ध्यान
यद्यपि यह प्रणाली बहुत सुरक्षित है, फिर भी कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। हमेशा अधिकृत केंद्रों या भरोसेमंद एजेंटों के पास ही जाएं। पैसा निकालने के बाद रसीद जरूर लें और अपने मोबाइल पर आने वाले ट्रांजैक्शन मैसेज की जांच करें। माइक्रो एटीएम ने बैंकिंग को इतना आसान बना दिया है कि अब बैंकिंग सेवाएं आपके दरवाजे तक पहुंच गई हैं। यह न केवल ग्रामीण भारत के लिए बल्कि शहरी व्यस्तताओं के बीच भी एक बेहतरीन विकल्प है। तकनीक के इस मेल ने साबित कर दिया है कि अब आम आदमी को अपनी ही मेहनत की कमाई निकालने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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