क्या मखाना भूनने से इसके पोषक तत्व कम होते हैं?
मखाना अब भारतीयों के बीच एक पसंदीदा स्नैक बन चुका है। यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है और इसके सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। लेकिन एक सवाल अक्सर उठता है कि क्या इसे भूनने से इसके पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं। मखाना को देसी घी में भूनकर और नमक डालकर खाने का अनुभव अलग ही होता है। इससे इसका स्वाद बढ़ जाता है और यह सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। हालांकि, यह जानना जरूरी है कि इसे भूनना चाहिए या नहीं। मखाना, जो पानी में उगता है, व्रत, स्नैक या हेल्दी डाइट के रूप में खाया जाता है, कमल के बीजों से बनता है और कई जगहों पर इसे फूल मखाना भी कहा जाता है।
कैलोरी: 350-370 kcal
प्रोटीन: 9-10 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट: 75-77 ग्राम
फाइबर: 7-8 ग्राम
फैट: 0.5-1 ग्राम
कैल्शियम: 60 मिलीग्राम
आयरन: 1.4 मिलीग्राम
मैग्नीशियम: 90 मिलीग्राम
पोटैशियम: लगभग 500 मिलीग्राम
फास्फोरस: लगभग 200 मिलीग्राम
क्या मखाना भूनने से पोषक तत्व खत्म होते हैं?
डॉ. गीतिका चोपड़ा, एक होलिस्टिक डाइटीशियन, बताती हैं कि यह एक सामान्य मिथक है कि मखाना भूनने से इसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं। हल्का भूनना पूरी तरह से सुरक्षित है और इससे मखाने के न्यूट्रिएंट्स प्रभावित नहीं होते। मखाना पहले से ही कम कैलोरी, उच्च प्रोटीन, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। जब इसे हल्का भूनते हैं, तो इसका स्वाद और पाचन क्षमता दोनों में सुधार होता है।
कब होता है पोषक तत्वों को नुकसान?
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आप इसे अधिक गर्मी पर भूनते हैं, तो पोषक तत्वों को नुकसान हो सकता है। लेकिन सामान्य भूनने में ऐसा नहीं होता। हमेशा कम तापमान पर हल्का भूनें। इसमें थोड़ा सा घी, काला नमक और हल्दी मिलाकर सेवन किया जा सकता है। ओवररोस्टिंग या जलने से बचें। भुना हुआ मखाना एक स्वस्थ स्नैक विकल्प है, बशर्ते इसे सही तरीके से पकाया जाए।
वजन नियंत्रण: यह एक कम कैलोरी और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है।
दिल के लिए फायदेमंद: इसमें सोडियम कम और मैग्नीशियम अधिक होता है, जो रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद करता है।
डायबिटीज के लिए: इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे रक्त शुगर तेजी से नहीं बढ़ता।
हड्डियों के लिए: इसमें कैल्शियम और फास्फोरस होते हैं, जो हड्डियों और दांतों के लिए फायदेमंद हैं।