प्लांट प्रोटीन बनाम एनिमल प्रोटीन: कौन सा है बेहतर विकल्प?
आजकल फिटनेस के क्षेत्र में प्रोटीन के सेवन पर जोर दिया जा रहा है। प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है और लंबे समय तक भूख को नियंत्रित रखता है। जब हम प्रोटीन की बात करते हैं, तो दो मुख्य प्रकार सामने आते हैं: प्लांट बेस्ड प्रोटीन, जो पौधों से प्राप्त होता है, और एनिमल प्रोटीन, जो पशुओं से मिलता है। आइए जानते हैं कि इनमें से कौन सा प्रोटीन हमारे शरीर के लिए अधिक लाभकारी है।
ब्रिटेन के सर्जन डॉक्टर करण राजन ने एक वीडियो में बताया कि मांसपेशियों के लिए कौन सा प्रोटीन सबसे अच्छा है। एनिमल प्रोटीन मांसपेशियों के विकास के लिए तात्कालिक रूप से अधिक प्रभावी होता है। शोध से पता चलता है कि यह पौधों से प्राप्त प्रोटीन की तुलना में मांसपेशियों में प्रोटीन सिंथेसिस की दर को अधिक बढ़ाता है। एनिमल प्रोटीन से शरीर को सभी आवश्यक अमीनो एसिड मिलते हैं, जबकि कई प्लांट प्रोटीन में फाइबर होता है, जो अमीनो एसिड के पाचन को धीमा कर सकता है।
मांसपेशियों के विकास के लिए प्रोटीन का चयन
यदि आप मांसपेशियों का विकास करना चाहते हैं, तो एनिमल प्रोटीन अधिक प्रभावी साबित होता है। एनिमल प्रोटीन का सेवन करने से मांसपेशियों में प्रोटीन सिंथेसिस की गति लगभग 50 प्रतिशत बढ़ जाती है। हालांकि, मांसपेशियों में वृद्धि एक दिन में नहीं होती, इसलिए निरंतरता आवश्यक है। मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए रेजिस्टेंस ट्रेनिंग और प्रोटीन का सेवन दोनों जरूरी हैं।
प्लांट बेस्ड प्रोटीन के अच्छे स्रोतों में सोया उत्पाद जैसे टोफू, टेम्पेह, दालें, और फलियां शामिल हैं। इसके अलावा, मेवे, बीज, और कुछ अनाज जैसे क्विनोआ और ओट्स भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।
एनिमल प्रोटीन के स्रोत
एनिमल प्रोटीन में मांस, पोल्ट्री, मछली, और डेयरी उत्पाद शामिल हैं। चिकन, टर्की, और मछली जैसे सैल्मन और टूना उच्च प्रोटीन प्रदान करते हैं। अंडे और डेयरी उत्पाद जैसे दूध और दही भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।