Is Boiling Milk Safe? क्या सच में दूध को 5 मिनट उबालने से सारे खतरनाक बैक्टीरिया मर जाते हैं,जाने सच
दूध को लेकर आमतौर पर राष्ट्रीय स्तर पर खबरें कम ही आती हैं, लेकिन इस महीने ये चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लैब रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमूल सहित कई ब्रांड्स के पैकेट वाले दूध में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मात्रा ज्यादा पाई गई है। इसके बाद से सोशल मीडिया पर दूध की सुरक्षा को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। इसके जवाब में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने जांच तेज कर दी है। वहीं, संबंधित कंपनियों ने किसी भी तरह की गलती से इनकार किया है और कहा है कि ऐसा ट्रांसपोर्ट या दुकानों पर दूध को सही तापमान पर न रखने की वजह से हो सकता है। ब्रांड के नाम से परे, इस विवाद ने भारतीय घरों में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सवाल ये है कि क्या जो दूध हर सुबह उबाला जाता है, वह वास्तव में सुरक्षित है? Amul milk controversy के बाद लोगों में काफी भ्रम है। क्या दूध में उफान आने के बाद उसे पांच मिनट तक और उबालने से वह पीने के लिए पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है?
क्या उबालने से बैक्टीरिया खत्म होते हैं?
इसका सीधा जवाब है कि इससे ज्यादातर बैक्टीरिया मर जाते हैं, लेकिन सब कुछ नहीं। भारत में मिलने वाले पैकेट के दूध को आमतौर पर pasteurised किया जाता है। इसका मतलब है कि इसे 15 सेकंड के लिए लगभग 72°C पर गर्म किया जाता है और फिर तेजी से ठंडा किया जाता है। ये प्रक्रिया ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे हानिकारक कीटाणुओं को 99 प्रतिशत से ज्यादा कम कर देती है। हालांकि, पाश्चुरीकृत दूध पूरी तरह से कीटाणु रहित नहीं होता है।उबालने का सही तरीका
जब घर पर दूध को उबाला जाता है और उफान आने के बाद उसे पांच मिनट तक और गर्म किया जाता है, तो तापमान 100°C को पार कर जाता है। ये प्रक्रिया बचे हुए ज्यादातर बैक्टीरिया को खत्म कर देती है, जिसमें कोलीफॉर्म जीव भी शामिल हैं। ये सुरक्षा की एक दूसरी परत के रूप में काम करता है। लेकिन इसमें एक पेंच भी है। उबालने से रासायनिक मिलावट दूर नहीं होती है। अगर दूध में यूरिया, डिटर्जेंट, कास्टिक सोडा या सिंथेटिक चीजें मिली हैं, तो गर्मी उनका असर खत्म नहीं करती है। लंबे समय तक उबालने के बाद भी ये चीजें सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके अलावा, बहुत ज्यादा उबालने से विटामिन B12 और फोलेट जैसे पोषक तत्व कम हो सकते हैं। इसलिए, जहां उबालने से कीटाणु कम होते हैं, वहीं ये खराब दूध को पूरी तरह "शुद्ध" नहीं बनाता है।Next Story