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Appam Recipe: क्या है अप्पम बनाने का सही तरीका? जानें घोल तैयार करने से लेकर पकाने तक की पूरी जानकारी

भारत का खाना अपनी अलग अलग तरह की चीजों के लिए बहुत ज्यादा जाना जाता है। देश के हर हिस्से में कुछ ना कुछ अलग पकाया और खाया जाता है। अगर दक्षिण भारत की बात की जाए तो वहां के पुराने पकवानों में अप्पम का नाम बहुत ज्यादा मशहूर है। ये एक बहुत ही पुराना और लोगों का सबसे पसंदीदा खाना है जिसे मुख्य रूप से केरल और तमिलनाडु में बहुत ही ज्यादा शौक से खाया जाता है। जो लोग South Indian dish पसंद करते हैं उन्हें ये खाना बहुत ही ज्यादा भाता है।
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मुलायम और कुरकुरा स्वाद

बता दें कि अप्पम खाने में बहुत ही हल्का और बहुत ज्यादा स्वादिष्ट होता है। इसकी सबसे बड़ी और खास बात इसकी बनावट है। दरअसल ये बीच में से एकदम मुलायम और स्पंजी होता है जबकि इसके किनारे बहुत ही पतले और काफी कुरकुरे होते हैं। इडली और डोसा खाने के बाद ये एक ऐसा नाम है जो हर किसी को बहुत ज्यादा पसंद आता है। जब इसे आपकी थाली में परोसा जाता है तो इसका स्वाद और भी ज्यादा बढ़ जाता है। सेहत के साथ साथ ये स्वाद में भी बहुत ही लाजवाब होता है। इसे खाने के बाद पेट भारी नहीं लगता है और मन भी खुश हो जाता है।

अप्पम की पुरानी कहानी

अप्पम सिर्फ एक खाने की डिश नहीं है बल्कि ये दक्षिण भारत की बहुत बड़ी और पुरानी संस्कृति का एक बहुत बड़ा हिस्सा है। इस खाने का इतिहास काफी पुराना माना जाता है। दरअसल दक्षिण भारत में चावल और नारियल बहुत बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। वहां के खेतों में यही चीजें ज्यादा उगती हैं। इन्हीं दोनों चीजों के बहुत ज्यादा होने के कारण इस खास पकवान का जन्म हुआ था। समय बीतने के साथ साथ ये वहां के स्थानीय खाने की संस्कृति में इस तरह घुलमिल गया कि आज ये पकवान हर घर की एक बड़ी पहचान बन चुका है।


संस्कृति और त्योहारों से जुड़ाव

केरल में अप्पम की एक बहुत विशेष और खास बात है। वहां के कई बड़े त्योहारों और घर के बड़े आयोजनों में इसे खास तौर पर पकाया जाता है। क्योंकि इसे बनाने में मुख्य रूप से खेतों में उगने वाले चावल और नारियल का इस्तेमाल होता है इसलिए ये खाना वहां के पुराने ढंग के साथ साथ वहां की स्थानीय खेती को भी बहुत ही अच्छी तरह से दिखाता है। लोग इसे अपनों के साथ मिल जुलकर खाते हैं और अपनी खुशी मनाते हैं।

बनाने में लगने वाला सामान

इस बहुत ही हल्के और मजेदार खाने को बनाने के लिए बहुत ही बुनियादी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। इसे बनाने के लिए आपको सबसे पहले चावल चाहिए होते हैं। इसके साथ ही नारियल का दूध बहुत ज्यादा जरूरी होता है। स्वाद को बढ़ाने के लिए थोड़ा सा नमक डाला जाता है और खमीर उठाने के लिए भी चीजें चाहिए होती हैं। इन सब चीजों के साथ ये पकवान बहुत ही अच्छी तरह से तैयार होता है।


अप्पम बनाने का तरीका

अप्पम बनाने की प्रक्रिया थोड़ी लंबी जरूर होती है मगर ये बहुत ही ज्यादा दिलचस्प भी होती है। सबसे पहले चावलों को कई घंटों तक पानी में बहुत ही अच्छी तरह से भिगोकर रखा जाता है। जब चावल तैयार हो जाते हैं तो उन्हें नारियल के दूध के साथ पीसकर एक पतला घोल बना लिया जाता है। इस घोल को तुरंत पकाया नहीं जाता है बल्कि इसमें खमीर उठने के लिए इसे कुछ समय तक ऐसे ही छोड़ दिया जाता है जिससे इस पकवान का स्वाद और भी ज्यादा निखर कर आता है।

अप्पाचट्टी का काम

जब घोल पूरी तरह से तैयार हो जाता है तब इसे पकाने की बारी आती है। इसके लिए एक खास बर्तन का इस्तेमाल किया जाता है जिसे अप्पम पैन या अप्पाचट्टी कहते हैं। इस बर्तन में घोल डालकर उसे ढक्कन से ढक दिया जाता है और बस कुछ ही मिनटों तक पकाया जाता है। इस खास बर्तन के कारण ही इसका आकार इतना अच्छा आता है।

परोसने का शानदार अंदाज

पकने के बाद अप्पम बिल्कुल एक छोटी सी कटोरी के आकार का दिखने लगता है जो थाली में बहुत ही ज्यादा आकर्षक लगता है। इसके स्वाद का पूरा मजा लेने के लिए इस गरमा गरम अप्पम को आम तौर पर अलग अलग तरह की मजेदार सब्जियों या करी के साथ परोसा जाता है। इसे खाने के बाद लोग इसका स्वाद कभी नहीं भूल पाते हैं और इसे बार बार खाना चाहते हैं।

एक बेहतरीन अनुभव

जो लोग दक्षिण भारत के स्वाद को करीब से जानना चाहते हैं उनके लिए ये खाना एक बहुत ही शानदार चीज है। इसके कुरकुरे किनारे और इसका मुलायम बीच का हिस्सा खाने वालों को एक अलग ही तरह का मजा देता है। केरल और तमिलनाडु की गलियों से निकलकर आज ये खाना देश भर में अपनी जगह बना चुका है। इसे बनाने की पूरी प्रक्रिया भले ही समय लेती हो लेकिन जब ये गरमा गरम थाली में आता है तो सारी मेहनत सफल हो जाती है। इसे पकाना और खाना दोनों ही बहुत खुशी देते हैं।