ठंड के दिनों में मन हमेशा कुछ गरमागरम और चटपटा खाने का करता है। इस मौसम में बाजार में ताजी और रसीली मूली मिलती है। मूली के पराठे तो सभी खाते हैं लेकिन क्या आपने कभी चावल के आटे और मूली की पूरियां आजमाई हैं। ये कॉम्बिनेशन स्वाद में बहुत ही अनोखा और लाजवाब होता है। चावल के आटे की वजह से ये पूरियां बहुत कुरकुरी बनती हैं और मूली का स्वाद पुरियो में चार चांद लगा देता है। ये नाश्ता बनाने में भी बहुत आसान है और इसे बच्चे हो या बड़े सभी बड़े चाव से खाते हैं।
नाश्ते का बेहतरीन ऑप्शन
अक्सर घर पर सुबह के नाश्ते को लेकर यह उलझन रहती है कि क्या नया बनाया जाए। अगर घर पर मेहमान आने वाले हों तो ये डिश एक शानदार ऑप्शन साबित हो सकती है। इन पूरियों को आप सादी चाय के साथ भी परोस सकते हैं और किसी मसालेदार सब्जी के साथ भी इनका तालमेल बहुत अच्छा बैठता है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि ये पूरियां एक दो दिन तक खराब नहीं होती हैं इसलिए इन्हें सफर के दौरान ले जाना भी बहुत फायदेमंद रहता है।
जरूरी सामग्री की लिस्ट
इस डिश को तैयार करने के लिए रसोई में मौजूद साधारण चीजों की जरूरत होती है। आधा किलो ताजी मूली और करीब 250 ग्राम चावल का आटा इसके मुख्य आधार हैं। इसके अलावा एक कप पानी, थोड़ा सा तेल, कलौंजी, अजवाइन और नमक स्वाद के हिसाब से चाहिए। स्वाद को और बढ़ाने के लिए एक चम्मच अदरक लहसुन का पेस्ट, बारीक कटी हरी मिर्च और खूब सारा हरा धनिया भी पास रख लें। कुटी हुई लाल मिर्च भी इसके तीखेपन को संतुलित करने के काम आएगी।
ऐसे तैयार करे आटा
सबसे पहले एक चौड़े बर्तन या कड़ाही में पानी गरम करें। जब पानी अच्छे से उबलने लगे तो उसमें एक चम्मच घी डाल दें। इसके बाद पानी में कलौंजी, अजवाइन, नमक और कुटी लाल मिर्च डालें। अब इसमें कद्दूकस की हुई मूली और अदरक लहसुन का पेस्ट मिला दें। आखिर में चावल का आटा डालें और आंच धीमी कर दें। आटे को अच्छे से चलाकर मिक्स करें और फिर गैस बंद करके इसे दो मिनट के लिए ढंक दें। भाप में आटा अच्छी तरह सेट हो जाता है। इसके बाद इसमें हरा धनिया और हरी मिर्च मिलाकर हाथ से अच्छे से गूंथ लें।
पूरियां बेलने का तरीका
जब आटा हल्का ठंडा हो जाए और छूने लायक हो जाए तो इसे अच्छी तरह मल लें ताकि यह चिकना हो जाए। अब छोटी छोटी लोइयां तोड़ लें। चावल का आटा थोड़ा नाजुक होता है इसलिए पूरियां बेलते समय थोड़ा ध्यान रखें। हल्का सा तेल लगाकर छोटी और गोल पूरियां बेल लें। ध्यान रहे कि पूरियां न तो बहुत पतली हों और न ही बहुत ज्यादा मोटी। सही आकार और मोटाई की वजह से ही ये पूरियां अच्छे से फूलती हैं और खस्ता बनती हैं।
तलने का सही तरीका
एक कड़ाही में तेल गरम करें। तेल जब अच्छे से गरम हो जाए तो आंच को मध्यम कर दें। अब सावधानी से एक एक करके पूरियां तेल में डालें। इन्हें दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेकें। मध्यम आंच पर तलने से चावल का आटा अंदर तक पक जाता है और बाहर से एकदम क्रिस्पी रहता है। जब पूरियां फूलकर सुनहरी हो जाएं तो इन्हें बाहर निकाल लें। इसी तरह सारी पूरियां तैयार कर लें।
परोसने के सुझाव
इन गरमागरम पूरियों को आप आम के अचार या तीखी हरी चटनी के साथ खा सकते हैं। अगर आप इन्हें खाने के लिए बना रहे हैं तो आलू की रसेदार सब्जी इनके साथ बहुत स्वादिष्ट लगती है। जो लोग चाय के शौकीन हैं उन्हें तो ये पूरियां बिना किसी चीज के भी बहुत पसंद आएंगी। सर्दियों की धूप में बैठकर इन खस्ता पूरियों का स्वाद लेना एक अलग ही अनुभव है। सर्दी खत्म होने से पहले एक बार इस आसान रेसिपी को घर पर जरूर आजमाएं।