क्या धरती का पानी सूरज से भी पुराना है? विज्ञान का हैरान करने वाला सच
जब आप एक गिलास पानी पीते हैं, तो शायद ही कभी सोचते हैं कि उसके एक-एक अणु की उम्र कितनी होगी। हमें पानी रोजमर्रा की सबसे सामान्य चीज लगती है, लेकिन वैज्ञानिकों के लिए यह ब्रह्मांड के इतिहास का एक छोटा-सा रिकॉर्ड भी है। पृथ्वी लगभग 4.54 अरब साल पुरानी है और हमारा सूर्य भी करीब 4.6 अरब साल पहले बना था। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि पानी के कुछ अणुओं में मौजूद हाइड्रोजन शायद उससे भी पहले अस्तित्व में आ चुका था। इससे भी ज्यादा हैरानी की बात यह है कि वैज्ञानिकों को संकेत मिले हैं कि Solar System बनने से पहले मौजूद interstellar water का कुछ हिस्सा आज भी हमारे ग्रह पर मौजूद हो सकता है।
पानी बनाने वाला हाइड्रोजन ब्रह्मांड के सबसे पुराने तत्वों में से एक है। ऑक्सीजन बाद में तारों के भीतर बनी और पुराने तारों के जीवन के अंत में अंतरिक्ष में फैली। इन तत्वों के मिलने से अंतरतारकीय अंतरिक्ष में water molecules भी बन सकते थे।
2014 में वैज्ञानिकों ने दावा किया कि पृथ्वी के महासागरों के पानी का कुछ हिस्सा Solar System के बनने से पहले मौजूद रहा होगा। अध्ययन में deuterium, यानी hydrogen के भारी isotope, के अनुपात का इस्तेमाल करके पानी की संभावित उत्पत्ति का अध्ययन किया गया। (science.org)
Deuterium और सामान्य hydrogen का अनुपात यह संकेत दे सकता है कि पानी किस तरह के वातावरण में बना। Solar System में पाए जाने वाले पानी की तुलना interstellar conditions में बने पानी से करके वैज्ञानिक यह अनुमान लगाने की कोशिश करते हैं कि कितना पानी पहले से मौजूद था।
एक महत्वपूर्ण अध्ययन ने मॉडलिंग के आधार पर अनुमान लगाया कि Solar System के बनने के समय मौजूद water ice का एक बड़ा हिस्सा interstellar origin का हो सकता था। (science.org)
पानी का चक्र लगातार चलता रहता है। समुद्र का पानी वाष्प बनता है, बादल बनाता है, बारिश के रूप में गिरता है, जमीन में जाता है और फिर नदियों और महासागरों तक पहुंचता है।
इसके molecules अलग-अलग chemical processes में शामिल भी हो सकते हैं। इसलिए हम किसी एक गिलास पानी को उसकी पूरी यात्रा के साथ "4.6 अरब साल पुराना" नहीं कह सकते।
यानी पानी सिर्फ पृथ्वी की कहानी नहीं है। यह stars, planets और interstellar clouds के बीच चलने वाली एक बहुत बड़ी cosmic chemical story का हिस्सा है।
अगर ग्रहों के बनने से पहले water-rich material मौजूद रह सकता है, तो दूसरे planetary systems में भी पानी पहुंचने की सम्भावना बढ़ती है। इससे habitable planets और extraterrestrial life की खोज से जुड़े सवालों को भी एक नया संदर्भ मिलता है।
पानी सूरज से पहले कैसे मौजूद था?
सूर्य और पृथ्वी अचानक खाली अंतरिक्ष से पैदा नहीं हुए थे। हमारा Solar System गैस और धूल के एक विशाल molecular cloud से बना था। इस cloud में पहले से मौजूद कई रासायनिक तत्व और molecules थे।पानी बनाने वाला हाइड्रोजन ब्रह्मांड के सबसे पुराने तत्वों में से एक है। ऑक्सीजन बाद में तारों के भीतर बनी और पुराने तारों के जीवन के अंत में अंतरिक्ष में फैली। इन तत्वों के मिलने से अंतरतारकीय अंतरिक्ष में water molecules भी बन सकते थे।
2014 में वैज्ञानिकों ने दावा किया कि पृथ्वी के महासागरों के पानी का कुछ हिस्सा Solar System के बनने से पहले मौजूद रहा होगा। अध्ययन में deuterium, यानी hydrogen के भारी isotope, के अनुपात का इस्तेमाल करके पानी की संभावित उत्पत्ति का अध्ययन किया गया। (science.org)
वैज्ञानिकों ने पानी की उम्र का अनुमान कैसे लगाया?
यहां कहानी और दिलचस्प हो जाती है। वैज्ञानिक सीधे किसी पानी के अणु पर उसकी जन्मतिथि नहीं लिख सकते। इसके बजाय वे उसके isotopic fingerprints देखते हैं।Deuterium और सामान्य hydrogen का अनुपात यह संकेत दे सकता है कि पानी किस तरह के वातावरण में बना। Solar System में पाए जाने वाले पानी की तुलना interstellar conditions में बने पानी से करके वैज्ञानिक यह अनुमान लगाने की कोशिश करते हैं कि कितना पानी पहले से मौजूद था।
एक महत्वपूर्ण अध्ययन ने मॉडलिंग के आधार पर अनुमान लगाया कि Solar System के बनने के समय मौजूद water ice का एक बड़ा हिस्सा interstellar origin का हो सकता था। (science.org)
इसका मतलब यह नहीं कि आपका पानी अरबों साल से उसी गिलास में था
यह सबसे महत्वपूर्ण अंतर है। अगर आपके पानी का कोई हिस्सा Solar System से पहले मौजूद water molecules से आया है, तो इसका मतलब यह नहीं कि वही molecule अरबों वर्षों से लगातार पृथ्वी पर उसी रूप में पड़ा था।पानी का चक्र लगातार चलता रहता है। समुद्र का पानी वाष्प बनता है, बादल बनाता है, बारिश के रूप में गिरता है, जमीन में जाता है और फिर नदियों और महासागरों तक पहुंचता है।
इसके molecules अलग-अलग chemical processes में शामिल भी हो सकते हैं। इसलिए हम किसी एक गिलास पानी को उसकी पूरी यात्रा के साथ "4.6 अरब साल पुराना" नहीं कह सकते।
पानी ने अंतरिक्ष में भी लंबी यात्रा की है
वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में water ice और water vapour के प्रमाण कई जगह देखे हैं। ठंडे molecular clouds में पानी बर्फ के रूप में dust grains पर जमा हो सकता है। बाद में यही material नए stars और planetary systems के निर्माण में शामिल हो सकता है।यानी पानी सिर्फ पृथ्वी की कहानी नहीं है। यह stars, planets और interstellar clouds के बीच चलने वाली एक बहुत बड़ी cosmic chemical story का हिस्सा है।
यह खोज आज हमारे लिए क्यों मायने रखती है?
पानी की उत्पत्ति समझना केवल एक रोचक वैज्ञानिक सवाल नहीं है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि पृथ्वी जैसे ग्रहों पर जीवन के लिए जरूरी ingredients कैसे पहुंचते हैं।अगर ग्रहों के बनने से पहले water-rich material मौजूद रह सकता है, तो दूसरे planetary systems में भी पानी पहुंचने की सम्भावना बढ़ती है। इससे habitable planets और extraterrestrial life की खोज से जुड़े सवालों को भी एक नया संदर्भ मिलता है।
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