Clay Pot Cooling Hack: पुराना मटका भी देगा फ्रिज जैसा ठंडा पानी, बस अपनाएं ये आसान घरेलू टिप्स और बढ़ाएं कूलिंग पावर

गर्मी के सीजन में आम, लीची, तरबूज और खरबूजा जैसे फलों के अलावा और भी कई चीजें होती हैं जिन्हें खूब पसंद किया जाता है। इनमें से एक मटके का पानी भी है। गर्मियों में कुछ लोग सिर्फ मटके का पानी पीना पसंद करते हैं। भारत में सदियों से गर्मियों के दौरान मटके का पानी खूब पिया जाता है। आज भी घरों में लोग इसे रखते हैं। कई तो इसे फ्रिज से भी बेहतर मानते हैं। इसमें रखा पानी गर्मी से राहत दिलाने में कारगर होता है।

पुराने मटके के साथ पानी ठंडा करने की परेशानी

लोगों के साथ एक दिक्कत रहती है कि उनका मटका पुराना हो गया है तो ये पानी ठंडा नहीं करता है। घरों में लोगों को डर रहता है कि उनके इस पुराने मटके में पानी ठंडा होगा या नहीं। पर कुछ आसान टिप्स को अपनाकर पुराने मटके को भी पहले जैसा किया जा सकता है। अगर ये पुराना हो जाए तो पानी को कम ठंडा करना शुरू कर देता है। ऐसे में मटके की देखभाल बेहतर तरीके से करने की सलाह दी जाती है। इन आसान तरीकों से मटके की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।

मटका कैसे करता है पानी को इतना ठंडा

सबसे पहले जानना जरूरी है कि मटका कैसे काम करता है। दरअसल मटके में वाष्पीकरण की प्रक्रिया होती है इसलिए ये पानी ठंडा रखता है। मिट्टी से बनी मटके की दीवारों से जब अंदर रखा पानी किसी तरह बाहर आता है तो ये हवा के संपर्क में आने से सूखने लगता है। नमी बनने की वजह से अंदर का पानी बहुत ठंडा रहता है।

पुराने मटके की नमक और नींबू से सफाई

ऐसा कहा जाता है कि अगर मटका पुराना हो जाए तो इसके बारीक-बारीक छेद बंद होने लगते हैं। इसलिए हर पंद्रह दिन में इसकी सफाई की सलाह दी जाती है। रखे हुए मटके की नमक से अच्छे से सफाई करनी चाहिए। मटके के अंदर पानी डालें और स्क्रबर पर नमक डालकर हल्के हाथों से रगड़ें। आप चाहें तो स्क्रबर पर नमक के साथ नींबू भी डाल सकते हैं। नींबू को क्लीनिंग एजेंट भी माना जाता है। ये दोनों चीजें खटास से अंदर जमी चिकनाई खत्म करेंगी जिससे मटका अच्छे से साफ हो पाता है। ये तरीका पुराने मटके को नए जैसा बनाने में कारगर है।

मटके को पानी में लंबे समय तक भिगोना

मटके को पहले जैसा बनाने के लिए इसमें नमी को बरकरार रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए मटके को किसी तरह पानी के अंदर करीब छह से आठ घंटे के लिए भिगो दें। माना जाता है कि ऐसा करने से मटके की कूलिंग कैपेसिटी बढ़ती है।

बेकिंग सोडा से करें मटके की गहरी सफाई

अगर मटका पुराना है तो इसके अंदर गंदगी या चिकनाई का जमना लाजमी है। ऐसे में बेकिंग सोडा का नुस्खा आजमाकर भी इस गंदगी को नेचुरली दूर किया जा सकता है। मटके को अंदर से गीला करके इसमें बेकिंग सोडा डालें और स्क्रबर से अच्छे से रगड़ें। इस नुस्खे को मटके की बाहर की परत पर भी आजमाना है क्योंकि अंदर ही नहीं बाहर के छेद भी बंद हो जाते हैं।

जूट के कपड़े से मटके की कूलिंग बढ़ाना

पुराने या देसी तरीके से भी मटके की कूलिंग कैपेसिटी बढ़ाई जा सकती है। जूट के कपड़े को काटकर मटके पर ऐसे बांधें कि हवा न जाए। अब जूट की लेयर को पानी से गीला कर दें और मटके को पीने के पानी से भर लें। ये तरीका भी पानी को देर तक ठंडा रख सकता है।

मटके को रखने की एकदम सही जगह

पीने के पानी से भरे मटके को हमेशा ऐसी जगह रखें जहां हवा का फ्लो ठीक हो। दरअसल ऐसा करने से मटके की वाष्पीकरण की प्रक्रिया तेज हो जाती है। मटके को सीधे धूप में रखने की गलती न करें क्योंकि इससे ये खराब हो जाता है।
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