चमकीली और रंग-बिरंगी कैंडीज सेहत के लिए हो सकती हैं खतरनाक, इन आसान घरेलू तरीकों से परखें शुद्धता

आजकल बाजार में मिलने वाली रंग-बिरंगी कैंडीज, लॉलीपॉप और चॉकलेट बच्चों को अपनी ओर बहुत जल्दी आकर्षित करती हैं। माता-पिता भी अक्सर बच्चों को खुश करने के लिए या उनके रोने पर इन्हें आसानी से दिला देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन आकर्षक कैंडीज में भारी मात्रा में मिलावट हो सकती है? मुनाफा कमाने के चक्कर में कई कंपनियां इनमें हानिकारक रसायनों, घटिया रंगों और चॉक जैसी चीजों का इस्तेमाल करती हैं। यह मिलावटी चीजें बच्चों के लिवर, किडनी और मानसिक विकास पर बहुत बुरा असर डालती हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि डिटेक्ट एडल्ट्रेटेड कैंडी के तरीकों को जानकर आप घर पर ही इनकी शुद्धता की जांच करें।
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नकली और सिंथेटिक रंगों की ऐसे करें पहचान

कैंडी को चमकदार और सुंदर बनाने के लिए अक्सर प्रतिबंधित केमिकल वाले रंगों का प्रयोग किया जाता है। इसकी जांच करने के लिए एक कांच के गिलास में थोड़ा सा साफ पानी लें। अब इसमें कैंडी को डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। अगर कैंडी पानी में जाते ही बहुत तेजी से गाढ़ा रंग छोड़ने लगे और पानी का रंग बेहद गहरा हो जाए, तो समझ जाएं कि इसमें हानिकारक डाई या केमिकल वाले रंगों का इस्तेमाल किया गया है। प्राकृतिक रंग पानी में बहुत धीरे-धीरे घुलते हैं और वे इतने गहरे नहीं होते।

चॉक और वॉशिंग सोडा का आसान टेस्ट

सस्ती कैंडीज में वजन बढ़ाने और गाढ़ापन लाने के लिए चॉक पाउडर या वॉशिंग सोडा जैसी खतरनाक चीजें मिलाई जाती हैं। इसे पकड़ने के लिए कैंडी का एक छोटा टुकड़ा लें और उसे पीस लें। अब एक परखनली या छोटी कटोरी में इस पाउडर को डालें और ऊपर से थोड़ा सा नींबू का रस या सिरका मिलाएं। अगर नींबू का रस डालते ही उसमें से तेजी से झाग या बुलबुले निकलने लगें, तो यह साफ संकेत है कि कैंडी में चॉक या सोडा मिलाया गया है। शुद्ध कैंडी में इस तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है।