भारत में Autumn Colours देखने की 10 सबसे खूबसूरत जगहें, अक्टूबर में दिखता है प्रकृति का जादू

भारत में शरद ऋतु अक्सर मैदानों में मौसम के थोड़ा सुहावना होने तक सीमित लगती है, लेकिन पहाड़ों में इसका असर कहीं ज्यादा नाटकीय होता है। सितंबर के बाद बारिश कम होती है और ऊंचाई वाले इलाकों में पेड़ धीरे-धीरे अपनी हरी पत्तियों का रंग बदलने लगते हैं। हिमाचल पर्यटन के अनुसार सितंबर से नवंबर के बीच राज्य में शरद ऋतु के दौरान पेड़ सुनहरे और लाल रंगों में बदलते हैं। यही वजह है कि अक्टूबर भारत में autumn colours देखने के लिए एक दिलचस्प समय बन जाता है।
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शिमला के जंगल

शिमला को केवल मॉल रोड और औपनिवेशिक इमारतों के लिए देखना अधूरा अनुभव है। इसके आसपास देवदार, ओक और दूसरे पहाड़ी पेड़ों से ढकी ढलानें अक्टूबर में अलग-अलग रंग दिखाती हैं। शिमला के शरद महीने सितंबर से नवंबर माने जाते हैं।

नारकंडा और हाटू क्षेत्र

शिमला से आगे नारकंडा का इलाका अधिक शांत और जंगलों से घिरा है। अक्टूबर में यहां सेब के बागान और बदलती वनस्पति एक साथ दिखाई देती है। सुबह के समय पहाड़ों पर पड़ती हल्की धूप इस अनुभव को और खूबसूरत बनाती है।


सांगला घाटी

किन्नौर की सांगला घाटी autumn colours के साथ एक और दृश्य जोड़ती है, पकते हुए सेबों का। बास्पा नदी के किनारे बसे गांव और ढलानों पर बने सेब के बागान अक्टूबर में ग्रामीण जीवन को रंगों के साथ सामने लाते हैं।

कल्पा

कल्पा से किन्नौर की ऊंची चोटियों और जंगलों का शानदार दृश्य दिखाई देता है। यहां अक्टूबर में सुबह और शाम की रोशनी विशेष रूप से आकर्षक होती है। मौसम ठंडा होने लगता है, लेकिन दिन में धूप अब भी सुखद हो सकती है।


कुल्लू घाटी

कुल्लू की पहचान अक्टूबर में उसके दशहरे से भी जुड़ जाती है। रंग बदलती घाटी के बीच स्थानीय देवताओं की पालकियां, बाजार और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस मौसम को केवल प्राकृतिक नहीं, सांस्कृतिक उत्सव भी बना देते हैं।

धर्मशाला

धर्मशाला के आसपास ओक और शंकुधारी जंगल हैं। धौलाधार की पृष्ठभूमि और बदलते पेड़ों के रंग यहां की तस्वीर को खास बनाते हैं। बारिश के बाद साफ होने वाला वातावरण दूर की चोटियों को देखने में मदद करता है।

मुनस्यारी

उत्तराखंड का मुनस्यारी पंचाचूली पर्वत श्रृंखला के सामने बसा है। यह ऊपरी जोहार घाटी का ऐतिहासिक केंद्र रहा है और कभी भारत-तिब्बत व्यापार मार्गों से जुड़ा था।

औली

अक्टूबर में औली को बर्फीले स्की रिसॉर्ट की तरह देखने के बजाय खुली पहाड़ी घासभूमि और ओक-कोनिफर जंगलों के बीच एक शांत गंतव्य के रूप में देखना बेहतर है। पर्यटन विभाग भी इस अवधि को प्रकृति प्रेमियों के लिए उपयुक्त बताता है।


उत्तरकाशी और आसपास की घाटियां

उत्तरकाशी क्षेत्र में ऊंचाई के अनुसार वनस्पति का रंग बदलता है। अक्टूबर में ऊंचे क्षेत्रों में ठंड तेजी से बढ़ने लगती है, इसलिए यहां यात्रा करते समय दिन के समय का सही इस्तेमाल जरूरी है।

क्यों याद रहता है autumn

भारत में autumn colours यूरोप या उत्तरी अमेरिका जैसे विशाल पैमाने पर हर जगह नहीं दिखते। यही बात इन्हें खास बनाती है। यहां रंग छोटे-छोटे जंगलों, घाटियों और बागानों में बिखरे मिलते हैं।

आज जब यात्रा तेजी से तस्वीरें लेने तक सीमित होती जा रही है, शरद ऋतु का सफर थोड़ा धीमा चलने का कारण देता है। एक बदलता हुआ पेड़, पकता हुआ सेब और ठंडी होती पहाड़ी हवा याद दिलाती है कि मौसम कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि प्रकृति में दिखाई देने वाला बदलाव है।