Soaked Seeds Benefits: चिया सीड्स, अलसी, कद्दू के बीज और बादाम खाने का सही तरीका क्या है? जानिए कितनी देर भिगोकर खाना चाहिए
आज के समय में हर तरफ अलग-अलग तरह के बीज खाने का चलन बहुत बढ़ गया है। लोग अपनी सेहत को अच्छा रखने के लिए चिया सीड्स, अलसी के बीज, खरबूज के बीज, तरबूज के बीज और कद्दू के बीज को अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं। इन बीजों को सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। डॉक्टर भी ये सलाह देते हैं कि लोगों को अपनी रोज की डाइट में कुछ बीज जरूर शामिल करने चाहिए। जब लोग अपनी डाइट में इन बीजों को शामिल करते हैं तो उनके बालों का झड़ना कम हो जाता है। इन छोटे-छोटे बीजों के अंदर बहुत अच्छे फैट्स और विटामिन पाए जाते हैं। ये विटामिन और फैट्स इंसान की सेहत को अंदर से सुधारने का काम करते हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि क्या इन बीजों को खाने का कोई खास तरीका भी होता है। क्या सभी तरह के बीज और सूखे मेवे या ड्राई फ्रूट्स को भिगोकर ही खाना चाहिए। ये जानना बहुत जरूरी है कि बीज खाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है।

आयुर्वेद के मुताबिक बीज खाने का तरीका
आयुर्वेद में खान-पान को लेकर बहुत सी बातें बताई गई हैं। आयुर्वेद के हिसाब से बीजों को भिगोकर खाना सबसे बढ़िया तरीका माना जाता है। इसके पीछे एक बहुत ही खास वजह भी बताई गई है। असल में जिस भी पेड़ या पौधे का बीज खाने के लिए उपयोग किया जाता है, उस बीज के अंदर उस पौधे के सभी पोषक तत्व बहुत ही छोटे रूप में जमा रहते हैं। इसका मतलब ये है कि इन बीजों में जो भी पोषण होता है, वो एक तरह से सिमटा हुआ होता है। सारा पोषण बीज के अंदर एक जगह इकठ्ठा होकर रुक जाता है। ऐसे में अगर कोई उस बीज का पूरा फायदा लेना चाहता है, तो उसे पानी में भिगोना बहुत ही जरूरी होता है। जब बीजों को पानी में भिगोया जाता है, तो उनके अंदर मौजूद सभी पोषक तत्व जाग जाते हैं। ये पोषक तत्व एक जीवित अवस्था में आ जाते हैं, जिससे शरीर को उनका पूरा लाभ मिल पाता है।बीजों को कितनी देर तक भिगोना चाहिए
बीज खाने से पहले ये बात ध्यान रखनी चाहिए कि उन्हें कितनी देर तक पानी में रखना है। बीजों को कम से कम 2 घंटे के लिए तो जरूर भिगोना चाहिए। अगर किसी के पास ज्यादा समय है, तो वो बीजों को ज्यादा से ज्यादा 6 से 8 घंटे तक पानी में भिगोकर रख सकता है। इतने समय में बीज पूरी तरह से तैयार हो जाते हैं। बीजों को भिगोने से पहले एक और काम करना बहुत जरूरी है। बीजों को पानी में डालने से पहले उन्हें अच्छी तरह से धो लेना चाहिए। इसका कारण ये है कि बीजों को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए उन पर कई तरह के पाउडर या दवाएं लगाई जाती हैं। अगर बीजों को बिना धोए भिगो दिया जाए, तो ये चीजें पानी में मिल सकती हैं। इसलिए सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।सूखा मेवा खाने का सही नियम
बीजों को भिगोने वाला ये नियम सिर्फ बीजों पर ही नहीं बल्कि हर तरह के सूखे मेवों पर भी लागू होता है। चाहे काजू हो, बादाम हो या अखरोट, इन सबको भी भिगोकर ही खाना चाहिए। किशमिश, अंजीर, आलूबुखारा, पिस्ता और बाकी सभी तरह के ड्राई फ्रूट्स को भी खाने से पहले अच्छी तरह साफ पानी से धोना चाहिए। धोने के बाद इन्हें कुछ घंटों के लिए पानी में छोड़ देना चाहिए। इस तरीके से मेवों के अंदर जो ऊर्जा रुकी हुई होती है, वो एक्टिव हो जाती है। जब ये ऊर्जा एक्टिव हो जाती है, तो ये शरीर को ज्यादा शक्ति देती है। सूखे मेवों को बिना भिगोए खाने से वो शरीर को उतना फायदा नहीं दे पाते जितना भिगोकर खाने से मिलता है।भिगोकर खाने के बड़े फायदे
बीज और मेवों को भिगोकर खाने का एक सबसे बड़ा फायदा ये है कि उनकी तासीर बदल जाती है। अक्सर सूखे मेवे और बीज सीधे खाने पर शरीर में गर्मी पैदा करते हैं क्योंकि इनकी तासीर गर्म मानी जाती है। लेकिन जब इन्हीं बीजों और मेवों को पानी में कुछ घंटों के लिए भिगो दिया जाता है, तो ये शरीर को ठंडक देने लगते हैं। इसके अलावा भिगोए हुए बीज और मेवे पचने में भी बहुत आसान हो जाते हैं। बहुत से लोग सूखे मेवे खाते हैं लेकिन उन्हें वो ठीक से पच नहीं पाते। भिगोने के बाद ये चीजें बहुत जल्दी पच जाती हैं और शरीर को ज्यादा फायदा पहुँचाती हैं। इसलिए सेहत को बेहतर बनाने के लिए हमेशा बीजों और मेवों को भिगोकर ही खाना चाहिए।Next Story