गर्मियों के मौसम में लौकी की सब्जी सिर्फ पेट को ही ठंडक नही देती, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। हालांकि, कई बार बाजार से लाई हुई लौकी बाहर से तो अच्छी दिखती है, पर पकने में काफी समय लेती है। ऐसी लौकी का स्वाद फीका या कड़वा हो सकता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो आपको लौकी खरीदने का सही तरीका पता होना चाहिए।
गोल बनाम लंबी लौकी
बाजार में प्रमुख तरह से दो तरह की लौकी मिलती है। एक लंबी लौकी और पतली लौकी और दूसरी लौकी, कृषि विज्ञान में लंबी लौकी को नरेंद्र शिवानी कहा जाता है और गोल लौकी को नरेंद्र माधुरी के नाम से जाना जाता है। आमतौर पर लोग गोल लौकी को देसी लौकी कहते हैं। स्वाद और पकने के मामले में ये दोनों ही एक दूसरे से अलग होती हैं।
कौन सी लौकी जल्दी पकती है
अगर आप ऐसी सब्जी बनाना चाहते हैं जो जल्दी गल जाए और एकदम घुली हुई बने, तो गोल लौकी एक अच्छा विकल्प है। गोल लौकी लंबी लौकी के मुकाबले बहुत आसानी से पक जाती है और इसका स्वाद भीज्यादा मीठा होता है। लंबी लौकी कई बार तेजी से बड़ा करने के लिए इंजेक्शन का इस्तेमाल भी किया जाता है, जिसके कारण वह पकने में समय लेती है।
ताजी लौकी की पहचान
लौकी खरीदते समय उसके ऊपर के हिस्से को जरूर देखें। अगर ऊपर का हिस्सा ताजा टूटा हुआ लगे और सूखा न लगे, तो इसका मतलब है, कि लौकी ताजी है। बासी या सूखी हुई लौकी अंदर से भी रेशेदार होती है जो न तो ठीक से गलती है और न ही खाने में अच्छी लगती है।
रंग पर दें ध्यान
अच्छी लौकी की त्वचा हमेशा चिकनी और गहरे या मध्यम हरे रंग की होती है। अगर लौकी के ऊपर छोटे-छोटे रोएं नजर आ रहे हैं, तो इसका मतलब है के, लौकी बिलकुल ताजा है। ऐसी लौकी बहुत ही नरम होती है और इसमें बीज भी कम होते हैं। लौकी हमेशा मीडियम साइज की चुन्नी चाहिए। ज्यादा बड़ी लौकी अक्सर ज्यादा पकी हुई और बीजों से भरी हो सकती है।
नाखून से चेक करें
लौकी की शुद्धता और उसके कच्चेपन को परखने का एक सटीक तरीका है जो कि है, नाखून चुभाकर देखना। अगर छिलके में नाखून आसानी से चला जाए, तो इसका मतलब है कि, वो लौकी ताजी और कच्ची है। ऐसी लौकी की सब्जी बहुत ही स्वादिष्ट और लाजवाब बनती है। अगली बार बाजार जाते समय इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें. इन बातो का ध्यान रखकर आप अपनी रसोई के लिए बेहतर सब्जी चुन सकते हैं।