7 अजीबोगरीब जानवर जिन्हें पालना पड़ सकता है भारी, दिखने में क्यूट लेकिन बेहद खतरनाक हैं ये Exotic Pets
पालतू जानवरों की बात आते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में कुत्ते और बिल्लियों की तस्वीर आती है। लेकिन कुछ लोग सामान्य पालतू जानवरों से हटकर अनोखे और विदेशी जीवों को अपने घर में रखना पसंद करते हैं। दिखने में ये जानवर बेहद खूबसूरत, प्यारे और आकर्षक लग सकते हैं, लेकिन इनकी असली दुनिया काफी अलग होती है। इनके अंदर छिपी जंगली प्रवृत्ति, शिकार करने की आदत और खुद की रक्षा करने के तरीके इन्हें खतरनाक बना सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 7 अजीबोगरीब Exotic Pets के बारे में, जो अपनी क्यूटनेस के बावजूद बेहद आक्रामक हो सकते हैं।
खतरा महसूस होने पर स्लो लोरिस अपनी कोहनी के पास मौजूद एक विशेष ग्रंथि को चाटता है। इसके बाद ग्रंथि से निकलने वाला स्राव लार के साथ मिलकर जहरीला मिश्रण बना सकता है। अगर यह किसी इंसान को काट ले, तो तेज दर्द और गंभीर एलर्जी जैसी प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। यानी इसकी शांत और प्यारी दिखने वाली शक्ल पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है।
हालांकि, इसका आकर्षक रूप इसकी जंगली आदतों को नहीं बदलता। डरने या अपने इलाके की रक्षा करने के दौरान फेनेक फॉक्स तेज चीख जैसी आवाजें निकाल सकता है और गुर्राने लगता है। इसके नुकीले दांत और तेजी से प्रतिक्रिया करने की क्षमता इसे काफी आक्रामक बना सकती है। अगर कोई व्यक्ति इसके व्यवहार को समझे बिना इसके करीब जाने की कोशिश करे, तो इसे काटने का खतरा रहता है।
लेकिन सर्वल सामान्य घरेलू बिल्ली की तरह व्यवहार नहीं करता। इसके मजबूत पैर और मांसपेशियां इसे 9 फीट से भी ज्यादा ऊंचाई तक छलांग लगाने में मदद कर सकती हैं। यह एक कुशल शिकारी है और इसकी शिकार करने की प्रवृत्ति घर में रहने के बावजूद बनी रहती है। छोटे पालतू जानवरों को यह शिकार समझ सकता है। वहीं, अगर इसे लगे कि कोई इसके इलाके में दखल दे रहा है, तो यह हाथों और पैरों पर हमला भी कर सकता है।
पिरान्हा के दांत त्रिकोणीय और बेहद नुकीले होते हैं। इनके मजबूत जबड़े काटने की काफी ताकत रखते हैं। खासतौर पर भोजन के समय या टैंक की सफाई के दौरान तनाव महसूस होने पर ये तेजी से प्रतिक्रिया कर सकती हैं। ऐसी स्थिति में इनके काटने से गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है। इसलिए इनके एक्वेरियम की देखभाल करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
खतरा महसूस होने या पकड़े जाने पर इसकी आंखों के पीछे मौजूद विशेष ग्रंथियों से दूधिया रंग का जहरीला पदार्थ निकलता है, जिसे बुफोटॉक्सिन (Bufotoxin) कहा जाता है। यह विष दूसरे जानवरों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। अगर कोई कुत्ता, बिल्ली या अन्य पालतू जानवर इसके संपर्क में आ जाए और इसे चाट ले या मुंह में डाल ले, तो गंभीर विषाक्तता हो सकती है। कुछ मामलों में यह दिल की धड़कन को प्रभावित कर जानलेवा भी साबित हो सकता है।
टोके गेको अपने इलाके को लेकर काफी सतर्क और आक्रामक होता है। अगर इसे खतरा महसूस हो या कोई इसके बहुत करीब पहुंच जाए, तो यह बिना देर किए काट सकता है। इसके जबड़े काफी मजबूत होते हैं और एक बार उंगली को पकड़ लेने के बाद यह आसानी से छोड़ता नहीं है। कई बार यह कुछ मिनटों तक काटे रख सकता है, जिससे गहरा घाव और तेज दर्द हो सकता है। इसलिए इसे संभालने के दौरान अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है।
हालांकि, डरने या खुद को असुरक्षित महसूस करने पर इसका व्यवहार अचानक बदल सकता है। जब शुगर ग्लाइडर घबराता है, तो वह 'क्रैबिंग' (Crabbing) नाम की भनभनाहट जैसी आवाज निकालता है। इसके बाद वह काटने या पंजों से हमला करने की कोशिश कर सकता है। इसके दांत पेड़ों की छाल को कुतरने के लिए बने होते हैं, जबकि नुकीले पंजे पकड़ बनाने में मदद करते हैं। अगर यह इंसान की त्वचा को अपने दांतों और पंजों से पकड़ ले, तो दर्दनाक चोट और खून निकलने की स्थिति पैदा हो सकती है।
किसी भी Exotic Pet को घर लाने से पहले उसके व्यवहार, देखभाल की जरूरतों, संभावित खतरों और कानूनी नियमों की पूरी जानकारी हासिल करना जरूरी है। खासतौर पर भारत में विदेशी वन्यजीवों को रखने से जुड़े नियमों और आवश्यक अनुमतियों की जांच करनी चाहिए। किसी प्रशिक्षित विशेषज्ञ या पशु चिकित्सक की सलाह लेना भी बेहतर है।
याद रखें, किसी जानवर का छोटा आकार या प्यारा चेहरा उसके सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है। उसकी प्राकृतिक प्रवृत्ति को समझना और उसके प्रति जिम्मेदारी निभाना ही एक अच्छा पेट ओनर बनने की पहली शर्त है।

1. स्लो लोरिस ( Slow Loris )
अपनी बड़ी-बड़ी आंखों और बेहद धीमी चाल के कारण स्लो लोरिस किसी मुलायम खिलौने जैसा दिखाई देता है। इसकी मासूम शक्ल देखकर शायद ही कोई अंदाजा लगा पाए कि यह दुनिया के उन गिने-चुने जहरीले स्तनधारी जीवों में शामिल है, जो इंसानों के लिए भी खतरनाक हो सकते हैं।खतरा महसूस होने पर स्लो लोरिस अपनी कोहनी के पास मौजूद एक विशेष ग्रंथि को चाटता है। इसके बाद ग्रंथि से निकलने वाला स्राव लार के साथ मिलकर जहरीला मिश्रण बना सकता है। अगर यह किसी इंसान को काट ले, तो तेज दर्द और गंभीर एलर्जी जैसी प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। यानी इसकी शांत और प्यारी दिखने वाली शक्ल पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है।
2. फेनेक फॉक्स ( Fennec Fox )
अपने छोटे शरीर और असाधारण रूप से बड़े कानों के लिए मशहूर फेनेक फॉक्स देखने में किसी प्यारे पालतू कुत्ते या बिल्ली जैसा लगता है। रेगिस्तानी इलाकों में पाया जाने वाला यह लोमड़ी की एक छोटी प्रजाति है, जिसे इसके अनोखे लुक के कारण Exotic Pet के तौर पर पसंद किया जाता है।हालांकि, इसका आकर्षक रूप इसकी जंगली आदतों को नहीं बदलता। डरने या अपने इलाके की रक्षा करने के दौरान फेनेक फॉक्स तेज चीख जैसी आवाजें निकाल सकता है और गुर्राने लगता है। इसके नुकीले दांत और तेजी से प्रतिक्रिया करने की क्षमता इसे काफी आक्रामक बना सकती है। अगर कोई व्यक्ति इसके व्यवहार को समझे बिना इसके करीब जाने की कोशिश करे, तो इसे काटने का खतरा रहता है।
3. सर्वल ( Serval )
अफ्रीका के घास के मैदानों में पाया जाने वाला सर्वल मध्यम आकार की जंगली बिल्ली है। इसके शरीर पर बने खूबसूरत धब्बे, लंबे पैर और आकर्षक बनावट इसे दूसरी बिल्लियों से अलग बनाते हैं। यही वजह है कि कुछ लोग इसे घर में पालने का शौक रखते हैं।लेकिन सर्वल सामान्य घरेलू बिल्ली की तरह व्यवहार नहीं करता। इसके मजबूत पैर और मांसपेशियां इसे 9 फीट से भी ज्यादा ऊंचाई तक छलांग लगाने में मदद कर सकती हैं। यह एक कुशल शिकारी है और इसकी शिकार करने की प्रवृत्ति घर में रहने के बावजूद बनी रहती है। छोटे पालतू जानवरों को यह शिकार समझ सकता है। वहीं, अगर इसे लगे कि कोई इसके इलाके में दखल दे रहा है, तो यह हाथों और पैरों पर हमला भी कर सकता है।
4. पिरान्हा ( Piranha )
एक्वेरियम में लाल पेट वाले पिरान्हा मछलियों को रखना कुछ लोगों के लिए रोमांचक शौक हो सकता है। दक्षिण अमेरिका में पाई जाने वाली ये मछलियां अपने तेज दांतों और आक्रामक भोजन करने के तरीके के लिए जानी जाती हैं।पिरान्हा के दांत त्रिकोणीय और बेहद नुकीले होते हैं। इनके मजबूत जबड़े काटने की काफी ताकत रखते हैं। खासतौर पर भोजन के समय या टैंक की सफाई के दौरान तनाव महसूस होने पर ये तेजी से प्रतिक्रिया कर सकती हैं। ऐसी स्थिति में इनके काटने से गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है। इसलिए इनके एक्वेरियम की देखभाल करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
5. केन टोड ( Cane Toad )
केन टोड एक बड़ी और दिखने में काफी अलग तरह की मेंढक प्रजाति है। इसकी अनोखी बनावट के कारण कुछ उभयचर जीवों के शौकीन इसे पालतू जानवर के रूप में रखना पसंद करते हैं। हालांकि, इसकी सबसे बड़ी खासियत इसके दांत या काटने की क्षमता नहीं, बल्कि शरीर में मौजूद जहरीली रक्षा प्रणाली है।खतरा महसूस होने या पकड़े जाने पर इसकी आंखों के पीछे मौजूद विशेष ग्रंथियों से दूधिया रंग का जहरीला पदार्थ निकलता है, जिसे बुफोटॉक्सिन (Bufotoxin) कहा जाता है। यह विष दूसरे जानवरों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। अगर कोई कुत्ता, बिल्ली या अन्य पालतू जानवर इसके संपर्क में आ जाए और इसे चाट ले या मुंह में डाल ले, तो गंभीर विषाक्तता हो सकती है। कुछ मामलों में यह दिल की धड़कन को प्रभावित कर जानलेवा भी साबित हो सकता है।
6. टोके गेको (Tokay Gecko)
नीले और नारंगी रंग के खूबसूरत धब्बों वाला टोके गेको देखने में बेहद आकर्षक छिपकली है। इसे अक्सर टेरारियम में रखा जाता है। लेकिन इसके रंगीन शरीर के पीछे एक बेहद आक्रामक स्वभाव छिपा होता है।टोके गेको अपने इलाके को लेकर काफी सतर्क और आक्रामक होता है। अगर इसे खतरा महसूस हो या कोई इसके बहुत करीब पहुंच जाए, तो यह बिना देर किए काट सकता है। इसके जबड़े काफी मजबूत होते हैं और एक बार उंगली को पकड़ लेने के बाद यह आसानी से छोड़ता नहीं है। कई बार यह कुछ मिनटों तक काटे रख सकता है, जिससे गहरा घाव और तेज दर्द हो सकता है। इसलिए इसे संभालने के दौरान अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है।
7. शुगर ग्लाइडर (Sugar Glider)
शुगर ग्लाइडर एक छोटा मार्सुपियल जीव है, जो अपने शरीर की विशेष झिल्ली की मदद से एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक फिसलकर जा सकता है। अपनी बड़ी आंखों और छोटे आकार के कारण यह काफी प्यारा दिखाई देता है। यह अपने देखभाल करने वाले इंसानों से गहरा जुड़ाव भी बना सकता है।हालांकि, डरने या खुद को असुरक्षित महसूस करने पर इसका व्यवहार अचानक बदल सकता है। जब शुगर ग्लाइडर घबराता है, तो वह 'क्रैबिंग' (Crabbing) नाम की भनभनाहट जैसी आवाज निकालता है। इसके बाद वह काटने या पंजों से हमला करने की कोशिश कर सकता है। इसके दांत पेड़ों की छाल को कुतरने के लिए बने होते हैं, जबकि नुकीले पंजे पकड़ बनाने में मदद करते हैं। अगर यह इंसान की त्वचा को अपने दांतों और पंजों से पकड़ ले, तो दर्दनाक चोट और खून निकलने की स्थिति पैदा हो सकती है।
Exotic Pets पालने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अनोखे और विदेशी जानवरों को पालना जितना रोमांचक दिखाई देता है, उनकी देखभाल उतनी ही चुनौतीपूर्ण हो सकती है। हर जानवर की अपनी प्राकृतिक प्रवृत्ति, खानपान और रहने का अलग तरीका होता है। ऐसे जीवों को सामान्य पालतू जानवरों की तरह संभालना सही नहीं है।किसी भी Exotic Pet को घर लाने से पहले उसके व्यवहार, देखभाल की जरूरतों, संभावित खतरों और कानूनी नियमों की पूरी जानकारी हासिल करना जरूरी है। खासतौर पर भारत में विदेशी वन्यजीवों को रखने से जुड़े नियमों और आवश्यक अनुमतियों की जांच करनी चाहिए। किसी प्रशिक्षित विशेषज्ञ या पशु चिकित्सक की सलाह लेना भी बेहतर है।
याद रखें, किसी जानवर का छोटा आकार या प्यारा चेहरा उसके सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है। उसकी प्राकृतिक प्रवृत्ति को समझना और उसके प्रति जिम्मेदारी निभाना ही एक अच्छा पेट ओनर बनने की पहली शर्त है।
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