वंदे भारत स्लीपर में कितना सामान ले जा सकते हैं? यात्रा से पहले पढ़ लें लगेज लिमिट की पूरी जानकारी
भारतीय रेलवे की सबसे बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस अगले सप्ताह से पटरी पर उतरने के लिए तैयार है। यह ट्रेन न केवल अपनी रफ्तार बल्कि अपनी प्रीमियम सुविधाओं के लिए भी चर्चा में है। लेकिन अगर आप इस ट्रेन में सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ नियमों को जानना आपके लिए बहुत जरूरी है, ताकि स्टेशन पर आपको किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
टिकट बुकिंग के नए और सख्त नियम
वंदे भारत स्लीपर के लिए रेलवे बोर्ड ने एक नया सर्कुलर जारी किया है। इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 'रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसलेशन' यानी RAC की कोई व्यवस्था नहीं होगी। रेलवे के अनुसार, इस ट्रेन में केवल कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। इसमें वेटिंग लिस्ट या आंशिक रूप से कन्फर्म टिकटों का प्रावधान नहीं रखा गया है। इसका मतलब है कि अगर आपकी सीट कन्फर्म है, तभी आप इस प्रीमियम ट्रेन का हिस्सा बन पाएंगे। साथ ही, इस ट्रेन के लिए कम से कम 400 किलोमीटर की दूरी का किराया देना अनिवार्य होगा।
लगेज लिमिट: कितना सामान ले जाना है मुमकिन?
अक्सर यात्रियों के मन में यह सवाल रहता है कि नई ट्रेन होने के कारण क्या इसके सामान ले जाने के नियम अलग होंगे? पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) शिवराम मांझी के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर के लिए सामान की सीमा में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। यात्रियों को मौजूदा रेलवे नियमों का ही पालन करना होगा।
चूंकि इस ट्रेन में केवल तीन श्रेणियां (First AC, Second AC और Third AC) होंगी, इसलिए सामान की सीमा भी श्रेणी के आधार पर तय की गई है:
निर्धारित सीमा से अधिक सामान होने पर रेलवे के नियमों के अनुसार जुर्माना देना पड़ सकता है।
हावड़ा से गुवाहाटी का संभावित किराया
अगर हम हावड़ा से गुवाहाटी के बीच की लगभग 1,000 किलोमीटर की दूरी की बात करें, तो इसका किराया अन्य प्रीमियम ट्रेनों जैसे राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ा अधिक हो सकता है।
अगर दूरी 2,000 किलोमीटर तक बढ़ती है, तो फर्स्ट एसी का किराया 7,600 रुपये तक जा सकता है। यह ट्रेन न केवल सफर को आरामदायक बनाएगी बल्कि उत्तर पूर्व के पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। तो अगली बार जब आप अपनी पैकिंग शुरू करें, तो वजन का ध्यान जरूर रखें।
टिकट बुकिंग के नए और सख्त नियम
वंदे भारत स्लीपर के लिए रेलवे बोर्ड ने एक नया सर्कुलर जारी किया है। इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 'रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसलेशन' यानी RAC की कोई व्यवस्था नहीं होगी। रेलवे के अनुसार, इस ट्रेन में केवल कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। इसमें वेटिंग लिस्ट या आंशिक रूप से कन्फर्म टिकटों का प्रावधान नहीं रखा गया है। इसका मतलब है कि अगर आपकी सीट कन्फर्म है, तभी आप इस प्रीमियम ट्रेन का हिस्सा बन पाएंगे। साथ ही, इस ट्रेन के लिए कम से कम 400 किलोमीटर की दूरी का किराया देना अनिवार्य होगा।लगेज लिमिट: कितना सामान ले जाना है मुमकिन?
अक्सर यात्रियों के मन में यह सवाल रहता है कि नई ट्रेन होने के कारण क्या इसके सामान ले जाने के नियम अलग होंगे? पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) शिवराम मांझी के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर के लिए सामान की सीमा में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। यात्रियों को मौजूदा रेलवे नियमों का ही पालन करना होगा।
चूंकि इस ट्रेन में केवल तीन श्रेणियां (First AC, Second AC और Third AC) होंगी, इसलिए सामान की सीमा भी श्रेणी के आधार पर तय की गई है:
- फर्स्ट एसी (First AC): आप अपने साथ अधिकतम 70 किलो तक सामान ले जा सकते हैं।
- सेकंड एसी (Second AC): यहाँ सामान ले जाने की सीमा 50 किलो तय की गई है।
- थर्ड एसी (Third AC): इस श्रेणी में यात्री अपने साथ 40 किलो तक वजन ले जा सकते हैं।
निर्धारित सीमा से अधिक सामान होने पर रेलवे के नियमों के अनुसार जुर्माना देना पड़ सकता है।
हावड़ा से गुवाहाटी का संभावित किराया
अगर हम हावड़ा से गुवाहाटी के बीच की लगभग 1,000 किलोमीटर की दूरी की बात करें, तो इसका किराया अन्य प्रीमियम ट्रेनों जैसे राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ा अधिक हो सकता है।
- 3AC का किराया: लगभग 2,400 रुपये
- 2AC का किराया: लगभग 3,100 रुपये
- First AC का किराया: लगभग 3,800 रुपये
अगर दूरी 2,000 किलोमीटर तक बढ़ती है, तो फर्स्ट एसी का किराया 7,600 रुपये तक जा सकता है। यह ट्रेन न केवल सफर को आरामदायक बनाएगी बल्कि उत्तर पूर्व के पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। तो अगली बार जब आप अपनी पैकिंग शुरू करें, तो वजन का ध्यान जरूर रखें।
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