पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए हर यात्री करे ये छोटी बातें

बस, मेट्रो और ट्रेन जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं लाखों लोगों को रोज एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाती हैं। लेकिन जब इतनी बड़ी संख्या में लोग एक ही सीमित जगह साझा करते हैं, तो केवल नियमों का पालन करना ही काफी नहीं होता, दूसरों की सुविधा का ध्यान रखना भी जरूरी होता है। तेज आवाज में फोन पर बात करना, सीट पर बैग रखना, दरवाजे पर खड़े रहना या उतरने वाले यात्रियों को रास्ता न देना छोटी बातें लग सकती हैं, लेकिन भीड़ में ये आदतें दूसरों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती हैं। अच्छे public transport etiquette का मूल सिद्धांत सरल है: जिस सुविधा और सम्मान की उम्मीद आप दूसरों से करते हैं, वही उन्हें भी दें।
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पहले उतरने वालों को रास्ता दें

बस या मेट्रो का दरवाजा खुलते ही अंदर जाने की कोशिश करना आम गलती है।

पहले उतरने वाले यात्रियों को जगह देने से दोनों तरफ की भीड़ तेजी से व्यवस्थित होती है। यह खास तौर पर व्यस्त स्टेशनों पर बेहद उपयोगी आदत है।


सीट पर बैग न रखें

एक सीट पर आपका बैग बैठा हो और कोई यात्री खड़ा हो, तो यह असुविधाजनक स्थिति पैदा करता है।

बैग को गोद में रखें या उपलब्ध सामान रखने की जगह का इस्तेमाल करें। सार्वजनिक परिवहन में सीट निजी जगह नहीं होती।


जरूरतमंद यात्री को सीट दें

बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले लोग या किसी चोट से जूझ रहे यात्री को सीट की अधिक जरूरत हो सकती है।

किसी की जरूरत तुरंत दिखाई न दे, इसलिए थोड़ा संवेदनशील रहना बेहतर है।

फोन की आवाज कम रखें

लंबी यात्रा में फोन पर बात करना स्वाभाविक है, लेकिन तेज आवाज में बातचीत आसपास बैठे लोगों को परेशान कर सकती है।

ईयरफोन इस्तेमाल करते समय भी आवाज इतनी तेज न रखें कि आसपास के लोग संगीत या वीडियो सुन सकें।


रास्ता रोककर न खड़े हों

दरवाजे के सामने खड़े रहने से उतरने और चढ़ने वाले यात्रियों को परेशानी होती है।

अगर वाहन में जगह हो तो दरवाजे और सीढ़ियों से थोड़ा अंदर खड़े हों।

व्यक्तिगत सफाई का ध्यान रखें

भीड़भाड़ वाली जगहों पर व्यक्तिगत स्वच्छता सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं रह जाती। तेज परफ्यूम, पसीने की गंध या गीले कपड़ों की स्थिति में दूसरों की सुविधा का ध्यान रखना शिष्टाचार का हिस्सा है।

हाल की travel etiquette guidance में भी सार्वजनिक परिवहन में व्यक्तिगत स्वच्छता और दूसरों की सुविधा पर जोर दिया गया है।

खाने में भी संवेदनशील रहें

लंबी यात्रा में खाना जरूरी हो सकता है, लेकिन बहुत तेज गंध वाला भोजन आसपास बैठे यात्रियों के लिए असुविधाजनक हो सकता है।


खाते समय सफाई रखें और कचरा सीट या फर्श पर न छोड़ें।

सुरक्षा को प्राथमिकता दें

चलती बस में हैंडरेल पकड़ना, फुटबोर्ड से दूर रहना और वाहन के बाहर शरीर का कोई हिस्सा न निकालना बुनियादी सुरक्षा आदतें हैं। दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की road safety guidelines भी इन सावधानियों पर जोर देती हैं।