अब हफ्ते में सिर्फ एक बार लगेगा इंसुलिन इंजेक्शन, भारत में लॉन्च हुआ नया इंजेक्शन
डायबिटीज के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भारत में दुनिया का पहला सप्ताह में सिर्फ एक बार लगने वाला इंसुलिन इंजेक्शन लॉन्च किया गया है। अब तक ज्यादातर मरीजों को रोजाना इंसुलिन लेना पड़ता था, लेकिन इस नई तकनीक से बार-बार इंजेक्शन लगाने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि हर मरीज के लिए यह विकल्प उपयुक्त नहीं है। इसलिए इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।
यह एक लॉन्ग-एक्टिंग बेसल इंसुलिन है, जिसे इस तरह विकसित किया गया है कि इसका असर पूरे सप्ताह तक बना रहता है। इसका मकसद शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को लगातार नियंत्रित रखने में मदद करना है। इससे रोजाना इंजेक्शन लगाने की परेशानी कम हो सकती है और कई मरीजों के लिए इलाज का पालन करना आसान हो सकता है।
यह इंजेक्शन खास तौर पर उन मरीजों के लिए कारगर हो सकता है जिन्हें लंबे समय तक बेसल इंसुलिन की जरूरत होती है। खासकर ऐसे लोग जो रोजाना इंसुलिन लेना भूल जाते हैं या बार-बार इंजेक्शन लगाने में परेशानी महसूस करते हैं। हालांकि, यह तय करना कि कौन-सा इंसुलिन आपके लिए सही रहेगा, सिर्फ डॉक्टर ही कर सकते हैं।
अगर आप पहले से इंसुलिन ले रहे हैं, तो अपनी दवा या इंजेक्शन खुद से बंद या बदलने की गलती न करें। नई दवा शुरू करने का फैसला डॉक्टर की सलाह से ही लें।
डायबिटीज का इलाज मरीज की उम्र, हेल्थ, ब्लड शुगर के लेवल और दूसरी बीमारियों को ध्यान में रखकर तय किया जाता है। इसलिए सभी मरीजों को सप्ताह में एक बार वाला इंसुलिन नहीं दिया जाता।
नई इंसुलिन शुरू करने के बाद शुरुआती कुछ हफ्तों तक ब्लड शुगर की रेगुलर जांच जरूरी हो सकती है, ताकि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर डोज में बदलाव कर सकें।
क्या है सप्ताह में एक बार लगने वाला इंसुलिन?
यह एक लॉन्ग-एक्टिंग बेसल इंसुलिन है, जिसे इस तरह विकसित किया गया है कि इसका असर पूरे सप्ताह तक बना रहता है। इसका मकसद शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को लगातार नियंत्रित रखने में मदद करना है। इससे रोजाना इंजेक्शन लगाने की परेशानी कम हो सकती है और कई मरीजों के लिए इलाज का पालन करना आसान हो सकता है।
किन मरीजों के लिए हो सकता है फायदेमंद?
यह इंजेक्शन खास तौर पर उन मरीजों के लिए कारगर हो सकता है जिन्हें लंबे समय तक बेसल इंसुलिन की जरूरत होती है। खासकर ऐसे लोग जो रोजाना इंसुलिन लेना भूल जाते हैं या बार-बार इंजेक्शन लगाने में परेशानी महसूस करते हैं। हालांकि, यह तय करना कि कौन-सा इंसुलिन आपके लिए सही रहेगा, सिर्फ डॉक्टर ही कर सकते हैं।
नई इंसुलिन पर स्विच करने से पहले जान लें ये 7 जरूरी बातें
1. बिना डॉक्टर की सलाह के बदलाव न करें
अगर आप पहले से इंसुलिन ले रहे हैं, तो अपनी दवा या इंजेक्शन खुद से बंद या बदलने की गलती न करें। नई दवा शुरू करने का फैसला डॉक्टर की सलाह से ही लें।
2. हर मरीज के लिए सही विकल्प नहीं
डायबिटीज का इलाज मरीज की उम्र, हेल्थ, ब्लड शुगर के लेवल और दूसरी बीमारियों को ध्यान में रखकर तय किया जाता है। इसलिए सभी मरीजों को सप्ताह में एक बार वाला इंसुलिन नहीं दिया जाता।
3. शुरुआती दिनों में रेगुलर मॉनिटरिंग जरूरी
नई इंसुलिन शुरू करने के बाद शुरुआती कुछ हफ्तों तक ब्लड शुगर की रेगुलर जांच जरूरी हो सकती है, ताकि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर डोज में बदलाव कर सकें।
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