बारिश में भीगे जूते जल्दी कैसे सुखाएं? जानिए सबसे असरदार तरीके
मानसून के दौरान घर से निकलते समय जूतों का भीग जाना लगभग तय माना जाता है। चाहे ऑफिस जाना हो, कॉलेज पहुंचना हो या रोजमर्रा के काम निपटाने हों, बारिश के पानी से भीगे जूते न केवल असहज महसूस कराते हैं, बल्कि बदबू, बैक्टीरिया और फफूंद जैसी समस्याओं को भी बढ़ावा दे सकते हैं। कई लोग जूतों को जल्दी सुखाने के लिए उन्हें तेज धूप या हीटर के सामने रख देते हैं, लेकिन इससे उनका आकार और गुणवत्ता दोनों खराब हो सकते हैं। सही तरीके से जूते सुखाने से उनकी उम्र बढ़ती है और पैरों की सेहत भी बेहतर रहती है। आइए जानते हैं कि भीगे हुए जूतों को जल्दी और सुरक्षित तरीके से कैसे सुखाया जा सकता है।
जूते जितनी देर गीले रहते हैं, उनमें बैक्टीरिया और फफूंद पनपने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। इसलिए उन्हें बिना देर किए सुखाने की प्रक्रिया शुरू कर देना बेहतर होता है।
यदि अखबार उपलब्ध न हो, तो साफ और सूखे कागज के तौलिए भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। यह तरीका खासकर चमड़े और स्पोर्ट्स शूज़ के लिए सुरक्षित माना जाता है।
इसी तरह गीले जूतों को बंद अलमारी या बैग में रखना भी सही नहीं है। इससे नमी बाहर नहीं निकल पाती और बदबू के साथ फफूंद बनने का खतरा बढ़ जाता है।
यदि आप मानसून में रोजाना बाहर निकलते हैं, तो दो जोड़ी जूते रखना बेहतर विकल्प हो सकता है। एक जोड़ी सूखने के दौरान दूसरी जोड़ी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, सिलिका जेल पैकेट या नमी सोखने वाले डीह्यूमिडिफायर बैग भी जूतों के अंदर मौजूद अतिरिक्त नमी कम करने में मददगार हो सकते हैं।
भीगे हुए जूतों को तुरंत क्या करना चाहिए?
बारिश से घर लौटते ही सबसे पहले जूतों के फीते और इनसोल निकाल दें। इससे जूतों के अंदर हवा आसानी से पहुंचती है और नमी जल्दी बाहर निकलती है। यदि जूतों पर मिट्टी या गंदगी लगी है, तो उसे मुलायम ब्रश या गीले कपड़े से साफ कर लें।जूते जितनी देर गीले रहते हैं, उनमें बैक्टीरिया और फफूंद पनपने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। इसलिए उन्हें बिना देर किए सुखाने की प्रक्रिया शुरू कर देना बेहतर होता है।
अखबार का तरीका आज भी क्यों कारगर माना जाता है?
गीले जूतों को सुखाने का सबसे पुराना और प्रभावी तरीका अखबार का इस्तेमाल है। जूतों के अंदर अखबार भर देने से वह अतिरिक्त नमी को सोख लेता है। कुछ घंटों बाद अखबार बदल देने से जूते और तेजी से सूखने लगते हैं।यदि अखबार उपलब्ध न हो, तो साफ और सूखे कागज के तौलिए भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। यह तरीका खासकर चमड़े और स्पोर्ट्स शूज़ के लिए सुरक्षित माना जाता है।
किन गलतियों से बचना चाहिए?
कई लोग हेयर ड्रायर को बहुत गर्म तापमान पर इस्तेमाल करते हैं या जूतों को सीधे हीटर के सामने रख देते हैं। अत्यधिक गर्मी से जूतों का गोंद कमजोर हो सकता है, चमड़ा फट सकता है और रबर का आकार भी बदल सकता है।इसी तरह गीले जूतों को बंद अलमारी या बैग में रखना भी सही नहीं है। इससे नमी बाहर नहीं निकल पाती और बदबू के साथ फफूंद बनने का खतरा बढ़ जाता है।
कम लोग जानते हैं ये जरूरी बातें
विशेषज्ञों के अनुसार, हर बार जूते पूरी तरह सूखने से पहले दोबारा पहनना उनकी उम्र कम कर सकता है। नमी के कारण जूते की कुशनिंग और अंदर की सामग्री धीरे-धीरे खराब होने लगती है।यदि आप मानसून में रोजाना बाहर निकलते हैं, तो दो जोड़ी जूते रखना बेहतर विकल्प हो सकता है। एक जोड़ी सूखने के दौरान दूसरी जोड़ी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, सिलिका जेल पैकेट या नमी सोखने वाले डीह्यूमिडिफायर बैग भी जूतों के अंदर मौजूद अतिरिक्त नमी कम करने में मददगार हो सकते हैं।





