Smart Meter लगाने के बाद ज्यादा बिल क्यों आता है, यहां समझिए पूरी बात
देश के कई राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेज हो गया है। इसी बीच आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या smart meter लगने के बाद बिजली बिल बढ़ जाता है? हाल के दिनों में कई जगहों से शिकायतें सामने आई हैं कि smart meter लगने के बाद बिजली बिल पहले से ज्यादा आने लगा। इसी वजह से smart meter update लगातार चर्चा में बना हुआ है। हालांकि विशेषज्ञों और बिजली विभाग का कहना है कि हर बढ़ा हुआ बिल सीधे स्मार्ट मीटर की वजह से नहीं होता।
स्मार्ट मीटर का मुख्य काम बिजली खपत की अधिक सटीक रीडिंग देना होता है। पहले कई जगहों पर अनुमानित बिलिंग, देरी से मीटर रीडिंग या पुराने मीटर की कम सटीकता के कारण वास्तविक खपत पूरी तरह दर्ज नहीं हो पाती थी। जब smart meter लगाया जाता है, तो असली खपत साफ तौर पर रिकॉर्ड होने लगती है।
यही कारण है कि कई उपभोक्ताओं को पहली नजर में लग सकता है कि smart meter ने बिजली बिल बढ़ा दिया है, जबकि कई मामलों में असल वजह ज्यादा सटीक रीडिंग होती है। हाल में नोएडा के बिजली विभाग ने भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को अब वास्तविक खपत ज्यादा साफ दिखाई दे सकती है।
इस सवाल को लेकर काफी भ्रम है। उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार smart meter अपने आप से बिजली की यूनिट नहीं बढ़ाता। यह केवल जितनी बिजली इस्तेमाल होती है, उसे अधिक सटीक तरीके से रिकॉर्ड करता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पुराने मीटर में तकनीकी घिसावट थी या वह कम रीडिंग दिखा रहा था, तो smart meter लगने के बाद वास्तविक खपत सामने आ सकती है। इसी वजह से कुछ घरों में बिल अचानक ज्यादा महसूस हो सकता है। महाराष्ट्र में टाइम-ऑफ-डे smart meter को लेकर आई रिपोर्ट में भी यही बात सामने आई कि कई मामलों में नए मीटर की रीडिंग अधिक सटीक होती है।
स्मार्ट मीटर से बिल बढ़ने की असली वजह क्या हो सकती है
स्मार्ट मीटर का मुख्य काम बिजली खपत की अधिक सटीक रीडिंग देना होता है। पहले कई जगहों पर अनुमानित बिलिंग, देरी से मीटर रीडिंग या पुराने मीटर की कम सटीकता के कारण वास्तविक खपत पूरी तरह दर्ज नहीं हो पाती थी। जब smart meter लगाया जाता है, तो असली खपत साफ तौर पर रिकॉर्ड होने लगती है।
यही कारण है कि कई उपभोक्ताओं को पहली नजर में लग सकता है कि smart meter ने बिजली बिल बढ़ा दिया है, जबकि कई मामलों में असल वजह ज्यादा सटीक रीडिंग होती है। हाल में नोएडा के बिजली विभाग ने भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को अब वास्तविक खपत ज्यादा साफ दिखाई दे सकती है।
क्या स्मार्ट मीटर खुद से ज्यादा यूनिट दिखाता है?
इस सवाल को लेकर काफी भ्रम है। उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार smart meter अपने आप से बिजली की यूनिट नहीं बढ़ाता। यह केवल जितनी बिजली इस्तेमाल होती है, उसे अधिक सटीक तरीके से रिकॉर्ड करता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पुराने मीटर में तकनीकी घिसावट थी या वह कम रीडिंग दिखा रहा था, तो smart meter लगने के बाद वास्तविक खपत सामने आ सकती है। इसी वजह से कुछ घरों में बिल अचानक ज्यादा महसूस हो सकता है। महाराष्ट्र में टाइम-ऑफ-डे smart meter को लेकर आई रिपोर्ट में भी यही बात सामने आई कि कई मामलों में नए मीटर की रीडिंग अधिक सटीक होती है।
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