भारत के किस शहर को कॉफी राजधानी कहा जाता है?

बेंगलुरु को भारत की कॉफी राजधानी ( Coffee Capital of India ) के रूप में जाना जाता है। इसका मुख्य कारण यहाँ स्थित कॉफी बोर्ड का मुख्यालय, प्रमुख कॉफी उत्पादक क्षेत्रों से इसकी निकटता और कर्नाटक का देश के कुल उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान है। इसके अलावा, कॉफी के व्यापार और निर्यात में भी बेंगलुरु की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि बेंगलुरु को यह खिताब क्यों मिला।
Hero Image


बेंगलुरु को भारत की कॉफी राजधानी क्यों कहते हैं?

भारतीय कॉफी उद्योग में बेंगलुरु एक प्रशासनिक, वाणिज्यिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में कार्य करता है। यह शहर कॉफी उत्पादकों, निर्यातकों, शोधकर्ताओं और वैश्विक बाजारों को एक सूत्र में जोड़ने का काम करता है। भारत के कॉफी उत्पादन, निर्यात और प्रचार से जुड़े लगभग सभी बड़े फैसले इसी शहर से लिए जाते हैं।

कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया का मुख्यालय

भारत सरकार के तहत आने वाला कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया का मुख्यालय बेंगलुरु में ही स्थित है। यह संस्थान कॉफी के अनुसंधान, गुणवत्ता नियंत्रण, ब्रांडिंग और किसानों की सहायता के लिए जिम्मेदार है। यही कारण है कि बेंगलुरु को भारत के कॉफी क्षेत्र का प्रशासनिक केंद्र माना जाता है।


ये भी पढ़ें: Cashew Capital Of The World: जानिए कोल्लम के काजू उद्योग का गौरवशाली इतिहास

प्रमुख कॉफी उत्पादक क्षेत्रों की निकटता

बेंगलुरु, कर्नाटक के उन जिलों के बेहद करीब है जहाँ भारत की सबसे बेहतरीन कॉफी उगाई जाती है, जैसे कि कुर्ग (कोडागु), चिकमगलूर और हासन। ये क्षेत्र उच्च गुणवत्ता वाली अरेबिका और रोबस्टा कॉफी के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं।


कर्नाटक: सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक राज्य

भारत के कुल कॉफी उत्पादन में कर्नाटक का हिस्सा लगभग 70% है। बेंगलुरु, कर्नाटक की राजधानी होने के नाते, स्वाभाविक रूप से इस पूरे उद्योग के व्यापारिक और प्रशासनिक केंद्र के रूप में उभरा है।

दुनिया में कॉफी का सबसे बड़ा उत्पादक देश

वैश्विक स्तर पर ब्राजील कॉफी का सबसे बड़ा उत्पादक है। भारत दुनिया के शीर्ष 10 कॉफी उत्पादक देशों में शामिल है और देश का अधिकांश उत्पादन दक्षिण भारतीय राज्यों, विशेषकर कर्नाटक में होता है।

व्यापार और निर्यात का मुख्य केंद्र

बेंगलुरु कॉफी के व्यापार, नीलामी और प्रोसेसिंग का एक बड़ा हब है। दक्षिण भारत से आने वाली कॉफी की ग्रेडिंग और मार्केटिंग यहीं होती है। यहाँ स्थित विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से भारतीय कॉफी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाया जाता है।

कॉफी संस्कृति और स्टार्टअप्स

बेंगलुरु की पहचान यहाँ की पारंपरिक साउथ इंडियन फिल्टर कॉफी से रही है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह शहर आधुनिक कैफे, स्पेशलिटी कॉफी रोस्टर्स और कॉफी स्टार्टअप्स का भी गढ़ बन गया है, जिसने इसकी 'कॉफी कैपिटल' वाली छवि को और भी मजबूत किया है।