वंदे भारत स्लीपर का किराया तय: 960 रुपये से लेकर 13,300 रुपये तक, जानें पूरी रेट लिस्ट
भारतीय रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए किराये की घोषणा कर दी है। इन ट्रेनों का किराया दूरी के हिसाब से धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि कम दूरी से लेकर लंबी दूरी तक के यात्रियों को उनकी सुविधा के अनुसार विकल्प मिल सकें।
दूरी और किराये का गणित (रुपये में):
यह साफ है कि यदि आप 3,500 किलोमीटर की सबसे लंबी यात्रा फर्स्ट एसी (1AC) में करते हैं, तो आपको 13,300 रुपये तक खर्च करने होंगे, जो कई बार हवाई जहाज के टिकट के बराबर होता है।
वंदे भारत स्लीपर का उद्देश्य भारतीय रेल यात्रा को एक प्रीमियम स्तर पर ले जाना है। जहाँ एक तरफ इसका किराया थोड़ा ज्यादा लग सकता है, वहीं दूसरी तरफ बिना किसी भीड़ और वेटिंग के झंझट के मिलने वाला आरामदायक सफर यात्रियों के लिए सुखद अनुभव साबित होगा।
दूरी और किराये का गणित (रुपये में):
| दूरी (किमी तक) | 3AC (किराया) | 2AC (किराया) | 1AC (किराया) |
| 400 किमी | 960 | 1,240 | 1,520 |
| 800 किमी | 1,920 | 2,480 | 3,040 |
| 1,600 किमी | 3,840 | 4,960 | 6,080 |
| 2,000 किमी | 4,800 | 6,200 | 7,600 |
| 2,800 किमी | 6,720 | 8,680 | 10,640 |
| 3,500 किमी | 8,400 | 10,850 | 13,300 |
यह साफ है कि यदि आप 3,500 किलोमीटर की सबसे लंबी यात्रा फर्स्ट एसी (1AC) में करते हैं, तो आपको 13,300 रुपये तक खर्च करने होंगे, जो कई बार हवाई जहाज के टिकट के बराबर होता है।
न वेटिंग, न आरएसी: सिर्फ कंफर्म टिकट वालों की एंट्री
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि इसमें आरएसी (RAC) या वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों के लिए कोई जगह नहीं होगी। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह ट्रेन केवल उन यात्रियों के लिए होगी जिनके पास पूरी तरह कंफर्म टिकट है। यात्रा के दौरान आंशिक रूप से कंफर्म या वेटिंग वाले यात्रियों को अनुमति नहीं दी जाएगी। एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के पहले दिन से ही सभी सीटें बुकिंग के लिए उपलब्ध करा दी जाएंगी।टिकट बुकिंग और कोटे से जुड़े नियम
इस प्रीमियम ट्रेन में सफर के लिए आपको अपनी जेब के साथ-साथ तकनीक का भी साथ लेना होगा। वंदे भारत स्लीपर के सभी टिकट केवल डिजिटल माध्यम से ही खरीदे जा सकेंगे। रेलवे ने कोटे के नियमों को भी स्पष्ट कर दिया है:- वरिष्ठ नागरिक और महिलाएं: 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुषों और 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को सिस्टम द्वारा ऑटोमैटिक तरीके से निचली बर्थ (Lower Berth) आवंटित करने की प्राथमिकता दी जाएगी।
- मौजूदा कोटे: महिलाओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मौजूदा रेलवे नियमों के अनुसार कोटा लागू रहेगा। इसमें कोई अलग से नया कोटा नहीं जोड़ा गया है।
- बच्चों का किराया: बच्चों के लिए सामान्य किराया नियम लागू होंगे। यदि बच्चा बिना अलग बर्थ के यात्रा कर रहा है, तो उपलब्धता के आधार पर निचली बर्थ देने का प्रयास किया जाएगा।
पास और रियायतें
रेलवे कर्मचारियों के लिए ड्यूटी पास की पात्रता राजधानी ट्रेनों के समान ही होगी। हालांकि, एक महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल वही पास मान्य होंगे जो पूरी तरह से प्रतिपूर्ति (Reimbursable) के योग्य हैं। किसी भी प्रकार की रियायती टिकट (Concessional Tickets) या मुफ्त मानार्थ पास (Free Complimentary Pass) इस ट्रेन में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।वंदे भारत स्लीपर का उद्देश्य भारतीय रेल यात्रा को एक प्रीमियम स्तर पर ले जाना है। जहाँ एक तरफ इसका किराया थोड़ा ज्यादा लग सकता है, वहीं दूसरी तरफ बिना किसी भीड़ और वेटिंग के झंझट के मिलने वाला आरामदायक सफर यात्रियों के लिए सुखद अनुभव साबित होगा।
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