मानसून की देरी: स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव
मानसून की देरी ने भारत के कई हिस्सों में भयंकर गर्मी का सामना करने के लिए मजबूर कर दिया है, और चिकित्सकों का कहना है कि इसके स्वास्थ्य पर प्रभाव केवल असुविधा तक सीमित नहीं हैं। कई क्षेत्रों में लगातार गर्मी के कारण लोग गर्मी के तनाव का सामना कर रहे हैं, जो कई दिनों तक उच्च तापमान के संपर्क में रहने से उत्पन्न होता है। इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट, डॉ. सुरंजित चटर्जी के अनुसार, लगातार गर्मी का संपर्क शरीर पर बढ़ता दबाव डालता है, भले ही लोग ज्यादातर समय indoors बिताते हों। उन्होंने कहा, "मानसून की देरी का मतलब है कि लोग कई दिनों तक उच्च तापमान के संपर्क में रहते हैं, बिना बारिश के ठंडक के। जब रात का तापमान सामान्य से अधिक रहता है, तो शरीर को ठंडा होने और ठीक होने का पर्याप्त समय नहीं मिलता। यह गर्मी का संचयी प्रभाव लोगों को लगातार थका हुआ, निर्जलित और चिड़चिड़ा महसूस करवा सकता है, भले ही वे बाहर सीमित समय बिताते हों।"