आयरन की कमी को दूर करने के लिए सस्ती और प्रभावी डाइट योजना
बाजार में ऐसे कई आयरन सप्लीमेंट्स उपलब्ध हैं जो थकान और चक्कर आने की समस्या को दूर करने का वादा करते हैं। हालांकि, एक अच्छा सप्लीमेंट आयरन की कमी को सुधारने में मदद कर सकता है, लेकिन यह अकेले दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नहीं है। हमने मातृत्व अस्पताल गुड़गांव की आहार और पोषण विशेषज्ञ डॉ. निशा मंडल से सलाह ली है कि कैसे ₹1,000 के बजट में आयरन की कमी को दूर किया जा सकता है।
साप्ताहिक खरीदारी सूची 1. अनाज और बाजरागुड़ - 500 ग्राम
गेहूं का आटा - 2 किलोग्राम
भुना चना या सत्तू - 500 ग्राम
2. दालें और प्रोटीन स्रोत
काले चने - 500 ग्राम
राजमा - 500 ग्राम
मसूर दाल - 500 ग्राम
सोया चंक्स - 250 ग्राम
अंडे - 12
3. हरी पत्तेदार सब्जियाँ
पालक - 3 गुच्छे
मेथी - 2 गुच्छे
राजगिरा - 2 गुच्छे
4. सब्जियाँ
चुकंदर - 500 ग्राम
गाजर - 500 ग्राम
टमाटर - 1 किलोग्राम
प्याज - 1 किलोग्राम
नींबू - 8 से 10
5. फल (आयरन अवशोषण के लिए विटामिन C)
अमरूद - 1 किलोग्राम
संतरा - 1 किलोग्राम
आंवला (मौसमी) - 250 ग्राम
6. नट्स और बीज
तिल - 200 ग्राम
मूंगफली - 500 ग्राम
7. मांसाहारी विकल्प
चिकन लीवर - एक छोटी मात्रा, सप्ताह में एक बार
सार्डिन - सप्ताह में एक बार
इनमें से, डॉ. निशा काले चने, रागी, पालक, गुड़ और तिल को अनिवार्य खरीदारी के रूप में बताती हैं। काले चने प्रोटीन और आयरन का सस्ता स्रोत हैं और इन्हें विभिन्न तरीकों से उपयोग किया जा सकता है। रागी एक बेहतरीन पौधों का आयरन स्रोत है, जो कैल्शियम और फाइबर से भी भरपूर है। डॉ. निशा पालक की बहुपरकारीता की सराहना करती हैं और इसे नींबू के साथ खाने की सलाह देती हैं। गुड़ सफेद चीनी की तुलना में बेहतर विकल्प है, जबकि तिल आयरन से भरपूर होते हैं।
डॉ. निशा सुबह के नाश्ते के लिए रागी का दलिया बनाने की सलाह देती हैं, जिसमें दूध, पानी, गुड़ और तिल मिलाए जाते हैं। यदि आप नमकीन नाश्ता पसंद करते हैं, तो पालक बेसन का चोखा एक त्वरित और आयरन से भरपूर विकल्प है। सत्तू और नींबू का पेय एक बेहतरीन मध्याह्न पेय है। लंच और डिनर के लिए काले चने की करी और रोटी या पालक राजमा का कटोरा सरल और पौष्टिक विकल्प हैं। एक चुकंदर-मूंगफली का सलाद भी अच्छा है। डॉ. निशा यह भी बताती हैं कि नींबू का उपयोग सभी भोजन में करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आयरन के अवशोषण में मदद करता है।
आयरन की कमी को दूर करने के लिए अपनाई गई डाइट का प्रभाव सबसे पहले आपकी ऊर्जा और सहनशक्ति पर दिखाई देगा। डॉ. निशा कहती हैं कि आपको दिनभर कम थकान महसूस होगी और आपकी त्वचा और नाखूनों में सुधार होगा। यदि थकान बनी रहती है या अन्य लक्षण जैसे बालों का गिरना, सांस लेने में कठिनाई, या ठंड लगना जारी रहता है, तो आपको अपने आहार में बदलाव करने की आवश्यकता हो सकती है।